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Bilaspur News: जनवरी से शुरू होगा सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना का निर्माण कार्य
Wed, 04 Dec 2024 11:07 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 04 Dec 2024 11:07 PM IST
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-नेटवर्क के टेंडर के लिए फर्म ने भरी हैं 30 फीसदी ज्यादा बिड
-सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के 40 करोड़ के टेंडर की तकनीक बिड पूरी
-फाइनेंशियल बिड की मंजूरी के लिए पीएमयू ने एएफडी को भेजी फाइल
अनिल ठाकुर
बिलासपुर। शहर की 103 करोड़ रुपये की सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना के तहत नेटवर्क के लिए जारी 63 करोड़ रुपये के टेंडर में एक ज्वाइंट वेंचर फर्म ने विभाग की अनुमानित लागत से 30 प्रतिशत ज्यादा बिड भरी है। इस पर प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (पीएमयू) मंडी ने फर्म को नेगोशिएशन के लिए बुलाया है, ताकि टेंडर की लागत विभाग की अनुमानित लागत के भीतर आ सके। यह काम पूरा होते ही जनवरी से परियोजना का निमार्ण कार्य पूरा हो जागा।
फर्म द्वारा बिड ज्यादा भरने के कारण परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने में देर हुई है। लेकिन अब यह प्रक्रिया इस माह के अंत तक पूरी हो सकती है, विभाग जल्द ही परियोजना के कार्य शुरू करने की तैयारी में है। फर्म ने इसपर बातचीत के लिए सहमति जताई। उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी में काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये के टेंडर की तकनीकी बिड पूरी हो चुकी है। अब बुधवार को फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बिड के लिए दो बीडर क्वालीफाई हुए हैं, जिनकी फाइनेंशियल बिड को अब एएफडी (एजेंसी फ्रांसिस डी डेवलपमेंट) को समीक्षा के लिए भेजा गया है। एएफडी से फाइनेंशियल बिड की मंजूरी मिलने के बाद उसे टेंडर जारी किया जाएगा जिसकी बिड कम होगी। बिलासपुर शहर की सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में सीवरेज नेटवर्क का निर्माण होगा, जबकि दूसरे हिस्से में ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना होगी। नेटवर्क के लिए 63 करोड़ रुपये का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है, जबकि ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 40 करोड़ रुपये का टेंडर अब जारी किया गया है। यह परियोजना बिलासपुर शहर की सीवरेज व्यवस्था को आधुनिक बनाने, शहर के लोगों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक अहम कदम साबित होगी।
इस परियोजना के लिए फ्रांसीसी विकास एजेंसी (एएफडी) ने 103 करोड़ रुपये की फंडिंग मंजूर की है। जल शक्ति विभाग ने इस परियोजना के लिए एएफडी को 103 करोड़ का प्राक्कलन भेजा था, जिसे एएफडी ने स्वीकृत कर दिया है। बिलासपुर में 60 साल पुरानी सीवरेज व्यवस्था अब शहर की बढ़ती आबादी और आधुनिक आवश्यकताओं के हिसाब से नाकाफी साबित हो रही थी। इस परियोजना के तहत नई सीवरेज व्यवस्था तैयार की जा रही है, जो 2040 तक की आबादी की जरूरतों को पूरा कर सकेगी। 32 किलोमीटर की सीवरेज लाइन बिछाने के साथ दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे।
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कोट
अधिकारियों की टिप्पणी
बिलासपुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना के लिए दो भागों में टेंडर किया जा रहा है। पहला टेंडर नेटवर्क के लिए 63 करोड़ रुपये का जारी किया गया है, और दूसरा टेंडर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 40 करोड़ रुपये का है। पहले टेंडर में फर्म ने बिड ज्यादा भरी है, इसके लिए विभाग और फर्म के बीच बातचीत चल रही है। इस माह सारी औपचारिकता पूरी हो जाएंगी। जनवरी से काम शुरू होगा। वहीं दूसरे टेंडर की फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे पात्र फर्म को जारी कर दिया जाएगा।
राजकुमार कौंडल, अधिशासी अभियंता, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट मंडी
संवाद
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-सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के 40 करोड़ के टेंडर की तकनीक बिड पूरी
-फाइनेंशियल बिड की मंजूरी के लिए पीएमयू ने एएफडी को भेजी फाइल
अनिल ठाकुर
बिलासपुर। शहर की 103 करोड़ रुपये की सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना के तहत नेटवर्क के लिए जारी 63 करोड़ रुपये के टेंडर में एक ज्वाइंट वेंचर फर्म ने विभाग की अनुमानित लागत से 30 प्रतिशत ज्यादा बिड भरी है। इस पर प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (पीएमयू) मंडी ने फर्म को नेगोशिएशन के लिए बुलाया है, ताकि टेंडर की लागत विभाग की अनुमानित लागत के भीतर आ सके। यह काम पूरा होते ही जनवरी से परियोजना का निमार्ण कार्य पूरा हो जागा।
फर्म द्वारा बिड ज्यादा भरने के कारण परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने में देर हुई है। लेकिन अब यह प्रक्रिया इस माह के अंत तक पूरी हो सकती है, विभाग जल्द ही परियोजना के कार्य शुरू करने की तैयारी में है। फर्म ने इसपर बातचीत के लिए सहमति जताई। उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी में काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये के टेंडर की तकनीकी बिड पूरी हो चुकी है। अब बुधवार को फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बिड के लिए दो बीडर क्वालीफाई हुए हैं, जिनकी फाइनेंशियल बिड को अब एएफडी (एजेंसी फ्रांसिस डी डेवलपमेंट) को समीक्षा के लिए भेजा गया है। एएफडी से फाइनेंशियल बिड की मंजूरी मिलने के बाद उसे टेंडर जारी किया जाएगा जिसकी बिड कम होगी। बिलासपुर शहर की सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में सीवरेज नेटवर्क का निर्माण होगा, जबकि दूसरे हिस्से में ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना होगी। नेटवर्क के लिए 63 करोड़ रुपये का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है, जबकि ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 40 करोड़ रुपये का टेंडर अब जारी किया गया है। यह परियोजना बिलासपुर शहर की सीवरेज व्यवस्था को आधुनिक बनाने, शहर के लोगों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक अहम कदम साबित होगी।
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इस परियोजना के लिए फ्रांसीसी विकास एजेंसी (एएफडी) ने 103 करोड़ रुपये की फंडिंग मंजूर की है। जल शक्ति विभाग ने इस परियोजना के लिए एएफडी को 103 करोड़ का प्राक्कलन भेजा था, जिसे एएफडी ने स्वीकृत कर दिया है। बिलासपुर में 60 साल पुरानी सीवरेज व्यवस्था अब शहर की बढ़ती आबादी और आधुनिक आवश्यकताओं के हिसाब से नाकाफी साबित हो रही थी। इस परियोजना के तहत नई सीवरेज व्यवस्था तैयार की जा रही है, जो 2040 तक की आबादी की जरूरतों को पूरा कर सकेगी। 32 किलोमीटर की सीवरेज लाइन बिछाने के साथ दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे।
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बिलासपुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना के लिए दो भागों में टेंडर किया जा रहा है। पहला टेंडर नेटवर्क के लिए 63 करोड़ रुपये का जारी किया गया है, और दूसरा टेंडर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 40 करोड़ रुपये का है। पहले टेंडर में फर्म ने बिड ज्यादा भरी है, इसके लिए विभाग और फर्म के बीच बातचीत चल रही है। इस माह सारी औपचारिकता पूरी हो जाएंगी। जनवरी से काम शुरू होगा। वहीं दूसरे टेंडर की फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे पात्र फर्म को जारी कर दिया जाएगा।
राजकुमार कौंडल, अधिशासी अभियंता, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट मंडी
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