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Bilaspur News: बच्चों को मोबाइल देने से पहले रखें उम्र और जरूरत का ध्यान
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बंदला स्कूल में आयोजित संवाद कार्यक्रम में मौजूद स्टाफ व एसएमसी सदस्य। स्रोत: स्कूल प्रबंधन
बंदला स्कूल में शिक्षा संवाद, अभिभावकों को मोबाइल के दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक
अनुशासन और सर्वांगीण विकास पर किया मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय प्राथमिक पाठशाला बंदला में शिक्षा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएमसी प्रधान नारकली देवी ने की। इस दौरान अभिभावकों और पाठशाला प्रबंधन समिति के सदस्यों के बीच बच्चों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। बच्चों को मोबाइल फोन देने और उसके उचित प्रयोग को लेकर विशेष रूप से मंथन हुआ। अभिभावकों को बताया गया कि कम उम्र में बच्चों को मोबाइल फोन देने से उनकी पढ़ाई, एकाग्रता और व्यवहार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मोबाइल के अत्यधिक या गलत इस्तेमाल से होने वाली समस्याओं और दुष्प्रभावों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। अभिभावकों से बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार ही फोन का प्रयोग करवाने का आग्रह किया गया। शिक्षा संवाद के दौरान बच्चों के सीखने के स्तर, परिणाम और प्रगति को अभिभावकों के साथ साझा किया गया। एफए-1 और एफए-2 मूल्यांकन की जानकारी देने के साथ पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा के लर्निंग आउटकम पर चर्चा हुई। बच्चों की उपस्थिति और आगामी परीक्षाओं को लेकर भी अभिभावकों को आवश्यक जानकारी दी गई। बैठक में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण, निपुण भारत मिशन में अभिभावकों की भूमिका और माता-पिता को बच्चों का प्रथम शिक्षक बताते हुए उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया। फिट इंडिया मूवमेंट, आत्मरक्षा और स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी गतिविधियों में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। स्कूल विकास योजना तैयार करने और बच्चों की शिक्षा बेहतर बनाने के लिए एसएमसी व अभिभावकों के आपसी सहयोग पर बल दिया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मुख्य शिक्षक संजीव शर्मा सहित शिक्षक, वार्ड सदस्य, अभिभावक और एसएमसी सदस्य मौजूद रहे।
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अनुशासन और सर्वांगीण विकास पर किया मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय प्राथमिक पाठशाला बंदला में शिक्षा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएमसी प्रधान नारकली देवी ने की। इस दौरान अभिभावकों और पाठशाला प्रबंधन समिति के सदस्यों के बीच बच्चों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। बच्चों को मोबाइल फोन देने और उसके उचित प्रयोग को लेकर विशेष रूप से मंथन हुआ। अभिभावकों को बताया गया कि कम उम्र में बच्चों को मोबाइल फोन देने से उनकी पढ़ाई, एकाग्रता और व्यवहार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मोबाइल के अत्यधिक या गलत इस्तेमाल से होने वाली समस्याओं और दुष्प्रभावों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। अभिभावकों से बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार ही फोन का प्रयोग करवाने का आग्रह किया गया। शिक्षा संवाद के दौरान बच्चों के सीखने के स्तर, परिणाम और प्रगति को अभिभावकों के साथ साझा किया गया। एफए-1 और एफए-2 मूल्यांकन की जानकारी देने के साथ पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा के लर्निंग आउटकम पर चर्चा हुई। बच्चों की उपस्थिति और आगामी परीक्षाओं को लेकर भी अभिभावकों को आवश्यक जानकारी दी गई। बैठक में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण, निपुण भारत मिशन में अभिभावकों की भूमिका और माता-पिता को बच्चों का प्रथम शिक्षक बताते हुए उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया। फिट इंडिया मूवमेंट, आत्मरक्षा और स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी गतिविधियों में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। स्कूल विकास योजना तैयार करने और बच्चों की शिक्षा बेहतर बनाने के लिए एसएमसी व अभिभावकों के आपसी सहयोग पर बल दिया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मुख्य शिक्षक संजीव शर्मा सहित शिक्षक, वार्ड सदस्य, अभिभावक और एसएमसी सदस्य मौजूद रहे।