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श्री नयना देवी जी में दो दिन में 7468 श्रद्धालुओं ने टेका माथा
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बिलासपुर। विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी मंदिर में 29 दिसंबर शाम से लेकर 30 दिसंबर की शाम तक कई राज्यों से आए 7468 श्रद्धालुओं ने मां के दर पर नव वर्ष मेले के दौरान शीश नवाया। वहीं, इस मेले के लिए स्थानीय और जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं। कोविड काल में आयोजित इस मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए कई जगह स्क्रीनिंग प्वाइंट बनाए गए हैं।
नववर्ष के दौरान चार दिन तक चलने वाले इस मेले में पुलिस के करीब 300 कर्मी ड्यूटी पर तैनात हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी दिन रात सेवाएं देने में जुटे हैं। चार दिन तक चलने वाले इस मेले में 29 और 30 दिसंबर को रस नहीं दिखाई देता है। इसके चलते मंदिर के कपाट रात 10 बजे बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन 31 दिसंबर को नववर्ष के चलते भारी भीड़ मंदिर में उमड़ पड़ती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने फैसला लिया है कि 31 दिसंबर रात को मंदिर सिर्फ दो घंटे के लिए ही बंद किया जाएगा। इसके अलावा आरती के समय ही मंदिर कुछ देर के लिए बंद होगा। मंदिर न्यास अधिकारी हुस्न चंद ने बताया कि कोविड के चलते एसओपी के अनुसार ही श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए जा रहे हैं। वहीं, मंदिर में लंगर और रात्रि ठहराव बंद है। श्रद्धालु पैकेड फूड का प्रयोग कर सकते हैं।
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नववर्ष के दौरान चार दिन तक चलने वाले इस मेले में पुलिस के करीब 300 कर्मी ड्यूटी पर तैनात हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी दिन रात सेवाएं देने में जुटे हैं। चार दिन तक चलने वाले इस मेले में 29 और 30 दिसंबर को रस नहीं दिखाई देता है। इसके चलते मंदिर के कपाट रात 10 बजे बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन 31 दिसंबर को नववर्ष के चलते भारी भीड़ मंदिर में उमड़ पड़ती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने फैसला लिया है कि 31 दिसंबर रात को मंदिर सिर्फ दो घंटे के लिए ही बंद किया जाएगा। इसके अलावा आरती के समय ही मंदिर कुछ देर के लिए बंद होगा। मंदिर न्यास अधिकारी हुस्न चंद ने बताया कि कोविड के चलते एसओपी के अनुसार ही श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए जा रहे हैं। वहीं, मंदिर में लंगर और रात्रि ठहराव बंद है। श्रद्धालु पैकेड फूड का प्रयोग कर सकते हैं।
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