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Bilaspur News: मुख्यमंत्री अगस्त में करेंगे प्रदेश के पहली डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन
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- जिले के 10 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी बनकर तैयार
उद्घाटन की तैयारियों को लेकर जुटा प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अगस्त में प्रदेश की पहली डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने जिला लाइब्रेरी में डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़े सभी कार्यों की समीक्षा करने के उपरांत दी।
उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय की जिला लाइब्रेरी सहित चारों विधानसभा क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों के 10 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं। जिला डिजिटल लाइब्रेरी में सभी आधारभूत सुविधाओं सहित 40 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। डिजिटल लाइब्रेरी में लगभग 2500 किताबें, जिसमें पहली से 12वीं कक्षा तक एनसीईआरटी और सीबीएसई की किताबें ऑफ़लाइन उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त सभी कॉलेज कक्षाओं, प्रतियोगिता परीक्षाओं के अलावा विभिन्न ज्ञानवर्धक पुस्तक भी डिजिटल लाइब्रेरी में उपलब्ध होंगी। पाठकों को टच स्क्रीन, सर्वर और सोशल साइट्स पर निशुल्क पढ़ाई की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। जिला लाइब्रेरी में सभी पुरानी पुस्तकों को सुरक्षित रखने के लिए लगभग 130 अलमारियां रखी गई हैं। इस लाइब्रेरी में आरएफआईडी तकनीक को स्थापित किया गया है। आरएफआईडी पुस्तकालय में स्मार्ट तरीके से काम करने और अत्याधुनिक तकनीक का लाभ उठाने का एक तार्किक, विश्वसनीय, तेज़ तरीका है। यह तकनीक बड़ी मात्रा में वस्तुओं को स्कैन करती है। इससे कर्मचारियों को अलग-अलग वस्तुओं को संसाधित करने में लगने वाले समय से राहत मिलती है। इसका सीधा लाभ पाठकों को मिलता है।
उन्होंने बताया कि जिले की 10 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं। इन पंचायतों में बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी में सभी आधारभूत सुविधाओं के साथ 20 लोगों के बैठने की सुविधा होगी। ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर मेधावी छात्रों को आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से कोचिंग क्लास और अन्य सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। इन पुस्तकालयों में ग्रामीण युवा विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। अकसर ग्रामीण क्षेत्र के युवा प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए शहरों का ही रुख करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के डिजिटल लाइब्रेरी के स्थापित होने से ग्रामीण युवाओं को घर द्वार पर ही प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने का मौका मिलेगा। जिला पुस्तकालय में एक बड़ा रीडिंग हॉल, ई-लाइब्रेरी, कंप्यूटर टैब, उपयुक्त फर्नीचर सहित विद्यार्थियों के लिए अन्य जरूरी सहूलियतों को विकसित किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी सर्विलांस नेटवर्क स्थापित किए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि जिले के पुस्तकालय में हर दिन जिलेभर से कई पाठक पढ़ाई के लिए आते हैं, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुविधा न होने की वजह से यहां आने वाले पाठकों को टैब व इंटरनेट जैसी सुविधाओं का खुद ही खर्चा उठाना पड़ता है। अब डिजिटल लाइब्रेरी बनने से पाठकों को यह सारी सुविधा निशुल्क मिलेगी।
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इनसेट
10 पंचायत के इन स्कूलों में स्थापित की गई है डिजिटल लाइब्रेरी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हरनोड़ा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धारटटोह, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलग का घाट, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मलोखर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सांई ब्राहमणा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरमाणा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलोह, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुखाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भगेड़।
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उद्घाटन की तैयारियों को लेकर जुटा प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अगस्त में प्रदेश की पहली डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने जिला लाइब्रेरी में डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़े सभी कार्यों की समीक्षा करने के उपरांत दी।
उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय की जिला लाइब्रेरी सहित चारों विधानसभा क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों के 10 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं। जिला डिजिटल लाइब्रेरी में सभी आधारभूत सुविधाओं सहित 40 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। डिजिटल लाइब्रेरी में लगभग 2500 किताबें, जिसमें पहली से 12वीं कक्षा तक एनसीईआरटी और सीबीएसई की किताबें ऑफ़लाइन उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त सभी कॉलेज कक्षाओं, प्रतियोगिता परीक्षाओं के अलावा विभिन्न ज्ञानवर्धक पुस्तक भी डिजिटल लाइब्रेरी में उपलब्ध होंगी। पाठकों को टच स्क्रीन, सर्वर और सोशल साइट्स पर निशुल्क पढ़ाई की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। जिला लाइब्रेरी में सभी पुरानी पुस्तकों को सुरक्षित रखने के लिए लगभग 130 अलमारियां रखी गई हैं। इस लाइब्रेरी में आरएफआईडी तकनीक को स्थापित किया गया है। आरएफआईडी पुस्तकालय में स्मार्ट तरीके से काम करने और अत्याधुनिक तकनीक का लाभ उठाने का एक तार्किक, विश्वसनीय, तेज़ तरीका है। यह तकनीक बड़ी मात्रा में वस्तुओं को स्कैन करती है। इससे कर्मचारियों को अलग-अलग वस्तुओं को संसाधित करने में लगने वाले समय से राहत मिलती है। इसका सीधा लाभ पाठकों को मिलता है।
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उन्होंने बताया कि जिले की 10 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं। इन पंचायतों में बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी में सभी आधारभूत सुविधाओं के साथ 20 लोगों के बैठने की सुविधा होगी। ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर मेधावी छात्रों को आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से कोचिंग क्लास और अन्य सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। इन पुस्तकालयों में ग्रामीण युवा विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। अकसर ग्रामीण क्षेत्र के युवा प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए शहरों का ही रुख करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के डिजिटल लाइब्रेरी के स्थापित होने से ग्रामीण युवाओं को घर द्वार पर ही प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने का मौका मिलेगा। जिला पुस्तकालय में एक बड़ा रीडिंग हॉल, ई-लाइब्रेरी, कंप्यूटर टैब, उपयुक्त फर्नीचर सहित विद्यार्थियों के लिए अन्य जरूरी सहूलियतों को विकसित किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी सर्विलांस नेटवर्क स्थापित किए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि जिले के पुस्तकालय में हर दिन जिलेभर से कई पाठक पढ़ाई के लिए आते हैं, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुविधा न होने की वजह से यहां आने वाले पाठकों को टैब व इंटरनेट जैसी सुविधाओं का खुद ही खर्चा उठाना पड़ता है। अब डिजिटल लाइब्रेरी बनने से पाठकों को यह सारी सुविधा निशुल्क मिलेगी।
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10 पंचायत के इन स्कूलों में स्थापित की गई है डिजिटल लाइब्रेरी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हरनोड़ा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धारटटोह, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलग का घाट, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मलोखर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सांई ब्राहमणा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरमाणा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलोह, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुखाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भगेड़।