{"_id":"699d92fff1366f23a00c2e82","slug":"cattle-trade-fair-will-be-organised-twice-a-year-in-the-district-rajesh-dharmani-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-154642-2026-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में वर्ष में दो बार आयोजित होंगे कैटल ट्रेड फेयर: राजेश धर्माणी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में वर्ष में दो बार आयोजित होंगे कैटल ट्रेड फेयर: राजेश धर्माणी
Tue, 24 Feb 2026 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Tue, 24 Feb 2026 11:28 PM IST
विज्ञापन
पशुपालकों, पशु व्यापारियों को खरीद-फरोख्त के लिए मिलेगा संगठित मंच
अच्छी नस्ल के पशु भी होंगे उपलब्ध, नलवाड़ी मेला समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के पशुपालकों और पशु व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय में वर्ष में कम से कम दो बार कैटल ट्रेड फेयर का आयोजन किया जाएगा। इस पहल से पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए एक ही स्थान पर बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी और उच्च नस्ल के दुधारू पशु जिला के भीतर ही मिल सकेंगे।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने उपायुक्त बिलासपुर को निर्देश दिए कि इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला के सभी संबंधित पशु व्यापारियों, पशुपालकों, विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की जाए। बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर प्रभावी और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। धर्माणी बचत भवन में आयोजित राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में पशु धन व्यापार की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें व्यवस्थित प्लेटफॉर्म देकर और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कैटल ट्रेड फेयर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। ऐसे आयोजनों से किसानों और पशुपालकों को उन्नत नस्ल की गाय, भैंस, बकरी सहित अन्य पशुओं की खरीद-फरोख्त का अवसर मिलता है। साथ ही पशुपालन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों, टीकाकरण, नस्ल सुधार और वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी भी मिलती है। मंत्री ने कहा कि वर्तमान में जिले के पशुपालकों को अच्छी नस्ल के दुधारू पशु खरीदने के लिए अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती है। यदि यह सुविधा जिला में ही उपलब्ध होगी तो पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा और पशु व्यापारियों की आय भी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। पशुधन आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी। धर्माणी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैटल ट्रेड फेयर के आयोजन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करते समय सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। पशु स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण, पशु स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता देने को कहा गया है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य पशु पालकों को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील करना है। साथ ही बिलासपुर को पशुधन व्यापार की दृष्टि से एक संगठित और विश्वसनीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन, पशुपालन विभाग और स्थानीय पशु व्यापारियों के समन्वित प्रयासों से यह पहल सफल मॉडल बनेगी और भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अच्छी नस्ल के पशु भी होंगे उपलब्ध, नलवाड़ी मेला समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के पशुपालकों और पशु व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय में वर्ष में कम से कम दो बार कैटल ट्रेड फेयर का आयोजन किया जाएगा। इस पहल से पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए एक ही स्थान पर बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी और उच्च नस्ल के दुधारू पशु जिला के भीतर ही मिल सकेंगे।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने उपायुक्त बिलासपुर को निर्देश दिए कि इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला के सभी संबंधित पशु व्यापारियों, पशुपालकों, विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की जाए। बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर प्रभावी और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। धर्माणी बचत भवन में आयोजित राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में पशु धन व्यापार की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें व्यवस्थित प्लेटफॉर्म देकर और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कैटल ट्रेड फेयर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। ऐसे आयोजनों से किसानों और पशुपालकों को उन्नत नस्ल की गाय, भैंस, बकरी सहित अन्य पशुओं की खरीद-फरोख्त का अवसर मिलता है। साथ ही पशुपालन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों, टीकाकरण, नस्ल सुधार और वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी भी मिलती है। मंत्री ने कहा कि वर्तमान में जिले के पशुपालकों को अच्छी नस्ल के दुधारू पशु खरीदने के लिए अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती है। यदि यह सुविधा जिला में ही उपलब्ध होगी तो पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा और पशु व्यापारियों की आय भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। पशुधन आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी। धर्माणी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैटल ट्रेड फेयर के आयोजन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करते समय सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। पशु स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण, पशु स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता देने को कहा गया है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य पशु पालकों को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील करना है। साथ ही बिलासपुर को पशुधन व्यापार की दृष्टि से एक संगठित और विश्वसनीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन, पशुपालन विभाग और स्थानीय पशु व्यापारियों के समन्वित प्रयासों से यह पहल सफल मॉडल बनेगी और भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
विज्ञापन