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Bilaspur News: नई तकनीकों के लिए एमओयू साइन करेगा मत्स्य विभाग
Mon, 15 Jul 2024 11:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 15 Jul 2024 11:56 PM IST
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विवेक चंदेल, निदेशक मत्स्य पालन विभाग हिमाचल प्रदेश।
डीसीएफआर के सहयोग से प्रदेश के किसानों की आर्थिकी होगी सुदृढ़
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश मत्स्य पालन विभाग शीतजल अनुसंधान निदेशालय भीमताल (डीसीएफआर) से नई तकनीकों को अपनाने के लिए एमओयू साइन करेगा। इससे प्रदेश के किसानों को मत्स्य पालन में सहायता मिलेगी। यह जानकारी प्रदेश मत्स्य पालन विभाग के निदेशक विवेक चंदेल ने दी।
विवेक चंदेल ने बताया कि हाल ही में उन्होंने प्रदेश के तीन अधिकारियों के साथ शीतजल अनुसंधान निदेशालय का भ्रमण किया। इस दौरान वहां पर संचालित सभी तकनीकों को आकलन किया। विवेक चंदेल ने बताया कि शीतजल अनुसंधान निदेशालय में उपलब्ध नई तकनीकों को अपनाने के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर करेगा। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों को अपनाने का उद्देश्य यह है कि प्रदेश के किसान अपनी आर्थिकी सुदृढ़ कर सकें और प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा मिले। उन्होंने बताया कि ट्राऊट उत्पादन में हिमाचल देश का अग्रणी राज्य है और निजी क्षेत्र में ट्राऊट उत्पादन में पूरे देश भर में हिमाचल पहले स्थान पर है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 742 ट्राऊट मत्स्य किसान हैं। जो करीब 1400 मीट्रिक टन ट्राऊट मछली का उत्पादन कर रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश मत्स्य पालन विभाग शीतजल अनुसंधान निदेशालय भीमताल (डीसीएफआर) से नई तकनीकों को अपनाने के लिए एमओयू साइन करेगा। इससे प्रदेश के किसानों को मत्स्य पालन में सहायता मिलेगी। यह जानकारी प्रदेश मत्स्य पालन विभाग के निदेशक विवेक चंदेल ने दी।
विवेक चंदेल ने बताया कि हाल ही में उन्होंने प्रदेश के तीन अधिकारियों के साथ शीतजल अनुसंधान निदेशालय का भ्रमण किया। इस दौरान वहां पर संचालित सभी तकनीकों को आकलन किया। विवेक चंदेल ने बताया कि शीतजल अनुसंधान निदेशालय में उपलब्ध नई तकनीकों को अपनाने के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर करेगा। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों को अपनाने का उद्देश्य यह है कि प्रदेश के किसान अपनी आर्थिकी सुदृढ़ कर सकें और प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा मिले। उन्होंने बताया कि ट्राऊट उत्पादन में हिमाचल देश का अग्रणी राज्य है और निजी क्षेत्र में ट्राऊट उत्पादन में पूरे देश भर में हिमाचल पहले स्थान पर है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 742 ट्राऊट मत्स्य किसान हैं। जो करीब 1400 मीट्रिक टन ट्राऊट मछली का उत्पादन कर रहे हैं।
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