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Bilaspur News: धुंध के आगोश में बिलासपुर शहर, लाइट जलाकर चले वाहन

Sat, 09 Nov 2024 11:39 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Nov 2024 11:39 PM IST
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Bilaspur city engulfed in smog, drive vehicles with lights on
-फोरलेन पर बढ़ेगा हादसों का खतरा, पुलिस ने तैयार किया विशेष प्लान
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- जिले की प्रवेश और अंतिम सीमा पर पुलिस सुनिश्चित करेगी यातायात नियम का पालन कराना

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में ठंड के साथ ही धुंध का सिलसिला शुरू हो गया है। इससे आने वाले महीनों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। नवंबर से मार्च तक का समय यहां घनी धुंध के कारण बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। सुबह के समय 10 बजे तक लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है, जबकि दिसंबर-जनवरी में दोपहर 12 बजे तक धुंध का असर बना रहता है।
धुंध के कारण और सामान्य स्थिति में भी जिले के अंदर राजमार्ग और अन्य सड़कों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए पुलिस ने विशेष योजना तैयार की है। इस योजना को पुलिस जल्द धरातल पर उतारेगी। इसके तहत जिले की प्रवेश सीमा गरामोड़ा और अंतिम सीमा बलोह में पुलिस की टीम बैरिकेट्स लगाकर इसे दोनों जगह वन वे करेगी। ताकि तेज रफ्तार से अगर कोई गाड़ी आ भी रही है तो उसकी रफ्तार वहां थम जाए। वहीं इन वाहन चालकों को पुलिस यह भी बताएगी कि आपने बिलासपुर की सीमा में प्रवेश कर लिया है, इसलिए यातायात के हर नियम का पूरी तरह से पालन करें। अगर कोई वाहन चालक ऐसा नहीं करेगा तो पुलिस सीसीटीवी और नाकों के जरिये उन पर नजर रखेगी और कार्रवाई करेगी। बताते चलें कि धुंध का सबसे ज्यादा असर किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर देखने को मिलता है। धुंध के कारण विजिबिलिटी बहुत कम हो जाती है। इससे हादसे होने की संभावना बढ़ जाती है। यह मार्ग हिमाचल के प्रमुख मार्गों मेेंं से एक है और घनी धुंध के कारण यहां यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है। पुलिस-प्रशासन ने फोरलेन पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को सतर्क रहने और फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी है।
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वहीं जिले में धुंध के कारण अब आम जनजीवन भी प्रभावित होने लग गया है। कामकाजी लोगों, स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सुबह ठंड में घर से निकलना पड़ रहा है। ठंड और नमी से बीमारियां बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है। सांस के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए धुंध भरे दिन खासे चुनौतीपूर्ण साबित हो रहे हैं। वहीं,डॉक्टरों ने इस मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है, ताकि सर्दी, सांस संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। धुंध का असर किसानों और व्यापारियों पर भी पड़ेगा। धुंध के कारण सूर्य की किरणें ठीक से जमीन पर नहीं पहुंच पातीं, जिससे फसलों की वृद्धि पर नकारात्मक असर पड़ता है।
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इनसेट
धुंध के दौरान सुरक्षित यातायात नियमों का पालन आवश्यक
धुंध में दृश्यता कम हो जाती है, इसलिए अपनी गति धीमी रखें, ताकि अचानक कोई बाधा आए तो आप नियंत्रित तरीके से वाहन रोक सकें। हेडलाइट्स का उपयोग करें, लो बीम हेडलाइट्स का इस्तेमाल करें, फॉग लाइट्स का भी उपयोग करें, यदि उपलब्ध हो। सड़क पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें, सामने चल रहे वाहन से उचित दूरी बनाए रखें। हॉर्न का उपयोग सीमित रखें, क्योंकि यह भ्रमित कर सकता है। वाहन चालकों को सचेत करने के लिए हल्के से हॉर्न बजा सकते हैं। विंडशील्ड, मिरर को साफ रखें। इमरजेंसी लाइट्स चालू रखें, खतरनाक मोड़, चौराहों पर सतर्कता खासकर मोड़, क्रॉसिंग, चौराहों पर अत्यधिक सतर्कता बरतें। अगर सड़क पर ब्रेक लगानी हो तो पहले इंडिगेटर दें, बोट चालक भी झील के किनारे बोट खड़ा करते समय, झील में बोट उतारते हुए सतर्क रहें।
- मदन धीमान, डीएसपी मुख्यालय
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