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फसल के विपणन, भंडारण के लिए उठाएंगे कदम : चौधरी
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एकीकृत कृषि करने वाले अमरपुर के किसान रोहित से बातचीत करते कुलपति डॉ. एचके चौधरी
- फोटो : BILASPUR
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बरठीं (बिलासपुर)। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति डॉ. एचके चौधरी ने प्रगतिशील किसानों के खेतों का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कृषि वैज्ञानिक किसानों के खेतों और घरों में जाकर उनकी समस्याएं जानकर उनका हल निकालेंगे। इसके अलावा किसानों के लिए विपणन और भंडारण के लिए कदम उठाए जाएंगे ताकि किसानों को फसल को बेचने का उचित स्थान और दाम मिले। इससे वे आर्थिक रूप से मजबूत हो पाएंगे।
कुलपति डॉ. चौधरी ने केवीके बरठीं के टीम प्रभारी सुमन कुमार, डॉ. रविंद्र सिंह, डॉ. संजय कुमार के साथ खेतों का भ्रमण कर फसलों का मुआयना किया। उन्होंने विकास खंड झंडूता के पराहू गांव में जगदीश चंद वर्मा की मशरूम इकाई का भ्रमण किया। वर्मा ने गत वर्ष 70 क्विंटल मशरूम तैयार कर लगभग सात लाख रुपये कमा कर आर्थिकी मजबूत की। जगदीश चंद वर्मा ने इस बार लगभग 5000 बैग मशरूम के लगाए हैं। उनका लक्ष्य चालू वर्ष में 10 लाख रुपये अर्जित करना है। डॉ. चौधरी ने अमरपुर के रोहित कुमार की एकीकृत कृषि का मुआयना कर पौधशाला देखी। उन्होंने फलदार पौधों की नर्सरी के बारे में विस्तृत चर्चा की।
इसके बाद बड्डू में हरित गृहों में फूल उत्पादक सुनील कुमार की फसल का भ्रमण किया। उन्होंने बताया कि जिले के किसान प्रगतिशील हैं। उनको विपणन की सुविधाएं देने की जरूरत है। इससे किसानों को उत्पाद बेचने में दिक्कत नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि किसानों की आय को दोगुना करने के केंद्र सरकार के सपने को पूरा करने के लिए वह दिन-रात मेहनत कर किसानों की आर्थिकी को सुधारने का काम करेंगे। इसके लिए वैज्ञानिकों को किसानों के खेतों की ओर अपना रुख करना पड़ेगा।
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उन्होंने प्रगतिशील किसानों का आह्वान किया कि वे बेरोजगार युवाओं को भी इस प्रकार की खेती के लिए प्रेरित करें ताकि घर बैठे-बैठे लाखों रुपये कमाए जा सकें। उन्होंने केवीके बरठीं के वैज्ञानिकों को कहा कि अगली बार वह खेतों का औचक निरीक्षण करेंगे। इसके लिए केंद्र तैयार रहे। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिकों द्वारा बरती गई कोताही कतई बर्दास्त नहीं की जाएगी।
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कुलपति डॉ. चौधरी ने केवीके बरठीं के टीम प्रभारी सुमन कुमार, डॉ. रविंद्र सिंह, डॉ. संजय कुमार के साथ खेतों का भ्रमण कर फसलों का मुआयना किया। उन्होंने विकास खंड झंडूता के पराहू गांव में जगदीश चंद वर्मा की मशरूम इकाई का भ्रमण किया। वर्मा ने गत वर्ष 70 क्विंटल मशरूम तैयार कर लगभग सात लाख रुपये कमा कर आर्थिकी मजबूत की। जगदीश चंद वर्मा ने इस बार लगभग 5000 बैग मशरूम के लगाए हैं। उनका लक्ष्य चालू वर्ष में 10 लाख रुपये अर्जित करना है। डॉ. चौधरी ने अमरपुर के रोहित कुमार की एकीकृत कृषि का मुआयना कर पौधशाला देखी। उन्होंने फलदार पौधों की नर्सरी के बारे में विस्तृत चर्चा की।
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इसके बाद बड्डू में हरित गृहों में फूल उत्पादक सुनील कुमार की फसल का भ्रमण किया। उन्होंने बताया कि जिले के किसान प्रगतिशील हैं। उनको विपणन की सुविधाएं देने की जरूरत है। इससे किसानों को उत्पाद बेचने में दिक्कत नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि किसानों की आय को दोगुना करने के केंद्र सरकार के सपने को पूरा करने के लिए वह दिन-रात मेहनत कर किसानों की आर्थिकी को सुधारने का काम करेंगे। इसके लिए वैज्ञानिकों को किसानों के खेतों की ओर अपना रुख करना पड़ेगा।
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उन्होंने प्रगतिशील किसानों का आह्वान किया कि वे बेरोजगार युवाओं को भी इस प्रकार की खेती के लिए प्रेरित करें ताकि घर बैठे-बैठे लाखों रुपये कमाए जा सकें। उन्होंने केवीके बरठीं के वैज्ञानिकों को कहा कि अगली बार वह खेतों का औचक निरीक्षण करेंगे। इसके लिए केंद्र तैयार रहे। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिकों द्वारा बरती गई कोताही कतई बर्दास्त नहीं की जाएगी।