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Bilaspur News: चरस बरामदगी में आरोपी को मिली जमानत
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वाणिज्यिक मात्रा से कम बरामदगी, जांच पूरी और चालान पेश होने को अदालत ने माना अहम आधार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बरमाणा थाना क्षेत्र में 818.87 ग्राम चरस बरामदगी के मामले में विशेष न्यायाधीश-द्वितीय की अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने माना कि बरामद मात्रा वाणिज्यिक मात्रा से कम है और मामले की जांच पूरी हो चुकी है। पुलिस चालान भी अदालत में पेश कर चुकी है। अदालत ने 27 अगस्त को जमानत याचिका मंजूर की।
बरमाणा थाने में 24 जून को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार 23 जून की रात करीब 11:25 बजे इंस्पेक्टर एवं जांच अधिकारी पूजा देवी के नेतृत्व में टीम अलसू पुल के पास गश्त कर रही थी। वॉशिंग स्टेशन के पास एक व्यक्ति बैकपैक के साथ दिखाई दिया। पुलिस का दावा है कि टीम को देखकर उसने बैग पानी की टंकी के पीछे छिपाने का प्रयास किया।
तलाशी के दौरान बैग के तीसरे जिप वाले हिस्से से सेलोटेप में लिपटा गहरे भूरे रंग का पदार्थ मिला। इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर इसका वजन 818.87 ग्राम पाया गया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता एसके वैद ने कहा कि उसे झूठा फंसाया गया है और बरामद पदार्थ से उसका कोई संबंध नहीं है। राज्य की ओर से लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने कहा कि 100 ग्राम चरस छोटी और एक किलोग्राम वाणिज्यिक मात्रा है। बरामदगी वाणिज्यिक मात्रा से कम होने के कारण एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 की कड़ी शर्तें लागू नहीं होतीं। आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती के आधार पर जमानत दी गई है। शर्तों के उल्लंघन पर जमानत रद्द की जा सकती है।
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बिलासपुर। बरमाणा थाना क्षेत्र में 818.87 ग्राम चरस बरामदगी के मामले में विशेष न्यायाधीश-द्वितीय की अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने माना कि बरामद मात्रा वाणिज्यिक मात्रा से कम है और मामले की जांच पूरी हो चुकी है। पुलिस चालान भी अदालत में पेश कर चुकी है। अदालत ने 27 अगस्त को जमानत याचिका मंजूर की।
बरमाणा थाने में 24 जून को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार 23 जून की रात करीब 11:25 बजे इंस्पेक्टर एवं जांच अधिकारी पूजा देवी के नेतृत्व में टीम अलसू पुल के पास गश्त कर रही थी। वॉशिंग स्टेशन के पास एक व्यक्ति बैकपैक के साथ दिखाई दिया। पुलिस का दावा है कि टीम को देखकर उसने बैग पानी की टंकी के पीछे छिपाने का प्रयास किया।
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तलाशी के दौरान बैग के तीसरे जिप वाले हिस्से से सेलोटेप में लिपटा गहरे भूरे रंग का पदार्थ मिला। इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर इसका वजन 818.87 ग्राम पाया गया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता एसके वैद ने कहा कि उसे झूठा फंसाया गया है और बरामद पदार्थ से उसका कोई संबंध नहीं है। राज्य की ओर से लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने कहा कि 100 ग्राम चरस छोटी और एक किलोग्राम वाणिज्यिक मात्रा है। बरामदगी वाणिज्यिक मात्रा से कम होने के कारण एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 की कड़ी शर्तें लागू नहीं होतीं। आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती के आधार पर जमानत दी गई है। शर्तों के उल्लंघन पर जमानत रद्द की जा सकती है।
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