फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   सुन्हाणी पिपलूघाट खड्ड पर क्रशर लगाने का विरोध

सुन्हाणी पिपलूघाट खड्ड पर क्रशर लगाने का विरोध

Tue, 13 Feb 2018 11:35 PM IST
Updated Tue, 13 Feb 2018 11:35 PM IST
विज्ञापन
सुन्हाणी पिपलूघाट खड्ड पर क्रशर लगाने का विरोध
बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता के अंतर्गत सुन्हाणी पिपलूघाट खड्ड में क्रशर लगाने के विरोध में ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के कारण उनकी उपजाऊ भूमि लगातार बह रही है। प्रशासन व सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। बल्कि किसानों की भूमि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से खड्ड में क्रशर लगाने की योजना बनाई जा रही है। क्रशर लगने से भूमि को और ज्यादा नुकसान होगा जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेंगे।
विज्ञापन

ग्रामीणों रणजीत सिंह, शमशेर सिंह, बलबीर सिंह, ओंकार सिंह, गोपाल सिंह, दीनानाथ, बिशन सिंह, किशोरी लाल, हरी राम, भाग सिंह, नरेश कुमार, ज्ञान चंद, शालीराम, दिनेश, मनी राम, ओंकार राणा ने बताया कि जिन खड्डों की बोली लगभग डेढ़ करोड़ की हुई है उन खड्डों में रेत, बजरी व पत्थर पहले से ही उठा लिए गए हैं। इस कारण खड्डों का जलस्तर भी लगभग दस से पंद्रह फीट नीचे चला गया है। ऐसे में यदि क्रशर लगाया जाता है तो जहां खड्डों का सीना छलनी होगा, वहीं जलस्तर और गिर जाएगा। इस कारण पेयजल संकट सामने आएगा और भूमि कटाव होगा। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी खेती योग्य भूमि पहले ही बह चुकी है। उन्होंने संबंधित विभागों के जिला अधिकारियों से भूमि कटाव रोकने के लिए फरियाद लगाई थी। लेकिन, आज दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेताया है कि री गांव में क्रशर को नहीं लगने दिया जाएगा। इसके लिए बाकायदा कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed