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नगर परिषद घुमारवीं अध्यक्ष की कुर्सी पर मंडराया खतरा

Wed, 20 Mar 2019 11:02 PM IST
Devender Devender Kumar Kumar
Updated Wed, 20 Mar 2019 11:02 PM IST
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नगर परिषद घुमारवीं अध्यक्ष की कुर्सी पर मंडराया खतरा
chair
अमर उजाला ब्यूरो
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घुमारवीं (बिलासपुर)। सात सदस्यों वाली नगर परिषद घुमारवीं के अध्यक्ष पद की कुर्सी पर संकट के बादल छा गए हैं। नगर परिषद उपाध्यक्षा रीता सहगल तथा पार्षद राकेश चोपड़ा, अमृता शर्मा, प्रोमिला रतवान ने उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया को नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के तहत लिखित रूप से अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन किया है।
अविश्वास प्रस्ताव के अनुसार उनका कहना था कि नगर परिषद घुमारवीं अध्यक्ष गीता महाजन की कार्यप्रणाली से वे असंतुष्ट हैं तथा उनकी भेदभाव पूर्ण कार्यप्रणाली के चलते क्षेत्र के विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। इन पार्षदों ने उपायुक्त बिलासपुर से अविश्वास प्रस्ताव पर शीघ्र बैठक आयोजित करने की मांग की जिस पर उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने एसडीएम घुमारवीं को नियमानुसार कार्यवाही करने के लिए उपरोक्त प्रस्ताव को प्रेषित कर दिया है।
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एसडीएम घुमारवीं शशिपाल शर्मा ने पुष्टि करते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव की प्रति उनके पास आ गई है तथा अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए शीघ्र बैठक निर्धारित की जाएगी।
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गौरतलब है कि 7 सदस्यीय नगर परिषद घुमारवीं में चार पार्षद कांग्रेस समर्थित हैं जबकि 3 पार्षद भाजपा समर्थित हैं। कांग्रेस समर्थित पार्षदों में वर्तमान अध्यक्ष गीता महाजन, उपाध्यक्ष रीता सहगल, श्यामलाल व रीता देवी शामिल हैं, जबकि भाजपा समर्थित पार्षदों में राकेश चोपड़ा, प्रोमिला रतवाल व अमृता शर्मा शामिल हैं। 2016 में कांग्रेस समर्थित पार्षदों गीता महाजन और रीता सहगल में समझौता हुआ था। इसके तहत पहले ढाई साल के लिए गीता महाजन को अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन अब लगभग तीन साल पूरे होने पर गीता महाजन कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं है।
उधर गीता महाजन का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव के बारे में उन्हें जानकारी मिली लेकिन उन्होंने सभी पार्षदों को साथ लेकर प्रत्येक वार्ड में समान विकास करवाया। अध्यक्ष पद के लिए समझौते को उन्होंने नकारते हुए कहा कि उनके साथ कोई समझौता नहीं हुआ था और उनके किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं थे।
उधर रीता सहगल, नगर परिषद उपाध्यक्ष ने कहा कि उनके साथ वायदा खिलाफी की गई उन्हें नेतृत्व द्वारा आश्वासन दिया गया था कि समझौते के अनुसार उन्हें ढाई वर्ष के बाद अध्यक्ष पद दिया जाएगा लेकिन 3 वर्ष बीत जाने के बावजूद इस समझौते को नकार दिया गया, यही नहीं उनके क्षेत्र केेेे विकास कार्यों की भी अनदेखी की जाती रही है।

इनसेट...
दोनों महिला नेत्रियों के आसपास घूमती है नप की राजनीति
गौरतलब है नगर परिषद घुमारवीं की अब तक की राजनीति कांग्रेस की दो महिला नेत्रियों गीता महाजन व रीता सहगल के ही इर्द-गिर्द घूमती रही है। गीता महाजन दूसरी बार अध्यक्ष बनी है। जबकि रीता सहगल भी दो बार अध्यक्ष रह चुकी हैं। वर्तमान में गीता महाजन नगर परिषद की अध्यक्ष हैं तथा रीता सहगल उपाध्यक्ष हैं। मौजूदा परिस्थितियों में भाजपा समर्थित राकेश कुमार चोपड़ा अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसेे आगेे हैं परंतुु उनकी राह आसान नहीं है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए होने वाली बैठक पर सबकी नजर रहेगी।
 
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