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अब कोकून के मिलेंगे 934 रुपये प्रतिकिलो दाम
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:49 PM IST
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बरठीं (बिलासपुर)। प्रदेश में करीब चार हजार रेशम कीट पालकों के लिए अच्छी खबर है। अब प्रदेश के रेशन कीट पालकों को कोकून के प्रति किलो 934 रुपये दाम मिलेंगे। पहले राज्य में तीन सौ और बाहरी राज्यों के कारोबारी 600 रुपये प्रतिकिलो दाम देते थे। इस कारण रेशम कीट पालकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब सरकार की ओर से कोकून का दाम 934 रुपये प्रतिकिलो कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र के विधायक जेआर कटवाल ने रेशम कीट पालकों की पीड़ा को समझते हुए विभागीय अधिकारियों से चर्चा की। इसके बाद रेशम कीट विभाग द्वारा 934 रुपये प्रतिकिलोग्राम कोकून का मूल्य निर्धारित कर दिया गया है। इस व्यवसाय से हजारों किसान जुडे़ हुए हैं और किसानों को कोकून तैयार करने में शहतूत खरीदने व उनकी मजदूरी का खर्चा भी विभाग द्वारा नहीं दिया जाता था। इस कारण कोकून उत्पादक इस धंधे को मजबूरी में ही करते थे। खरीदारी के लिए बाहरी प्रदेशों से ठेकेदार यहां आते हैं जो किसानों को प्रति किलोग्राम कोकून तीन सौ से 600 रुपये तक ही देते थे।
किसानों ने कई बार बरठीं के भल्लू गांव में स्थित कार्यालय में नारेबाजी कर चक्काजाम किया। कोकून को आग के हवाले तक कर दिया था। कोकून उत्पादकों हरी राम, राजेंद्र सिंह, देवी राम, शकुंतला देवी, हरदेई, सुखराम, मीरां देवी, तुलसी राम, धर्म सिंह, राजेश कुमार, यशपाल सिंह, दिलीप सिंह, कर्म सिंह, सोमा देवी, नंदलाल, सरिता देवी सहित अन्य किसानों ने बताया कि एक किलोग्राम कोकून तैयार करने में उनका 400 से 600 रुपये तक का खर्चा आता है। आज दिन तक जो रेट विभाग की ओर से मिला उससे मात्र खर्चा ही निकलता था। लेकिन अब 934 रुपये की खबर सुनकर उन्हें आस जगी है कि कोकून से अच्छी कमाई कर सकते हैं। विधायक जेआर कटवाल ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना ही सरकार का लक्ष्य है। इसी कड़ी में कोकून के प्रति किलो का रेट भी बढ़ाया गया।
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उल्लेखनीय है कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र के विधायक जेआर कटवाल ने रेशम कीट पालकों की पीड़ा को समझते हुए विभागीय अधिकारियों से चर्चा की। इसके बाद रेशम कीट विभाग द्वारा 934 रुपये प्रतिकिलोग्राम कोकून का मूल्य निर्धारित कर दिया गया है। इस व्यवसाय से हजारों किसान जुडे़ हुए हैं और किसानों को कोकून तैयार करने में शहतूत खरीदने व उनकी मजदूरी का खर्चा भी विभाग द्वारा नहीं दिया जाता था। इस कारण कोकून उत्पादक इस धंधे को मजबूरी में ही करते थे। खरीदारी के लिए बाहरी प्रदेशों से ठेकेदार यहां आते हैं जो किसानों को प्रति किलोग्राम कोकून तीन सौ से 600 रुपये तक ही देते थे।
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किसानों ने कई बार बरठीं के भल्लू गांव में स्थित कार्यालय में नारेबाजी कर चक्काजाम किया। कोकून को आग के हवाले तक कर दिया था। कोकून उत्पादकों हरी राम, राजेंद्र सिंह, देवी राम, शकुंतला देवी, हरदेई, सुखराम, मीरां देवी, तुलसी राम, धर्म सिंह, राजेश कुमार, यशपाल सिंह, दिलीप सिंह, कर्म सिंह, सोमा देवी, नंदलाल, सरिता देवी सहित अन्य किसानों ने बताया कि एक किलोग्राम कोकून तैयार करने में उनका 400 से 600 रुपये तक का खर्चा आता है। आज दिन तक जो रेट विभाग की ओर से मिला उससे मात्र खर्चा ही निकलता था। लेकिन अब 934 रुपये की खबर सुनकर उन्हें आस जगी है कि कोकून से अच्छी कमाई कर सकते हैं। विधायक जेआर कटवाल ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना ही सरकार का लक्ष्य है। इसी कड़ी में कोकून के प्रति किलो का रेट भी बढ़ाया गया।
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