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Bilaspur News: गोबिंद सागर झील में 100 युवा सीखेंगे जल क्रीड़ाओं के गुर
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गोबिंद सागर झील में जल क्रीड़ा का अभ्यास करते खिलाड़ी। संवाद
30 दिवसीय शिविर शुरू, स्वीमिंग, कयाकिंग, कैनोइंग समेत कई जल क्रीड़ाओं का दिया जाएगा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश (बिलासपुर)। गोबिंद सागर झील युवाओं की खेल प्रतिभाओं को निखारने का नया मंच बन रही है। प्रदेश के युवाओं को जल क्रीड़ाओं से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से गोबिंद सागर एडवेंचर एंड वाटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन और हिमाचल गोबिंद सागर वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की ओर से 30 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया। शिविर में प्रदेश के 100 युवाओं को विभिन्न जल क्रीड़ाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविर के शुभारंभ अवसर पर टैक्स एंड एक्साइज विभाग हिमाचल प्रदेश की सहायक आयुक्त पूनम ठाकुर ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल गोबिंद सागर वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के संस्थापक इशान अख्तर और गोबिंद सागर एडवेंचर एंड वाटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सराज अख्तर ने की। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यातिथि को हिमाचली टोपी, शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। पूनम ठाकुर ने कहा कि खेलेगा हिमाचल-जीतेगा हिमाचल अभियान के तहत प्रदेश के युवाओं को जल क्रीड़ाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। शिविर में प्रतिभागियों को स्वीमिंग, कयाकिंग, कैनोइंग, राफ्टिंग, रोइंग, ड्रैगन बोट, सेलिंग, वाटर सर्फिंग और स्टैंडअप पैडल जैसी जल क्रीड़ाओं की बुनियादी और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ उनकी प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ने का अवसर देना भी है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभाशाली खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और उन्हें जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष सराज अख्तर ने कहा कि खेलेगा हिमाचल-जीतेगा हिमाचल केवल नारा नहीं, बल्कि युवाओं को खेलों से जोड़कर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का संकल्प है। जल क्रीड़ाओं के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, साहस और नेतृत्व क्षमता विकसित होगी। उन्होंने कहा कि अकादमी का प्रयास प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को जल क्रीड़ाओं का प्रशिक्षण देकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल गोबिंद सागर वाटर स्पोर्ट्स अकादमी देश की पहली ऐसी अकादमी है, जहां निशुल्क जल क्रीड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश (बिलासपुर)। गोबिंद सागर झील युवाओं की खेल प्रतिभाओं को निखारने का नया मंच बन रही है। प्रदेश के युवाओं को जल क्रीड़ाओं से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से गोबिंद सागर एडवेंचर एंड वाटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन और हिमाचल गोबिंद सागर वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की ओर से 30 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया। शिविर में प्रदेश के 100 युवाओं को विभिन्न जल क्रीड़ाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविर के शुभारंभ अवसर पर टैक्स एंड एक्साइज विभाग हिमाचल प्रदेश की सहायक आयुक्त पूनम ठाकुर ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल गोबिंद सागर वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के संस्थापक इशान अख्तर और गोबिंद सागर एडवेंचर एंड वाटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सराज अख्तर ने की। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यातिथि को हिमाचली टोपी, शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। पूनम ठाकुर ने कहा कि खेलेगा हिमाचल-जीतेगा हिमाचल अभियान के तहत प्रदेश के युवाओं को जल क्रीड़ाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। शिविर में प्रतिभागियों को स्वीमिंग, कयाकिंग, कैनोइंग, राफ्टिंग, रोइंग, ड्रैगन बोट, सेलिंग, वाटर सर्फिंग और स्टैंडअप पैडल जैसी जल क्रीड़ाओं की बुनियादी और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ उनकी प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ने का अवसर देना भी है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभाशाली खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और उन्हें जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष सराज अख्तर ने कहा कि खेलेगा हिमाचल-जीतेगा हिमाचल केवल नारा नहीं, बल्कि युवाओं को खेलों से जोड़कर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का संकल्प है। जल क्रीड़ाओं के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, साहस और नेतृत्व क्षमता विकसित होगी। उन्होंने कहा कि अकादमी का प्रयास प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को जल क्रीड़ाओं का प्रशिक्षण देकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल गोबिंद सागर वाटर स्पोर्ट्स अकादमी देश की पहली ऐसी अकादमी है, जहां निशुल्क जल क्रीड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।