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Bilaspur News: आंकड़ों से अंतर्दृष्टि और निर्णय तक की प्रक्रिया समझी
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घुमारवीं कॉलेज में कार्यशाला, 100 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की ओर से विद्यार्थियों में सांख्यिकीय उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण सहायता योजना के तहत आयोजित कार्यशाला में बीबीए, बीसीए और स्नातकोत्तर कंप्यूटर अनुप्रयोग के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यशाला के शुभारंभ पर डॉ. अतुल गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सांख्यिकी की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। यह केवल पाठ्यक्रम का विषय नहीं, बल्कि शिक्षा, व्यवसाय, प्रशासन, अर्थव्यवस्था, अनुसंधान और दैनिक जीवन में तर्कसंगत निर्णय लेने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से सांख्यिकीय सोच विकसित करने का आह्वान किया। संसाधन व्यक्ति डॉ. बसु देव गर्ग ने शासन और व्यक्तिगत जीवन में तर्कसंगत निर्णय लेने में सांख्यिकी की भूमिका समझाई। उन्होंने कहा कि सही, विश्वसनीय और प्रासंगिक आंकड़ों के आधार पर लिए गए निर्णय अधिक प्रभावी होते हैं।
डॉ. गर्ग ने विद्यार्थियों को आंकड़ों से जानकारी, जानकारी से अंतर्दृष्टि और अंतर्दृष्टि से निर्णय तक की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने कहा कि सांख्यिकी को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि इसके व्यावहारिक उपयोग को समझकर व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में अपनाएं। इससे तार्किक सोच, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की ओर से विद्यार्थियों में सांख्यिकीय उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण सहायता योजना के तहत आयोजित कार्यशाला में बीबीए, बीसीए और स्नातकोत्तर कंप्यूटर अनुप्रयोग के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यशाला के शुभारंभ पर डॉ. अतुल गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सांख्यिकी की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। यह केवल पाठ्यक्रम का विषय नहीं, बल्कि शिक्षा, व्यवसाय, प्रशासन, अर्थव्यवस्था, अनुसंधान और दैनिक जीवन में तर्कसंगत निर्णय लेने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से सांख्यिकीय सोच विकसित करने का आह्वान किया। संसाधन व्यक्ति डॉ. बसु देव गर्ग ने शासन और व्यक्तिगत जीवन में तर्कसंगत निर्णय लेने में सांख्यिकी की भूमिका समझाई। उन्होंने कहा कि सही, विश्वसनीय और प्रासंगिक आंकड़ों के आधार पर लिए गए निर्णय अधिक प्रभावी होते हैं।
डॉ. गर्ग ने विद्यार्थियों को आंकड़ों से जानकारी, जानकारी से अंतर्दृष्टि और अंतर्दृष्टि से निर्णय तक की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने कहा कि सांख्यिकी को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि इसके व्यावहारिक उपयोग को समझकर व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में अपनाएं। इससे तार्किक सोच, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा।
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