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Yamuna Nagar News: टंकियों की जांच कर रहे कर्मचारी
Thu, 29 May 2025 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 29 May 2025 02:22 AM IST
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यमुनानगर। जिले का मलेरिया विभाग डेंगू संबंध में कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें डेंगू का खात्मा करने के लिए घर-घर जाकर दस्तक दे रही है।
इसके अलावा विभाग ग्रामीण व शहर के हाई रिस्क एरिया पर नजर गड़ाए हुए है। फील्ड में घर-घर जाकर कर्मचारी बर्तनों की जांच, खून के सैंपल लेने और पंफलेट बांटने जैसे कार्य कर रहे हैं।
इसके अलावा टंकियों की जांच भी की जा रही है। विभाग के मुताबिक 2024 में जिले में डेंगू के 190 केस मिले थे। इससे पहले 2023 में 735 केस, 2022 में 932 केस मिले थे। इस साल डेंगू के तीन केस कंफर्म हो चुके हैं। मलेरिया के भी दो केस मिल चुके हैं। अब तक 57 घरों में जांच के दौरान डेंगू का लारवा मिल चुका है।
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जिन्हें नोटिस थमाया गया है। उधर, मलेरिया विभाग ने डेंगू के लारवा की जांच के लिए कर्मचारियों की टीम बनाई है जोकि घर-घर जाकर बर्तनों, वस्तुओं में लार्वा की जांच कर रही है। इसके अलावा कर्मचारी जांच के दौरान ही लोगों को पंफलेट बांट कर भी उन्हें डेंगू व मलेरिया से बचने के लिए जागरूक कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में पंचायतों को भी डेंगू व मलेरिया के बचाव व लक्षणों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
ये हैं ग्रामीण क्षेत्र हाई रिस्क एरिया : गंदापुरा, ऊंचा चंदना, कान्हड़ी कलां, अहलुवाला, ज्ञानेवाला, फतेहपुर, जमनावाला, रायपुर, शादीपुर, कामी माजरा, तेजली, रापौली शामिल है। जहां पिछले साल 104 डेंगू के केस आए थे।
शहरी क्षेत्र हाई रिस्क एरिया : सेक्टर-17, प्रोफेसर कॉलोनी, लालद्वारा, कालिंदी कॉलोनी, सेक्टर-17 व 18, काली मंदिर, गुलाब नगर, तीर्थ नगर, चिट्टा मंदिर, रेलवे कॉलोनी, नजदीक आईटीआई, लक्ष्मी नगर, पुराना हमीदा, केसर नगर व अशोक विकार शामिल हैं। जहां पर पिछले साल डेंगू के 86 केस आए थे। ब्यूरो
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इसके अलावा विभाग ग्रामीण व शहर के हाई रिस्क एरिया पर नजर गड़ाए हुए है। फील्ड में घर-घर जाकर कर्मचारी बर्तनों की जांच, खून के सैंपल लेने और पंफलेट बांटने जैसे कार्य कर रहे हैं।
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इसके अलावा टंकियों की जांच भी की जा रही है। विभाग के मुताबिक 2024 में जिले में डेंगू के 190 केस मिले थे। इससे पहले 2023 में 735 केस, 2022 में 932 केस मिले थे। इस साल डेंगू के तीन केस कंफर्म हो चुके हैं। मलेरिया के भी दो केस मिल चुके हैं। अब तक 57 घरों में जांच के दौरान डेंगू का लारवा मिल चुका है।
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जिन्हें नोटिस थमाया गया है। उधर, मलेरिया विभाग ने डेंगू के लारवा की जांच के लिए कर्मचारियों की टीम बनाई है जोकि घर-घर जाकर बर्तनों, वस्तुओं में लार्वा की जांच कर रही है। इसके अलावा कर्मचारी जांच के दौरान ही लोगों को पंफलेट बांट कर भी उन्हें डेंगू व मलेरिया से बचने के लिए जागरूक कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में पंचायतों को भी डेंगू व मलेरिया के बचाव व लक्षणों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
ये हैं ग्रामीण क्षेत्र हाई रिस्क एरिया : गंदापुरा, ऊंचा चंदना, कान्हड़ी कलां, अहलुवाला, ज्ञानेवाला, फतेहपुर, जमनावाला, रायपुर, शादीपुर, कामी माजरा, तेजली, रापौली शामिल है। जहां पिछले साल 104 डेंगू के केस आए थे।
शहरी क्षेत्र हाई रिस्क एरिया : सेक्टर-17, प्रोफेसर कॉलोनी, लालद्वारा, कालिंदी कॉलोनी, सेक्टर-17 व 18, काली मंदिर, गुलाब नगर, तीर्थ नगर, चिट्टा मंदिर, रेलवे कॉलोनी, नजदीक आईटीआई, लक्ष्मी नगर, पुराना हमीदा, केसर नगर व अशोक विकार शामिल हैं। जहां पर पिछले साल डेंगू के 86 केस आए थे। ब्यूरो