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रेलवे स्टेशन उड़ाने की धमकी बनी चुनौती
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रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के सामान की जांच करती पुलिस। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अंबाला मंडल के रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी और कपालमोचन मेला में उमड़ी वाली भीड़ सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती साबित होने वाली है। यहां पर सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए अधिकारियों को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। चारों तरफ से खुले स्टेशन पर निगरानी, सुरक्षा व जांच बहुत बड़ी चुनौती है। फिलहाल जीआरपी और आरपीएफ सुरक्षा के मद्देनजर जांच में जुटे हैं।
कपालमोचन मेला के समय में धमकी मिलने के कारण आला अधिकारियों सहित रेलवे प्रशासन की भी नींद उड़ी हुई है। 15 नवंबर को कपालमोचन मेले का शुभारंभ होना है। श्रद्धालु अभी से आने शुरु हो गए हैं। मेले में हर साल प्रदेश सहित पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू कश्मीर सहित अन्य राज्यों से दस लाख से ज्यादा लोग पहुंचते हैं।
वहीं यमुनानगर जगाधरी अंबाला मंडल के प्रमुख स्टेशन है। यह उत्तरप्रदेश से सटा हुआ है और पूर्वी भारत में जाने वाली मुख्य लाइन यही से गुजरती है। प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्री यहां से गुजरते हैं। मेले में लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद पर अतिरिक्त फोर्स लगाने की आवश्यकता है। परंतु अभी तक ऐसा प्रबंध नहीं किया गया है।
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स्टेशन पर धूल फांक रहे सीसीटीवी
रेलवे स्टेशन पर दो साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगाने शुरू किए गए थे। यह काम अभी भी अधर में है। स्टेशन पर लगे कैमरे धूल फांक रहे हैं। स्टेशन की निगरानी के लिए कुल 40 कैमरे लगाए जाने थे, जिसमें से मात्र 15 ही लगाए गए हैं। योजना के तहत प्लेटफार्म नंबर एक पर कुल 19 कैमरे लाए जाने हैं। वहीं दो व तीन नंबर प्लेटफार्म पर कुल 16 कैमरे लगाए जाने हैं। आरपीएफ थाने में बने कंट्रोल रूम में भी उपकरणों पर धूल की मोटी परतें जमी हुई हैं। रेलवे स्टेशन को तीन बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है, जिसके लिए तीसरी आंख से निगरानी रखने की योजना बनाई गई थी।
कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के दौरान काम रोकना पड़ा था। कुछ कैमरे लगा दिए गए हैं, कुछ लगाने बाकी हैं। मामला अधिकारियों के संज्ञान में है। कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। कजल्द ही यहां पर लगा दिए जाएंगे। मेला और बम से उड़ाने की धमकी को लेकर आरपीएफ पूरी तरह अलर्ट है। जीआरपी और आरपीएफ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था चौकस बनाए हुए हैं।
रमेश श्योराणा, कंपनी कमांडेंट, आरपीएफ
दिन-रात रेलवे स्टेशन पर जांच की जा रही है। सुरक्षा कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। प्लेटफार्म सहित अन्य तमाम स्थानों पर निगरानी की जा रही है। दोनों तरफ पहुंचने वाली गाड़ियों में बड़े स्तर पर चेकिंग हो रही है। महिला कर्मचारियों को मिलाकर छह टीम बनाई गई हैं। इसके अलावा साधारण कपड़ों में सुरक्षा कर्मी यात्रियों के बीच जाकर व्यवस्था जांच रहे हैं। फिलहाल अतिरिक्त फोर्स नहीं लगाई गई है। - नरेंद्र प्रसाद, थाना प्रभारी जीआरपी
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यमुनानगर। अंबाला मंडल के रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी और कपालमोचन मेला में उमड़ी वाली भीड़ सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती साबित होने वाली है। यहां पर सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए अधिकारियों को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। चारों तरफ से खुले स्टेशन पर निगरानी, सुरक्षा व जांच बहुत बड़ी चुनौती है। फिलहाल जीआरपी और आरपीएफ सुरक्षा के मद्देनजर जांच में जुटे हैं।
कपालमोचन मेला के समय में धमकी मिलने के कारण आला अधिकारियों सहित रेलवे प्रशासन की भी नींद उड़ी हुई है। 15 नवंबर को कपालमोचन मेले का शुभारंभ होना है। श्रद्धालु अभी से आने शुरु हो गए हैं। मेले में हर साल प्रदेश सहित पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू कश्मीर सहित अन्य राज्यों से दस लाख से ज्यादा लोग पहुंचते हैं।
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वहीं यमुनानगर जगाधरी अंबाला मंडल के प्रमुख स्टेशन है। यह उत्तरप्रदेश से सटा हुआ है और पूर्वी भारत में जाने वाली मुख्य लाइन यही से गुजरती है। प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्री यहां से गुजरते हैं। मेले में लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद पर अतिरिक्त फोर्स लगाने की आवश्यकता है। परंतु अभी तक ऐसा प्रबंध नहीं किया गया है।
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स्टेशन पर धूल फांक रहे सीसीटीवी
रेलवे स्टेशन पर दो साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगाने शुरू किए गए थे। यह काम अभी भी अधर में है। स्टेशन पर लगे कैमरे धूल फांक रहे हैं। स्टेशन की निगरानी के लिए कुल 40 कैमरे लगाए जाने थे, जिसमें से मात्र 15 ही लगाए गए हैं। योजना के तहत प्लेटफार्म नंबर एक पर कुल 19 कैमरे लाए जाने हैं। वहीं दो व तीन नंबर प्लेटफार्म पर कुल 16 कैमरे लगाए जाने हैं। आरपीएफ थाने में बने कंट्रोल रूम में भी उपकरणों पर धूल की मोटी परतें जमी हुई हैं। रेलवे स्टेशन को तीन बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है, जिसके लिए तीसरी आंख से निगरानी रखने की योजना बनाई गई थी।
कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के दौरान काम रोकना पड़ा था। कुछ कैमरे लगा दिए गए हैं, कुछ लगाने बाकी हैं। मामला अधिकारियों के संज्ञान में है। कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। कजल्द ही यहां पर लगा दिए जाएंगे। मेला और बम से उड़ाने की धमकी को लेकर आरपीएफ पूरी तरह अलर्ट है। जीआरपी और आरपीएफ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था चौकस बनाए हुए हैं।
रमेश श्योराणा, कंपनी कमांडेंट, आरपीएफ
दिन-रात रेलवे स्टेशन पर जांच की जा रही है। सुरक्षा कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। प्लेटफार्म सहित अन्य तमाम स्थानों पर निगरानी की जा रही है। दोनों तरफ पहुंचने वाली गाड़ियों में बड़े स्तर पर चेकिंग हो रही है। महिला कर्मचारियों को मिलाकर छह टीम बनाई गई हैं। इसके अलावा साधारण कपड़ों में सुरक्षा कर्मी यात्रियों के बीच जाकर व्यवस्था जांच रहे हैं। फिलहाल अतिरिक्त फोर्स नहीं लगाई गई है। - नरेंद्र प्रसाद, थाना प्रभारी जीआरपी