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Yamuna Nagar News: जेई को 48 घंटे तक हिरासत में रखने के विरोध में उतरे बिजलीकर्मी
Tue, 06 Oct 2026 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 06 Oct 2026 01:38 AM IST
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अधीक्षक अभियंता कार्यालय के सामने धरने पर बैठे अधिकारी व कर्मचारी। संवाद
- फोटो : Archive
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। छछरौली में करंट लगने से ठेकेदार के अधीन कार्यरत कर्मचारी संजीव कुमार की मौत के मामले में बिजली निगम के जेई को करीब 48 घंटे हिरासत में रखने के विरोध में सोमवार को एचएसईबी वर्कर यूनियन ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अधीक्षक अभियंता कार्यालय पर आठ घंटे तक प्रदर्शन किया।
कर्मचारी कभी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते तो कभी एसएचओ छछरौली के। बिजली कर्मचारियों ने अधीक्षक अभियंता कार्यालय के सामने धरना देकर छछरौली थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यूनियन पदाधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
केंद्रीय परिषद के वरिष्ठ उपप्रधान अशोक शर्मा, सर्कल सचिव मंदीप शर्मा, यमुनानगर यूनिट प्रधान कर्म सिंह, सचिव नितिन राणा, जगाधरी यूनिट प्रधान राजेश कुमार कश्यप, सचिव कंवरपाल, व्यासपुर यूनिट प्रधान सुनील सैनी और सचिव रविंद्र सैनी ने कहा कि एक अक्तूबर को गांव गनौली में 11 हजार वोल्ट की लाइन पर काम करने के दौरान इस्माइलपुर निवासी संजीव कुमार की करंट लगने से मौत हो गई थी।
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इसके बाद छछरौली थाना प्रभारी ने बिजली निगम छछरौली के जेई संजीव कुमार को पूछताछ के नाम पर करीब 48 घंटे तक हिरासत में रखा। आरोप है कि जेई को सीआईए यमुनानगर की हवालात में भी रखा गया। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जेई के परिवार के सदस्यों, पत्नी और हादसे में घायल बेटे को भी रातभर छछरौली थाने में बिठाकर रखा गया। विभागीय कर्मचारी के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। हादसे की जांच कानून के अनुसार होनी चाहिए, लेकिन किसी कर्मचारी को बेवजह हिरासत में रखकर परेशान करना उचित नहीं है।
यह था मामला
गांव इस्माइलपुर निवासी संजीव कुमार छछरौली बिजली निगम में ठेकेदार के माध्यम से कार्य कर रहा था। एक अक्तूबर को वह अन्य कर्मचारियों के साथ गांव गनौली में लाइन पर काम करने गया था। परमिट लेने के बावजूद अचानक बिजली आपूर्ति चालू हो गई और करंट लगने से वह नीचे गिर गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। परिजनों ने ठेकेदार, लाइनमैन, जेई, एसडीओ और अन्य कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने आरोप लगाया कि लाइन का शटडाउन होने के बावजूद निर्धारित समय से पहले बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई। तब परिजन जेई की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए थे।
मृतक के परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। -रमेश कुमार, डीएसपी, व्यासपुर।
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यमुनानगर। छछरौली में करंट लगने से ठेकेदार के अधीन कार्यरत कर्मचारी संजीव कुमार की मौत के मामले में बिजली निगम के जेई को करीब 48 घंटे हिरासत में रखने के विरोध में सोमवार को एचएसईबी वर्कर यूनियन ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अधीक्षक अभियंता कार्यालय पर आठ घंटे तक प्रदर्शन किया।
कर्मचारी कभी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते तो कभी एसएचओ छछरौली के। बिजली कर्मचारियों ने अधीक्षक अभियंता कार्यालय के सामने धरना देकर छछरौली थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यूनियन पदाधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
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केंद्रीय परिषद के वरिष्ठ उपप्रधान अशोक शर्मा, सर्कल सचिव मंदीप शर्मा, यमुनानगर यूनिट प्रधान कर्म सिंह, सचिव नितिन राणा, जगाधरी यूनिट प्रधान राजेश कुमार कश्यप, सचिव कंवरपाल, व्यासपुर यूनिट प्रधान सुनील सैनी और सचिव रविंद्र सैनी ने कहा कि एक अक्तूबर को गांव गनौली में 11 हजार वोल्ट की लाइन पर काम करने के दौरान इस्माइलपुर निवासी संजीव कुमार की करंट लगने से मौत हो गई थी।
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इसके बाद छछरौली थाना प्रभारी ने बिजली निगम छछरौली के जेई संजीव कुमार को पूछताछ के नाम पर करीब 48 घंटे तक हिरासत में रखा। आरोप है कि जेई को सीआईए यमुनानगर की हवालात में भी रखा गया। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जेई के परिवार के सदस्यों, पत्नी और हादसे में घायल बेटे को भी रातभर छछरौली थाने में बिठाकर रखा गया। विभागीय कर्मचारी के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। हादसे की जांच कानून के अनुसार होनी चाहिए, लेकिन किसी कर्मचारी को बेवजह हिरासत में रखकर परेशान करना उचित नहीं है।
यह था मामला
गांव इस्माइलपुर निवासी संजीव कुमार छछरौली बिजली निगम में ठेकेदार के माध्यम से कार्य कर रहा था। एक अक्तूबर को वह अन्य कर्मचारियों के साथ गांव गनौली में लाइन पर काम करने गया था। परमिट लेने के बावजूद अचानक बिजली आपूर्ति चालू हो गई और करंट लगने से वह नीचे गिर गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। परिजनों ने ठेकेदार, लाइनमैन, जेई, एसडीओ और अन्य कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने आरोप लगाया कि लाइन का शटडाउन होने के बावजूद निर्धारित समय से पहले बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई। तब परिजन जेई की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए थे।
मृतक के परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। -रमेश कुमार, डीएसपी, व्यासपुर।