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Yamuna Nagar News: धान की आवक बढ़ी, राइस मिलरों से अनुबंध न होने से अटका उठान
Tue, 06 Oct 2026 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 06 Oct 2026 01:45 AM IST
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धान की बोरियों से अटा जगाधरी की अनाज मंडी का शेड। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक लगातार बढ़ रही है। वहीं अभी तक उठान शुरू नहीं हो सकी है। इसकी वजह राइस मिलरों से अनुबंध पूरा न होना बताया जा रहा है।
जिले की 13 मंडियों में अब तक करीब 63 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान पहुंच चुका है। इसमें से केवल 12,553 मीट्रिक टन धान की ही खरीद हो पाई है। यानी खरीदे गए धान की तुलना में करीब पांच गुना धान अभी मंडियों में पड़ा है। उठान नहीं होने से मंडियों में जगह की कमी हो गई है और किसान व आढ़ती परेशान हैं।
मंडियों में पड़ा धान आढ़तियों और किसानों की निगरानी में है। हालात यह हैं कि एक ट्रॉली से धान उतारने के लिए भी किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मंडियां धान से पूरी तरह भर चुकी हैं। अब तक मंडियों से एक बोरी धान का भी उठान नहीं हो पाया है।
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धान के उठान में सबसे बड़ी अड़चन राइस मिलरों के अनुबंध की प्रक्रिया बताई जा रही है। डीएफएससी कार्यालय में अभी राइस मिलरों के अनुबंध पूरे नहीं हो सके हैं। अनुबंध की प्रक्रिया लंबी होने के कारण उठान शुरू नहीं हो पाया है। जिले में करीब 184 राइस मिलर हैं।
अनुबंध के लिए फाइल से संबंधित जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन किए जाने हैं, जिसमें काफी समय लग रहा है। धान का उठान होने के बाद ही किसानों को उनकी उपज का भुगतान हो सकेगा। फिलहाल मंडियों में धान की मात्रा लगातार बढ़ने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यदि जल्द उठान शुरू नहीं हुआ तो मंडियों में आने वाले नए धान को रखने के लिए जगह का संकट और बढ़ सकता है।
पोर्टल पर कम दिख रहा धान
गांव भंभौली के किसान नरेंद्र सिंह का कहना है कि वह जगाधरी अनाज मंडी में 70 क्विंटल धान लेकर आया, लेकिन पोर्टल पर 33 क्विंटल ही दिख रहा है। नमी भी अधिक दिखाई गई है। मंडी में धान सुखाने तक की जगह नहीं है। डाटा गलत होने के साथ मंडी में जगह की भी समस्या है। पता नहीं कब तक धान बिकेगा।
नमी अधिक दर्ज कर रहे
गांव पांसरा के किसान राजबीर ने बताया कि पोर्टल तो ठीक चल रहा है, लेकिन मंडियों में धान की खरीद नहीं हो रही। आढ़ती कहते हैं कि उनके पास धान रखने की जगह नहीं है। ऐसे में किसान फंस गया है और मजबूरी में ट्रॉली में ही धान रखना पड़ रहा है। धान को बेचने में बहुत समय लग रहा है।
अनाज मंडियों से धान उठान जल्द ही शुरू हो जाएगा। राइस मिलरों का अनुबंध तेजी से पूरा किया जा रहा है। किसानों से अपील है कि वह धान को अच्छी तरह से सुखाकर ही मंडी में लेकर आएं। - नितिश सिंगला, डीएफएससी।
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यमुनानगर। जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक लगातार बढ़ रही है। वहीं अभी तक उठान शुरू नहीं हो सकी है। इसकी वजह राइस मिलरों से अनुबंध पूरा न होना बताया जा रहा है।
जिले की 13 मंडियों में अब तक करीब 63 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान पहुंच चुका है। इसमें से केवल 12,553 मीट्रिक टन धान की ही खरीद हो पाई है। यानी खरीदे गए धान की तुलना में करीब पांच गुना धान अभी मंडियों में पड़ा है। उठान नहीं होने से मंडियों में जगह की कमी हो गई है और किसान व आढ़ती परेशान हैं।
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मंडियों में पड़ा धान आढ़तियों और किसानों की निगरानी में है। हालात यह हैं कि एक ट्रॉली से धान उतारने के लिए भी किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मंडियां धान से पूरी तरह भर चुकी हैं। अब तक मंडियों से एक बोरी धान का भी उठान नहीं हो पाया है।
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धान के उठान में सबसे बड़ी अड़चन राइस मिलरों के अनुबंध की प्रक्रिया बताई जा रही है। डीएफएससी कार्यालय में अभी राइस मिलरों के अनुबंध पूरे नहीं हो सके हैं। अनुबंध की प्रक्रिया लंबी होने के कारण उठान शुरू नहीं हो पाया है। जिले में करीब 184 राइस मिलर हैं।
अनुबंध के लिए फाइल से संबंधित जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन किए जाने हैं, जिसमें काफी समय लग रहा है। धान का उठान होने के बाद ही किसानों को उनकी उपज का भुगतान हो सकेगा। फिलहाल मंडियों में धान की मात्रा लगातार बढ़ने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यदि जल्द उठान शुरू नहीं हुआ तो मंडियों में आने वाले नए धान को रखने के लिए जगह का संकट और बढ़ सकता है।
पोर्टल पर कम दिख रहा धान
गांव भंभौली के किसान नरेंद्र सिंह का कहना है कि वह जगाधरी अनाज मंडी में 70 क्विंटल धान लेकर आया, लेकिन पोर्टल पर 33 क्विंटल ही दिख रहा है। नमी भी अधिक दिखाई गई है। मंडी में धान सुखाने तक की जगह नहीं है। डाटा गलत होने के साथ मंडी में जगह की भी समस्या है। पता नहीं कब तक धान बिकेगा।
नमी अधिक दर्ज कर रहे
गांव पांसरा के किसान राजबीर ने बताया कि पोर्टल तो ठीक चल रहा है, लेकिन मंडियों में धान की खरीद नहीं हो रही। आढ़ती कहते हैं कि उनके पास धान रखने की जगह नहीं है। ऐसे में किसान फंस गया है और मजबूरी में ट्रॉली में ही धान रखना पड़ रहा है। धान को बेचने में बहुत समय लग रहा है।
अनाज मंडियों से धान उठान जल्द ही शुरू हो जाएगा। राइस मिलरों का अनुबंध तेजी से पूरा किया जा रहा है। किसानों से अपील है कि वह धान को अच्छी तरह से सुखाकर ही मंडी में लेकर आएं। - नितिश सिंगला, डीएफएससी।

धान की बोरियों से अटा जगाधरी की अनाज मंडी का शेड। संवाद

धान की बोरियों से अटा जगाधरी की अनाज मंडी का शेड। संवाद

धान की बोरियों से अटा जगाधरी की अनाज मंडी का शेड। संवाद