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Yamuna Nagar News: टोल टैक्स से बचने के लिए वाहन चालकों का शार्ट कट बना आफत
Mon, 12 Jan 2026 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 12 Jan 2026 12:57 AM IST
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गांव कान्हड़ी में पुलिया के ऊपर डाले गए पेड़ व गुजरते वाहन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गधौला टोल से बचने के लिए वाहन चालकों की ओर से अपनाए जा रहे शॉर्टकट रास्ते अब ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। टोल शुल्क से बचने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में वाहन कान्हड़ी गांव के अंदरूनी रास्तों से होकर गुजर रहे हैं। इससे गांव की संकरी गलियों में दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।
वाहनों की लंबी कतारों के कारण न केवल ग्रामीणों का दैनिक आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज रफ्तार से गुजरते वाहनों की चपेट में आकर अब तक कई बच्चे घायल हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता पहले केवल स्थानीय लोगों के उपयोग में था।
अब भारी वाहन और तेज रफ्तार कारें यहां से गुजरने लगी हैं। सड़क बेहद संकरी होने के कारण आमने-सामने वाहन आने पर टकराव की स्थिति बन जाती है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए सड़क पार करना तक मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों को हर समय किसी बड़े हादसे का डर सताता रहता है।
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सरपंच प्रतिनिधि सन्नी सैनी ने बताया कि गांव के संकरे रास्ते के किनारे जोहड़ स्थित है, जो लगातार हादसों का कारण बन रहा है। पहले भी कई वाहन इसमें गिर चुके हैं। कुछ समय पहले एक निजी स्कूल की बस भी जोहड़ में गिर गई थी, जिसे ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि उस समय कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
वहीं शुक्रवार को जोहड़ में गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हिमांशु की मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार डीसी कार्यालय को जोहड़ के चारों ओर बाउंड्री वॉल बनाने की मांग की गई, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का सवाल है कि आखिर प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीण प्रताप सिंह का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान दिया होता तो हिमांशु की जान बचाई जा सकती थी। जोहड़ के किनारे न तो बाड़ लगाई गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। रात के समय या अपरिचित चालकों को जोहड़ का अंदाजा तक नहीं लग पाता और वाहन सीधे पानी में जा गिरते हैं। कर्मचंद, अरनेक सिंह, इंद्रजीत सिंह, दिलबाग सिंह, अंकुश सैनी, महावीर सिंह, अनिल कुमार फौजी, जनकराज, गौरव कुमार और बंटी ने मांग की है कि जोहड़ के चारों ओर दीवार बनाई जाए। टोल बचाने के लिए गांव में प्रवेश करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
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यमुनानगर। गधौला टोल से बचने के लिए वाहन चालकों की ओर से अपनाए जा रहे शॉर्टकट रास्ते अब ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। टोल शुल्क से बचने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में वाहन कान्हड़ी गांव के अंदरूनी रास्तों से होकर गुजर रहे हैं। इससे गांव की संकरी गलियों में दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।
वाहनों की लंबी कतारों के कारण न केवल ग्रामीणों का दैनिक आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज रफ्तार से गुजरते वाहनों की चपेट में आकर अब तक कई बच्चे घायल हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता पहले केवल स्थानीय लोगों के उपयोग में था।
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अब भारी वाहन और तेज रफ्तार कारें यहां से गुजरने लगी हैं। सड़क बेहद संकरी होने के कारण आमने-सामने वाहन आने पर टकराव की स्थिति बन जाती है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए सड़क पार करना तक मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों को हर समय किसी बड़े हादसे का डर सताता रहता है।
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सरपंच प्रतिनिधि सन्नी सैनी ने बताया कि गांव के संकरे रास्ते के किनारे जोहड़ स्थित है, जो लगातार हादसों का कारण बन रहा है। पहले भी कई वाहन इसमें गिर चुके हैं। कुछ समय पहले एक निजी स्कूल की बस भी जोहड़ में गिर गई थी, जिसे ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि उस समय कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
वहीं शुक्रवार को जोहड़ में गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हिमांशु की मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार डीसी कार्यालय को जोहड़ के चारों ओर बाउंड्री वॉल बनाने की मांग की गई, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का सवाल है कि आखिर प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीण प्रताप सिंह का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान दिया होता तो हिमांशु की जान बचाई जा सकती थी। जोहड़ के किनारे न तो बाड़ लगाई गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। रात के समय या अपरिचित चालकों को जोहड़ का अंदाजा तक नहीं लग पाता और वाहन सीधे पानी में जा गिरते हैं। कर्मचंद, अरनेक सिंह, इंद्रजीत सिंह, दिलबाग सिंह, अंकुश सैनी, महावीर सिंह, अनिल कुमार फौजी, जनकराज, गौरव कुमार और बंटी ने मांग की है कि जोहड़ के चारों ओर दीवार बनाई जाए। टोल बचाने के लिए गांव में प्रवेश करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।

गांव कान्हड़ी में पुलिया के ऊपर डाले गए पेड़ व गुजरते वाहन। संवाद

गांव कान्हड़ी में पुलिया के ऊपर डाले गए पेड़ व गुजरते वाहन। संवाद