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Yamuna Nagar News: मर्ज बढ़ता जा रहा, नहीं मिल रही ऑपरेशन की तारीख...

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Aug 2025 01:50 AM IST
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The disease is increasing, the date of operation is not being found...
401..... पर्ची कटवाने के लिए इंतजार करते मरिज संवाद - फोटो : श्रावस्ती को मिली वैन।

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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बहुत देर से लाइन में खड़े हैं, लेकिन नंबर नहीं आ रहा...। नागरिक अस्पताल में लगी भीड़ में खड़ा हर मरीज कुछ ऐसा ही दर्द बयां कर रहा है। मरीजों का कहना है कि दर्द बढ़ता जा रहा है मगर ऑपरेशन की तारीख नहीं मिल रही है। निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत 15 दिन से इलाज नहीं मिल रहा। सरकार और आईएमए के बीच गतिरोध दूर होने की उम्मीद भी उस वक्त टूट गईं जब मंगलवार को प्रस्तावित बैठक अचानक स्थगित कर दी गई, जो अब 24 अगस्त को होगी। नागरिक अस्पताल में रोजाना ढाई हजार से ज्यादा मरीजों की भीड़ उमड़ रही है और ऑपरेशन केवल एक-दो के हो रहे हैं।



मंगलवार को नागरिक अस्पताल की ओपीडी में 2612 मरीज पहुंचे, जबकि सोमवार को यह संख्या 2474 रही। पर्ची काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कमरों तक कतारें लगी रहीं। कई मरीज सुबह से लाइन में लगे रहे और पर्ची कटने के अंतिम समय तक ज्यों की त्यों लाइन में अपनी बारी का इंतजार करते रहे लेकिन दर्द लेकर वापिस लौट गए। इसी तरह आयुष्मान पर्ची काउंटर पर भी हालात सामान्य नहीं हैं। सोमवार को यहां 44 मरीज पहुंचे, जबकि मंगलवार को यह संख्या बढ़कर फिर से 52 हो गई। इनमें से सोमवार को जहां तीन मरीजों का ही ऑपरेशन हो सका, वहीं मंगलवार को सिर्फ दो मरीजों की ही सर्जरी हो पाई।
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दर्द बढ़ता जा रहा
इंद्री से आए मरीज सचिन ने बताया कि वह अपनी सर्जरी के लिए नागरिक अस्पताल आए, लेकिन ऑपरेशन की तारीख नहीं मिल रही। क्योंकि पहले से ऑपरेशन में वेटिंग है। इसलिए इंतजार करना पड़ेगा, अब मजबूरी में निजी अस्पताल जाना पड़ेगा।
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घंटों खड़े रहने से टूट रही हिम्मत
निसिंग से आए मरीज विकास ने कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज मुफ्त जरूर है पर भीड़ इतनी है कि डॉक्टरों के पास समय नहीं। भीड़ बहुत है, घंटों खड़े रहने के बाद हिम्मत टूट जाती है। आखिर गरीब मरीज जाएं तो जाएं कहां।

डॉक्टरों के लिए भी चुनौती : डॉ. जयवर्धन

एक डॉक्टर रोजाना 200 से 250 मरीजों की ओपीडी देख रहा है जबकि मरीजों को देखने की निर्धारित संख्या 60 होती है। ऐसे में ओपीडी छोड़ मरीजों के बीच ऑपरेशन के लिए समय देना चुनौती बनता जा रहा है। नागरिक अस्पताल से ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन ने बताया कि निश्चित रूप से निजी अस्पतालों से सरकारी की ओर अचानक से मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। इससे डॉक्टरों के लिए तो यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है ही। साथ ही ओपीडी छोड़कर मरीजों की इंडाॅस्कोपी करने जाना और फिर वापस आकर मरीजों को देखना मुश्किल भरा है।



वर्जन-

सोमवार को सर्जरी के लिए पांच मरीज आए जिनमें से एक घुटनों की बदली और एक हिप प्लांट सर्जरी ही हो पाई क्योंकि ऑर्थो की एक सर्जरी में करीब ढाई घंटे का समय लगता है। ऐसे में एक दिन में केवल एक या दो ही सर्जरी मुश्किल से हो पाती है। बाकी के तीन फ्रैक्चर से पीड़ित मरीजों को शुक्रवार और अगले सोमवार तक का इंतजार करना पड़ेगा। एक दिन में अगर 10 आयुष्मान के मरीज आ रहे हैं तो उनमें बिना आयुष्मान वाले भी हैं जिनमें से मुश्किल से एक का ऑपरेशन हो पा रहा है।

- डॉ. सौरभ, हड्डी रोग विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल

वर्जन-
बैठकों में कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। सरकारी कोई भी निर्णय नहीं ले रही है। अब बैठक 24 अगस्त को होगी, तब तक आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पताल में इलाज बंद रहेगा। लोगों को सरकारी अस्पतालों में ही जाना होगा।
- डॉ. दीपक प्रकाश, प्रधान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन करनाल
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