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Yamuna Nagar News: बच्चों ने बेकार सामान से बनाई सुंदर वस्तुए
Sun, 25 Jan 2026 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 25 Jan 2026 01:22 AM IST
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कार्यक्रम के दौरान मौजूद प्रतिभागी व स्टाफ। स्कूल
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम की स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) टीम द्वारा मुकंद लाल नेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल मॉडल टाउन में वेस्ट टू आर्ट गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता, पुनर्चक्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस गतिविधि में विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्यार्थियों ने वेस्ट सामग्री (बेकार वस्तुओं) से कई उपयोगी एवं आकर्षक वस्तुएं बनाकर अपनी कला, रचनात्मकता एवं नवाचार का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन आईईसी एक्सपर्ट दुर्गेश कुमार एवं सहयोगी गगन बेनीवाल ने बच्चों का मार्गदर्शन किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेश कुमार नरूला, अध्यापिका आरती ने भी स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला।
आईईसी विशेषज्ञ दुर्गेश कुमार ने पांच डस्टबिन सेग्रीगेशन प्रणाली की उपयोगिता समझाते हुए गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू खतरनाक कचरा, सेनिटरी वेस्ट और ई-वेस्ट के पृथक्करण की सही प्रक्रिया बताई। विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि कचरे का स्रोत स्तर पर ही पृथक्करण किया जाए तो उसके निस्तारण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया अधिक आसान और पर्यावरण के अनुकूल बन जाती है। अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को स्वच्छता अभियान से जोड़कर स्वच्छ एवं स्वस्थ यमुनानगर का निर्माण और स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में नगर निगम को बेहतर स्थान प्राप्त करना है।
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यमुनानगर। नगर निगम की स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) टीम द्वारा मुकंद लाल नेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल मॉडल टाउन में वेस्ट टू आर्ट गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता, पुनर्चक्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस गतिविधि में विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्यार्थियों ने वेस्ट सामग्री (बेकार वस्तुओं) से कई उपयोगी एवं आकर्षक वस्तुएं बनाकर अपनी कला, रचनात्मकता एवं नवाचार का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन आईईसी एक्सपर्ट दुर्गेश कुमार एवं सहयोगी गगन बेनीवाल ने बच्चों का मार्गदर्शन किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेश कुमार नरूला, अध्यापिका आरती ने भी स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला।
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आईईसी विशेषज्ञ दुर्गेश कुमार ने पांच डस्टबिन सेग्रीगेशन प्रणाली की उपयोगिता समझाते हुए गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू खतरनाक कचरा, सेनिटरी वेस्ट और ई-वेस्ट के पृथक्करण की सही प्रक्रिया बताई। विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि कचरे का स्रोत स्तर पर ही पृथक्करण किया जाए तो उसके निस्तारण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया अधिक आसान और पर्यावरण के अनुकूल बन जाती है। अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को स्वच्छता अभियान से जोड़कर स्वच्छ एवं स्वस्थ यमुनानगर का निर्माण और स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में नगर निगम को बेहतर स्थान प्राप्त करना है।
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