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Yamuna Nagar News: जैसलमेर की संस्कृति से रूबरू होंगे विद्यार्थी
Mon, 11 Nov 2024 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 11 Nov 2024 01:26 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। सरकारी स्कूल के विद्यार्थी जल्द ही राजस्थान के ऐतिसाहिक, सांस्कृतिक व खूबसूरत शहर की सैर करेंगे। विद्यार्थियों को यह सैर शिक्षा विभाग करवाएगा। विद्यार्थियों का यह भ्रमण नेचर एडवेंचर कैंप प्रोग्राम के तहत प्लान किया गया है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में फिलहाल पीएमश्री स्कूलों को शामिल किया गया है।
जिले के सात पीएमश्री स्कूल से कुल 140 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इस दौरान विद्यार्थियों को राजस्थान की सांस्कृतिक नगरी जैसलमेर की सैर करवाई जाएगी। विद्यार्थी जैसलमेर के किले, प्राचीन महलों, बाड़ों, इमारतों व राजसी नगर का भ्रमण करेंगे। इस दौरान विद्यार्थी राजस्थान की समृद्ध धरोहर व संस्कृति के बारे जानकारी लेंगे।
विद्यार्थियों के आने जाने, ठहरने, खाने-पीने व जैसलमेर में घूमने का पूरा खर्च शिक्षा विभाग की ओर से किया जाएगा। इस शैक्षणिक भ्रमण को लेकर विद्यार्थियों में काफी उत्साह है। यह भ्रमण पांच दिन का होगा और विद्यार्थी 23 नवंबर को इसके लिए रवाना होगा। कार्यक्रम के तहत 28 तक विद्यार्थी भ्रमण करेंगे और 29 को घर लौट आएंगे। इस दौरान विद्यार्थी ट्रेन के खूबसूरत सफर का भी आनंद लेंगे।
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जिला परियोजना सह समन्वयक डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि जैसलमेर राजस्थान का प्राचीन व प्रमुख नगर हैं, जो नक्काशीदार हवेलियों, गलियों, प्राचीन जैन मंदिरों, मेलों और उत्सवों के लिए प्रसिद्ध हैं। वहीं, गांव में रेत के टीलों का पर्यटन की दृष्टि से विशेष महत्व है। यहां का जैसलमेर किला राजस्थान के श्रेष्ठ धान्वन दुर्गों में माना जाता और इसे सोनार किला भी कहते हैं।
जैसलमेर को गोल्डन सिटी के नाम से जाना जाता है और यह राजस्थान की सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक है। पीले बलुआ पत्थर से बनी यह संरचना एक पहाड़ी ऊपर और जमीन से काफी ऊंची है, जहां से पूरा शहर दिखता है। जैसलमेर किला यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल भी है। जैसलमेर को एक रंगीन और जीवंत संस्कृति का नगर कहा जाता है, जो बीते युग की समृद्ध विरासत को दर्शाता है।
पाकिस्तान सीमा के सबसे करीब यह पश्चिमोत्तर भारत का अंतिम जिला है। इसे भारत के पहरी के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर रेगिस्तान है जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। वहीं, शहर का लोक संगीत और नृत्य इसकी संस्कृति का एक मौलिक हिस्सा है। अतीत की परंपराओं, विभिन्न सामाजिक रीति-रिवाजों और शास्त्रीय संगीत का एक असाधारण सम्मेलन है। इसके चलते विद्यार्थियों को यहां का भ्रमण करवाया जा रहा है।
इन पीएमश्री स्कूलों से जाएंगे विद्यार्थी
इस कार्यक्रम के लिए दूसरे घोषणा में खुले पीएमश्री स्कूलों के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। इसमें सालेपुर, मछरौली, भंभौल, दामला, चमरौड़ी, ललहाड़ी कलां, प्रतापनगर के पीएमश्री स्कूल शामिल हैं। हर स्कूल से दस लड़कों व दस लड़कियों का चयन किया गया है। जो 24 से 28 नवंबर तक राजस्थान के जैसलमेर का भ्रमण करेगा। इसमें कुल 70 लड़कें और 70 लड़कियां शामिल हैं। इसके लिए विद्यार्थियों की पढ़ाई, अंक के साथ खेल, प्रदर्शनी सहित अन्य गतिविधियों में प्रदर्शन का आकलन किया गया है। इसके अलावा अध्यापकों भी विद्यार्थियों के साथ जाएंगे। भ्रमण के लिए अध्यापकों का चयन भी उनके प्रदर्शन के अनुसार किया गया है। इसमें अध्यापकों के विषय में विद्यार्थियों की उत्तीर्ण प्रतिशत, विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी, प्रशिक्षण शिविरों में प्रस्तुति इत्यादि का आकलन किया गया है।
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जगाधरी। सरकारी स्कूल के विद्यार्थी जल्द ही राजस्थान के ऐतिसाहिक, सांस्कृतिक व खूबसूरत शहर की सैर करेंगे। विद्यार्थियों को यह सैर शिक्षा विभाग करवाएगा। विद्यार्थियों का यह भ्रमण नेचर एडवेंचर कैंप प्रोग्राम के तहत प्लान किया गया है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में फिलहाल पीएमश्री स्कूलों को शामिल किया गया है।
जिले के सात पीएमश्री स्कूल से कुल 140 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इस दौरान विद्यार्थियों को राजस्थान की सांस्कृतिक नगरी जैसलमेर की सैर करवाई जाएगी। विद्यार्थी जैसलमेर के किले, प्राचीन महलों, बाड़ों, इमारतों व राजसी नगर का भ्रमण करेंगे। इस दौरान विद्यार्थी राजस्थान की समृद्ध धरोहर व संस्कृति के बारे जानकारी लेंगे।
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विद्यार्थियों के आने जाने, ठहरने, खाने-पीने व जैसलमेर में घूमने का पूरा खर्च शिक्षा विभाग की ओर से किया जाएगा। इस शैक्षणिक भ्रमण को लेकर विद्यार्थियों में काफी उत्साह है। यह भ्रमण पांच दिन का होगा और विद्यार्थी 23 नवंबर को इसके लिए रवाना होगा। कार्यक्रम के तहत 28 तक विद्यार्थी भ्रमण करेंगे और 29 को घर लौट आएंगे। इस दौरान विद्यार्थी ट्रेन के खूबसूरत सफर का भी आनंद लेंगे।
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जिला परियोजना सह समन्वयक डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि जैसलमेर राजस्थान का प्राचीन व प्रमुख नगर हैं, जो नक्काशीदार हवेलियों, गलियों, प्राचीन जैन मंदिरों, मेलों और उत्सवों के लिए प्रसिद्ध हैं। वहीं, गांव में रेत के टीलों का पर्यटन की दृष्टि से विशेष महत्व है। यहां का जैसलमेर किला राजस्थान के श्रेष्ठ धान्वन दुर्गों में माना जाता और इसे सोनार किला भी कहते हैं।
जैसलमेर को गोल्डन सिटी के नाम से जाना जाता है और यह राजस्थान की सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक है। पीले बलुआ पत्थर से बनी यह संरचना एक पहाड़ी ऊपर और जमीन से काफी ऊंची है, जहां से पूरा शहर दिखता है। जैसलमेर किला यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल भी है। जैसलमेर को एक रंगीन और जीवंत संस्कृति का नगर कहा जाता है, जो बीते युग की समृद्ध विरासत को दर्शाता है।
पाकिस्तान सीमा के सबसे करीब यह पश्चिमोत्तर भारत का अंतिम जिला है। इसे भारत के पहरी के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर रेगिस्तान है जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। वहीं, शहर का लोक संगीत और नृत्य इसकी संस्कृति का एक मौलिक हिस्सा है। अतीत की परंपराओं, विभिन्न सामाजिक रीति-रिवाजों और शास्त्रीय संगीत का एक असाधारण सम्मेलन है। इसके चलते विद्यार्थियों को यहां का भ्रमण करवाया जा रहा है।
इन पीएमश्री स्कूलों से जाएंगे विद्यार्थी
इस कार्यक्रम के लिए दूसरे घोषणा में खुले पीएमश्री स्कूलों के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। इसमें सालेपुर, मछरौली, भंभौल, दामला, चमरौड़ी, ललहाड़ी कलां, प्रतापनगर के पीएमश्री स्कूल शामिल हैं। हर स्कूल से दस लड़कों व दस लड़कियों का चयन किया गया है। जो 24 से 28 नवंबर तक राजस्थान के जैसलमेर का भ्रमण करेगा। इसमें कुल 70 लड़कें और 70 लड़कियां शामिल हैं। इसके लिए विद्यार्थियों की पढ़ाई, अंक के साथ खेल, प्रदर्शनी सहित अन्य गतिविधियों में प्रदर्शन का आकलन किया गया है। इसके अलावा अध्यापकों भी विद्यार्थियों के साथ जाएंगे। भ्रमण के लिए अध्यापकों का चयन भी उनके प्रदर्शन के अनुसार किया गया है। इसमें अध्यापकों के विषय में विद्यार्थियों की उत्तीर्ण प्रतिशत, विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी, प्रशिक्षण शिविरों में प्रस्तुति इत्यादि का आकलन किया गया है।