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Yamuna Nagar News: सोम, पथराला नदियों का पानी खेतों से कम हुआ
Sun, 04 Aug 2024 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 04 Aug 2024 01:55 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। सोम व पथराला नदियों से खेतों में घुसा बाढ़ का पानी कम हो गया है। कई जगह पर यह पानी अभी खेतों में ही जमा है। जिसकी वजह से गन्ने व धान की फसल प्रभावित हो रही है।
बता दें कि दो दिन पहले सोम व पथराला नदियों में आई बाढ़ का पानी क्षेत्र के खेतों में घुस गया था। हालांकि बाढ़ का पानी तो उतर गया है, पर कई जगह जो खेत गहरे थे। वहां अभी पानी जमा हुआ है। किसानों का कहना है कि वैसे तो धान की फसल पानी में अच्छी होती है पर गहरे खेतों में अगर फसल ज्यादा समय पानी में डूबी रही तो फसल खराब हो जाती है।
इसी तरह गन्ने की फसल अगर ज्यादा पानी में डूबी रहे तो वह भी खराब हो जाती है। बाढ़ का पानी खेतों से उतरकर आगे चला गया है पर फिर भी कई एकड़ जमीन बाढ़ के पानी से प्रभावित है। किसानों ने मांग की है कि बाढ़ के पानी से जो फैसले खराब हुई हैं उनकी गिरदावरी कर किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए।
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छछरौली। सोम व पथराला नदियों से खेतों में घुसा बाढ़ का पानी कम हो गया है। कई जगह पर यह पानी अभी खेतों में ही जमा है। जिसकी वजह से गन्ने व धान की फसल प्रभावित हो रही है।
बता दें कि दो दिन पहले सोम व पथराला नदियों में आई बाढ़ का पानी क्षेत्र के खेतों में घुस गया था। हालांकि बाढ़ का पानी तो उतर गया है, पर कई जगह जो खेत गहरे थे। वहां अभी पानी जमा हुआ है। किसानों का कहना है कि वैसे तो धान की फसल पानी में अच्छी होती है पर गहरे खेतों में अगर फसल ज्यादा समय पानी में डूबी रही तो फसल खराब हो जाती है।
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इसी तरह गन्ने की फसल अगर ज्यादा पानी में डूबी रहे तो वह भी खराब हो जाती है। बाढ़ का पानी खेतों से उतरकर आगे चला गया है पर फिर भी कई एकड़ जमीन बाढ़ के पानी से प्रभावित है। किसानों ने मांग की है कि बाढ़ के पानी से जो फैसले खराब हुई हैं उनकी गिरदावरी कर किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए।
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