{"_id":"6a3adb44e1deffbdbb0096ed","slug":"records-of-medicine-arrivals-and-consumption-will-be-entered-daily-on-the-dpmu-portal-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-158311-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: डीपीएमयू पोर्टल पर रोज दर्ज होगा दवा की आवक और खपत का रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: डीपीएमयू पोर्टल पर रोज दर्ज होगा दवा की आवक और खपत का रिकॉर्ड
Wed, 24 Jun 2026 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:45 AM IST
विज्ञापन
जिला नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को सभी आवश्यक दवाएं समय पर और निशुल्क उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दवा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सख्त बना दिया है। स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि डीपीएमयू पोर्टल पर प्रतिदिन दवा की आवक और खपत जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा।
निर्देशों के अनुसार केंद्रीय गोदाम, स्थानीय खरीद अथवा दान के माध्यम से प्राप्त होने वाली प्रत्येक दवा और उपभोग्य सामग्री की जानकारी तत्काल डीपीएमयू पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसके साथ ही मरीजों को वितरित की गई दवाओं का दैनिक उपभोग विवरण भी नियमित रूप से ऑनलाइन अपडेट करना होगा।
इससे वास्तविक समय में स्टॉक की स्थिति स्पष्ट रहेगी और किसी भी दवा की कमी या स्टॉक खत्म होने की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय कर दी हैं। सिविल सर्जन को जिले में इन निर्देशों के क्रियान्वयन और निगरानी की समग्र जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें मुख्य फार्मेसी अधिकारी और संबंधित टीम के साथ प्रत्येक सप्ताह समीक्षा बैठक आयोजित करनी होगी।
विज्ञापन
वहीं पीएमओ, एसएमओ, एमओ और सीएचओ को अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों के पोर्टल डेटा को पूरी तरह तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। फार्मेसी अधिकारियों और स्टोर कीपरों को दवाओं के सुरक्षित भंडारण, सटीक स्टॉक रजिस्टर संधारण और पोर्टल पर दैनिक डेटा प्रविष्टि के लिए सीधे तौर पर उत्तरदायी बनाया गया है।
उन्हें फर्स्ट एक्सपायर, फर्स्ट आउट प्रणाली का सख्ती से पालन करना होगा ताकि पहले समाप्त होने वाली दवाओं का उपयोग प्राथमिकता से किया जा सके। मुख्य फार्मेसी अधिकारी को जिले में कुल दवा स्टॉक की निगरानी करने तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टॉक वाले संस्थानों से मांग वाले केंद्रों तक दवाओं के स्थानांतरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
ईडीएल के अनुसार दवा लिखने का निर्देश
विभाग ने चिकित्सकों को भी आवश्यक औषधि सूची (ईडीएल) के अनुरूप ही दवाएं लिखने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक पर्चे पर दवा का सामान्य नाम बड़े अक्षरों में लिखना, स्पष्ट रोग निदान अंकित करना तथा हस्ताक्षर और मुहर लगाना अनिवार्य होगा। अस्पताल की स्वीकृत दवा सूची से बाहर की दवाओं के पर्चे लिखने पर रोक लगाई गई है। निर्देशों में कोल्ड चेन बनाए रखने, स्थानीय खरीद से पहले अनुपलब्धता प्रमाण पत्र (एनएसी) प्राप्त करने, समाप्त हो चुकी दवाओं का सुरक्षित निपटान करने और दवा पर्चों की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध दवाओं की सूची प्रतिदिन ओपीडी काउंटरों और फार्मेसी खिड़कियों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए दवा की आवक, खरीद, प्राप्ति और खपत का डाटा ऑनलाइन करना जरूरी है। इस बारे में सभी की ड्यूटी लगा दी गई ताकि रोजाना पोर्टल पर डाटा अपलोड किया जा सके। - डॉ. दिव्या मंगला, कार्यवाहक, सिविल सर्जन।
विज्ञापन
यमुनानगर। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को सभी आवश्यक दवाएं समय पर और निशुल्क उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दवा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सख्त बना दिया है। स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि डीपीएमयू पोर्टल पर प्रतिदिन दवा की आवक और खपत जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा।
निर्देशों के अनुसार केंद्रीय गोदाम, स्थानीय खरीद अथवा दान के माध्यम से प्राप्त होने वाली प्रत्येक दवा और उपभोग्य सामग्री की जानकारी तत्काल डीपीएमयू पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसके साथ ही मरीजों को वितरित की गई दवाओं का दैनिक उपभोग विवरण भी नियमित रूप से ऑनलाइन अपडेट करना होगा।
विज्ञापन
इससे वास्तविक समय में स्टॉक की स्थिति स्पष्ट रहेगी और किसी भी दवा की कमी या स्टॉक खत्म होने की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय कर दी हैं। सिविल सर्जन को जिले में इन निर्देशों के क्रियान्वयन और निगरानी की समग्र जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें मुख्य फार्मेसी अधिकारी और संबंधित टीम के साथ प्रत्येक सप्ताह समीक्षा बैठक आयोजित करनी होगी।
विज्ञापन
वहीं पीएमओ, एसएमओ, एमओ और सीएचओ को अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों के पोर्टल डेटा को पूरी तरह तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। फार्मेसी अधिकारियों और स्टोर कीपरों को दवाओं के सुरक्षित भंडारण, सटीक स्टॉक रजिस्टर संधारण और पोर्टल पर दैनिक डेटा प्रविष्टि के लिए सीधे तौर पर उत्तरदायी बनाया गया है।
उन्हें फर्स्ट एक्सपायर, फर्स्ट आउट प्रणाली का सख्ती से पालन करना होगा ताकि पहले समाप्त होने वाली दवाओं का उपयोग प्राथमिकता से किया जा सके। मुख्य फार्मेसी अधिकारी को जिले में कुल दवा स्टॉक की निगरानी करने तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टॉक वाले संस्थानों से मांग वाले केंद्रों तक दवाओं के स्थानांतरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
ईडीएल के अनुसार दवा लिखने का निर्देश
विभाग ने चिकित्सकों को भी आवश्यक औषधि सूची (ईडीएल) के अनुरूप ही दवाएं लिखने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक पर्चे पर दवा का सामान्य नाम बड़े अक्षरों में लिखना, स्पष्ट रोग निदान अंकित करना तथा हस्ताक्षर और मुहर लगाना अनिवार्य होगा। अस्पताल की स्वीकृत दवा सूची से बाहर की दवाओं के पर्चे लिखने पर रोक लगाई गई है। निर्देशों में कोल्ड चेन बनाए रखने, स्थानीय खरीद से पहले अनुपलब्धता प्रमाण पत्र (एनएसी) प्राप्त करने, समाप्त हो चुकी दवाओं का सुरक्षित निपटान करने और दवा पर्चों की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध दवाओं की सूची प्रतिदिन ओपीडी काउंटरों और फार्मेसी खिड़कियों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए दवा की आवक, खरीद, प्राप्ति और खपत का डाटा ऑनलाइन करना जरूरी है। इस बारे में सभी की ड्यूटी लगा दी गई ताकि रोजाना पोर्टल पर डाटा अपलोड किया जा सके। - डॉ. दिव्या मंगला, कार्यवाहक, सिविल सर्जन।