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प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में दीक्षांत अव्वल
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विजेता छात्रा को सम्मानित करते प्राचार्य। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय आदर्श संस्कृत विद्यालय में दो दिवसीय निगरानी व परामर्श कार्यक्रम का सोमवार को समापन हो गया। इस दौरान विज्ञान के सामान्य ज्ञान पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता करवाई गई। प्रतियोगिता में दीक्षांत डांगी ने पहला, जीवेश ने दूसरा व गौरवी ने तीसरा स्थान पाया।
मुख्यातिथि राजकीय महाविद्यालय छछरौली की जीव विज्ञान की प्राध्यापिका सुजाता शर्मा ने विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न प्रयोगों के बारे में समझाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रिंसिपल डॉ. सुनील कांबोज ने बताया कि विषय प्रयोग विधि से शिक्षण कार्य करवाने से विषय के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ती है। उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और विषय को गहराई से समझ पाते हैं। विज्ञान विषय पर्यावरण में वस्तुओं की प्रमाणिकता को दर्शाता है।
विज्ञान से किए गए प्रत्येक कार्य व प्रयोग में सटीक परिणाम सामने आते हैं। अध्यापकों को प्रत्येक विषय में प्रयोगात्मक कार्य अवश्य करवानी चाहिए। कार्यक्रम संयोजक योगेश भट्ट ने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रिप्रोडक्टिव पार्ट ऑफ फ्लावर, चीक सेल एवं पार्ट, स्टोमेटा स्लाइड को माइक्रोस्कोप से अध्ययन व पत्तों में स्टार्च की जानकारी ली। प्रधानाचार्य डॉ. कांबोज ने विजेताओं को नकद पुरस्कार दिया। इस दौरान सुखचैन सिंह, उपजीत कौर, अवनीश, अल्का, मेघा, शैलजा, राजीव ग्रोवर सहित अन्य उपस्थित रहे।
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बिलासपुर। राजकीय आदर्श संस्कृत विद्यालय में दो दिवसीय निगरानी व परामर्श कार्यक्रम का सोमवार को समापन हो गया। इस दौरान विज्ञान के सामान्य ज्ञान पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता करवाई गई। प्रतियोगिता में दीक्षांत डांगी ने पहला, जीवेश ने दूसरा व गौरवी ने तीसरा स्थान पाया।
मुख्यातिथि राजकीय महाविद्यालय छछरौली की जीव विज्ञान की प्राध्यापिका सुजाता शर्मा ने विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न प्रयोगों के बारे में समझाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रिंसिपल डॉ. सुनील कांबोज ने बताया कि विषय प्रयोग विधि से शिक्षण कार्य करवाने से विषय के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ती है। उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और विषय को गहराई से समझ पाते हैं। विज्ञान विषय पर्यावरण में वस्तुओं की प्रमाणिकता को दर्शाता है।
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विज्ञान से किए गए प्रत्येक कार्य व प्रयोग में सटीक परिणाम सामने आते हैं। अध्यापकों को प्रत्येक विषय में प्रयोगात्मक कार्य अवश्य करवानी चाहिए। कार्यक्रम संयोजक योगेश भट्ट ने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रिप्रोडक्टिव पार्ट ऑफ फ्लावर, चीक सेल एवं पार्ट, स्टोमेटा स्लाइड को माइक्रोस्कोप से अध्ययन व पत्तों में स्टार्च की जानकारी ली। प्रधानाचार्य डॉ. कांबोज ने विजेताओं को नकद पुरस्कार दिया। इस दौरान सुखचैन सिंह, उपजीत कौर, अवनीश, अल्का, मेघा, शैलजा, राजीव ग्रोवर सहित अन्य उपस्थित रहे।
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