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Yamuna Nagar News: जमकर की खरीदारी, झूलों का उठाया लुत्फ
Sun, 17 Nov 2024 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 17 Nov 2024 02:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पांच दिवसीय कपालमोचन मेला का शुक्रवार रात समापन हो गया था। मेला को लेकर लोगों में बहुत उत्साह था। जिस कारण शनिवार को भी कपालमोचन में 30 हजार से ज्यादा लोग कपालमोचन में पहुंचे। लोगों ने मेला में लगी दुकानों पर अच्छी खासी खरीदारी की।
लोगों की भीड़ को देख कर दुकानदारों ने भी अन्य दिनों की अपेक्षा अपने सामान के रेट कुछ कम कर दिए थे। लोगों ने भी इस मौके का बखूबी फायदा उठाया और देर रात तक खरीदारी करते रहे। शुक्रवार को ही पुलिस मेला से जा चुकी थी। इसलिए थाना बिलासपुर व डायल 112 की गाड़ियां ही मेला में चक्कर लगाती रही। वहीं मेला प्रशासक एवं एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल भी देर शाम तक मेला में डटे रहे।
मेला के दौरान आधा दर्जन बच्चे भीड़ में अपने माता-पिता से बिछड़ गए। कई जेब कतरे पुलिस के हत्थे भी चढ़े। झूला, सर्कस, मौत का कुआं वालों की अच्छी चांदी हुई। ऑटो वालों ने बिलासपुर से कपालमोचन तक जाने के लिए यात्रियों से लिए मनमाने रेट वसूले। काफी श्रद्धालुओं ने तीनों सरोवर में स्नान के पश्चात मंदिरों में पूजा अर्चना भी की।
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वहीं मेला समापन के बाद जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन लौट गया। वहीं श्राइन बोर्ड के अधिकारी व स्थानीय पुलिस मेले में व्यवस्था बनाए रखने में व्यस्त नजर आई। स्थानीय लोगों की भीड़ से दुकानदारों ने राहत की सांस ली। दुकानदार सुलेमान, सलामत अली का कहना है कि पांच दिवसीय मेले में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं ने कम खरीदारी की। वहीं पिछले दो दिनों में स्थानीय लोगों की भीड़ ने दुकानदारों का मंदा दूर किया।
मेला समापन के अगले दिन लोगों की अधिक भीड़ होने कारण उधम सिंह चौक पर जाम की स्थिति बनी रही। जांच खुलवाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा। उधम सिंह चौक से कपालमोचन बस स्टैंड तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। वही पंजाब से भंडारे, धार्मिक व अन्य कार्यक्रम करने के लिए पहुंचे श्रद्धालु अपने टैंट के सामान को समेटते नजर आए।कोई भी भंडारा नहीं होने के कारण चाट भंडार, छोले भटूरे, चाय, पकोड़े की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ रही।
श्राइन बोर्ड द्वारा कपालमोचन व आदिबद्री स्थित मंदिरों की चढ़ावे की गिनती जारी रखी। मेला समापन के बाद भी कर्मचारी कपालमोचन धार्मिक स्थलों, श्री आदिबद्री स्थलों के चढ़ावे की गिनती करते नजर आए। चढ़ावे में पिछले साल के मुकाबले कम चढ़ावा आने का अनुमान है। पिछले वर्ष श्राइन बोर्ड के पास कपालमोचन मेले में चढ़ावे के रूप में बीस लाख से अधिक की राशि आई थी।
एक दिन पहले तक लगभग 16 लाख रुपये से अधिक की राशि आ चुकी है। एक दर्जन से अधिक लोगों की जेब कटी, पर्स गुम व बैग चोरी होने की सूचना मिली। मेले में बिछड़े बच्चों को स्थानीय पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उनके परिजनों से मिलवाया। बच्चों को परिजनों से मिलवाने में थाना प्रभारी राय सिंह, सुरक्षाकर्मी अशोक कुमार, एएसआई ओमप्रकाश व डायल 112 पुलिस ने विशेष सहयोग किया।
सभी के सहयोग से सफल रहा आयोजन : मेला प्रशासक
मेला प्रशासक जसपाल सिंह गिल ने कहा कि जिले के अधिकारियों व कर्मचारियों के सहयोग से मेला शांतिपूर्ण संपन्न हुआ है। मेले के समापन के पश्चात भी श्राइन बोर्ड के अधिकारी अधिकतर कार्यों को पूरा करने में जुटे रहे। मेला समापन के पश्चात पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। सरोवरों की सफाई करवा दी जाएगी।
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बिलासपुर। पांच दिवसीय कपालमोचन मेला का शुक्रवार रात समापन हो गया था। मेला को लेकर लोगों में बहुत उत्साह था। जिस कारण शनिवार को भी कपालमोचन में 30 हजार से ज्यादा लोग कपालमोचन में पहुंचे। लोगों ने मेला में लगी दुकानों पर अच्छी खासी खरीदारी की।
लोगों की भीड़ को देख कर दुकानदारों ने भी अन्य दिनों की अपेक्षा अपने सामान के रेट कुछ कम कर दिए थे। लोगों ने भी इस मौके का बखूबी फायदा उठाया और देर रात तक खरीदारी करते रहे। शुक्रवार को ही पुलिस मेला से जा चुकी थी। इसलिए थाना बिलासपुर व डायल 112 की गाड़ियां ही मेला में चक्कर लगाती रही। वहीं मेला प्रशासक एवं एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल भी देर शाम तक मेला में डटे रहे।
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मेला के दौरान आधा दर्जन बच्चे भीड़ में अपने माता-पिता से बिछड़ गए। कई जेब कतरे पुलिस के हत्थे भी चढ़े। झूला, सर्कस, मौत का कुआं वालों की अच्छी चांदी हुई। ऑटो वालों ने बिलासपुर से कपालमोचन तक जाने के लिए यात्रियों से लिए मनमाने रेट वसूले। काफी श्रद्धालुओं ने तीनों सरोवर में स्नान के पश्चात मंदिरों में पूजा अर्चना भी की।
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वहीं मेला समापन के बाद जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन लौट गया। वहीं श्राइन बोर्ड के अधिकारी व स्थानीय पुलिस मेले में व्यवस्था बनाए रखने में व्यस्त नजर आई। स्थानीय लोगों की भीड़ से दुकानदारों ने राहत की सांस ली। दुकानदार सुलेमान, सलामत अली का कहना है कि पांच दिवसीय मेले में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं ने कम खरीदारी की। वहीं पिछले दो दिनों में स्थानीय लोगों की भीड़ ने दुकानदारों का मंदा दूर किया।
मेला समापन के अगले दिन लोगों की अधिक भीड़ होने कारण उधम सिंह चौक पर जाम की स्थिति बनी रही। जांच खुलवाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा। उधम सिंह चौक से कपालमोचन बस स्टैंड तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। वही पंजाब से भंडारे, धार्मिक व अन्य कार्यक्रम करने के लिए पहुंचे श्रद्धालु अपने टैंट के सामान को समेटते नजर आए।कोई भी भंडारा नहीं होने के कारण चाट भंडार, छोले भटूरे, चाय, पकोड़े की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ रही।
श्राइन बोर्ड द्वारा कपालमोचन व आदिबद्री स्थित मंदिरों की चढ़ावे की गिनती जारी रखी। मेला समापन के बाद भी कर्मचारी कपालमोचन धार्मिक स्थलों, श्री आदिबद्री स्थलों के चढ़ावे की गिनती करते नजर आए। चढ़ावे में पिछले साल के मुकाबले कम चढ़ावा आने का अनुमान है। पिछले वर्ष श्राइन बोर्ड के पास कपालमोचन मेले में चढ़ावे के रूप में बीस लाख से अधिक की राशि आई थी।
एक दिन पहले तक लगभग 16 लाख रुपये से अधिक की राशि आ चुकी है। एक दर्जन से अधिक लोगों की जेब कटी, पर्स गुम व बैग चोरी होने की सूचना मिली। मेले में बिछड़े बच्चों को स्थानीय पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उनके परिजनों से मिलवाया। बच्चों को परिजनों से मिलवाने में थाना प्रभारी राय सिंह, सुरक्षाकर्मी अशोक कुमार, एएसआई ओमप्रकाश व डायल 112 पुलिस ने विशेष सहयोग किया।
सभी के सहयोग से सफल रहा आयोजन : मेला प्रशासक
मेला प्रशासक जसपाल सिंह गिल ने कहा कि जिले के अधिकारियों व कर्मचारियों के सहयोग से मेला शांतिपूर्ण संपन्न हुआ है। मेले के समापन के पश्चात भी श्राइन बोर्ड के अधिकारी अधिकतर कार्यों को पूरा करने में जुटे रहे। मेला समापन के पश्चात पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। सरोवरों की सफाई करवा दी जाएगी।