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गैंग रेप पीड़िता के साथ की हैवानियत की हदें पार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Aug 2016 12:25 AM IST
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rape
- फोटो : demo
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थाना फर्कपुर क्षेत्र अंतर्गत दर्ज हुआ सामूहिक दुष्कर्म का केस वापस न लेने पर तीन युवकों ने गैंग रेप पीड़िता के साथ सारी हदें पार कर दी। युवकों ने पीड़िता के कपड़े फाड़ दिए और उसके गुप्तांग पर इंजेक्शन लगाए। आरोप है कि युवकों ने उसके साथ जबरदस्ती की और उससे सुसाइड नोट भी लिखवा लिया। परिजन उसे ट्रामा सेंटर ले गए, जहां से उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। बीती 22 जुलाई को ही पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दो महिलाओं समेत सात लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज किया था।
पीड़िता ने बताया कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे घर पर थी। इस दौरान तीन युवक आए और उसे सामूहिक दुष्कर्म का केस वापस लेने के लिए धमकाने लगे। उसने इंकार कर दिया तो आरोपियों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और जबरन गुप्तांग पर इंजेक्शन लगाए। आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद उन्होंने उससे सुसाइड नोट भी लिखवा लिया और इंजेक्शन से जहरीला पदार्थ पिला दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। महिला के परिजन उसे ट्रामा सेंटर ले गए, जहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। परिजनों ने इसकी शिकायत थाना फर्कपुर पुलिस में दी। पुलिस ने आरोपी राजेश कुमार, अनिल कुमार व सुनील कुमार के खिलाफ भादंसं की धारा 323, 452, 328, 354, 506 व एससी/एसटी एक्ट के तहत कस दर्ज कर लिया है।
उधर, थाना फर्कपुर एसएचओ सुभाष चंद्र का कहना है कि महिला ने शिकायत दी है कि तीन आरोपी उसके घर में घुस आए और केस वापस लेने के लिए धमकाने लगे। केस वापस न लेने पर मारपीट की और इंजेक्शन से कोई दवा पिला दिया। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। वह बेसुध हो गई। महिला की शिकायत पर तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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दो साल पुराना है सामूहिक दुष्कर्म का मामला
पीड़िता की शिकायत पर थाना फर्कपुर पुलिस ने बीती 22 जुलाई को केस दर्ज किया था। सामूहिक दुष्कर्म महिला के साथ दो साल पहले हुआ था, लेकिन महिला ने इसकी शिकायत 22 जुलाई को दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो महिलाओं समेत सात लोगों को नामजद किया था। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। शिकायत दी थी कि दो अक्टूबर 2014 को परिवार के अन्य सदस्य बाहर गए हुए थे और वह घर पर अकेली थी। इस दौरान अंजना और मीना उसके घर आ गई। कुछ देर बाद दोनों ने अपने जानकर मोनू, राजिंद्र, राजेश, सुनील और राजिंद्र को भी बुला लिया। आरोपी उससे छेड़छाड़ करने लगे।
विरोध करने पर आरोपी उसे कमरे मेें ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। करीब दो साल तक उसने यह बात किसी को नहीं बताई। लेकिन आरोपी उसे फिर परेशान करने लगे, जिसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी थी।
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पीड़िता ने बताया कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे घर पर थी। इस दौरान तीन युवक आए और उसे सामूहिक दुष्कर्म का केस वापस लेने के लिए धमकाने लगे। उसने इंकार कर दिया तो आरोपियों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और जबरन गुप्तांग पर इंजेक्शन लगाए। आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद उन्होंने उससे सुसाइड नोट भी लिखवा लिया और इंजेक्शन से जहरीला पदार्थ पिला दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। महिला के परिजन उसे ट्रामा सेंटर ले गए, जहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। परिजनों ने इसकी शिकायत थाना फर्कपुर पुलिस में दी। पुलिस ने आरोपी राजेश कुमार, अनिल कुमार व सुनील कुमार के खिलाफ भादंसं की धारा 323, 452, 328, 354, 506 व एससी/एसटी एक्ट के तहत कस दर्ज कर लिया है।
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उधर, थाना फर्कपुर एसएचओ सुभाष चंद्र का कहना है कि महिला ने शिकायत दी है कि तीन आरोपी उसके घर में घुस आए और केस वापस लेने के लिए धमकाने लगे। केस वापस न लेने पर मारपीट की और इंजेक्शन से कोई दवा पिला दिया। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। वह बेसुध हो गई। महिला की शिकायत पर तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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दो साल पुराना है सामूहिक दुष्कर्म का मामला
पीड़िता की शिकायत पर थाना फर्कपुर पुलिस ने बीती 22 जुलाई को केस दर्ज किया था। सामूहिक दुष्कर्म महिला के साथ दो साल पहले हुआ था, लेकिन महिला ने इसकी शिकायत 22 जुलाई को दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो महिलाओं समेत सात लोगों को नामजद किया था। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। शिकायत दी थी कि दो अक्टूबर 2014 को परिवार के अन्य सदस्य बाहर गए हुए थे और वह घर पर अकेली थी। इस दौरान अंजना और मीना उसके घर आ गई। कुछ देर बाद दोनों ने अपने जानकर मोनू, राजिंद्र, राजेश, सुनील और राजिंद्र को भी बुला लिया। आरोपी उससे छेड़छाड़ करने लगे।
विरोध करने पर आरोपी उसे कमरे मेें ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। करीब दो साल तक उसने यह बात किसी को नहीं बताई। लेकिन आरोपी उसे फिर परेशान करने लगे, जिसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी थी।