{"_id":"5b22b66a4f1c1bfa6e8b7f48","slug":"152900158112-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस पते पर कोई नहीं रहता बताकर पहली बार पुलिस ने वापस भेजी थी वेरिफिकेशन। फिर किरायानामा व खेती की जमीन का ठेकानामा अपने नाम करवा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इस पते पर कोई नहीं रहता बताकर पहली बार पुलिस ने वापस भेजी थी वेरिफिकेशन। फिर किरायानामा व खेती की जमीन का ठेकानामा अपने नाम करवा
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:09 AM IST
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संजीव को किराए पर कमरा देने वाला बाप- बेटा भी लापता, पुलिस तीनों की तलाश मेें जुटी
- रेलूराम पूनिया हत्याकांड, खुल रही है परतें, लेकिन संजीव नहीं आ रहा हाथ
-इस पते पर कोई नहीं रहता बताकर पहली बार पुलिस ने वापस भेजी थी वेरिफिकेशन
- फिर किरायानामा व खेती की जमीन का ठेकानामा अपने नाम करवाया तो मिली पैरोल
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/बिलासपुर। रेलूराम पूनिया हत्याकांड के दोषी संजीव कुमार को अभी पुलिस तलाश भी नहीं कर पाई है कि उसकी जमानत में सहयोग करने वाले चंगनौली के पूर्व सरपंच बलदेव व उसका बेटा लापता हो गए हैं। दो दिन पहले वे संजीव को तलाश करने की बात कहकर घर से गए थे, उसके बाद से नहीं लौटे। उनका मोबाइल भी तभी से स्विच ऑफ आ रहे हैं। जिससे परिवारवालों के साथ-साथ पुलिस के भी होश उड़ गए हैं। डीएसपी ने अब बाप-बेटे की तलाश में भी एक टीम लगा दी है।
एक बार लौटा दी थी वेरिफिकेशन : पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संजीव कुमार ने पैरोल लेने के लिए गांव चंगनौली के पते पर अदालत में अर्जी दाखिल की। थाना बिलासपुर में संजीव कुमार के गांव चंगनौली में रहने वाले पते की वेरिफिकेशन आई थी, लेकिन उस समय पुलिस ने यह कह कर इसे लौटा दिया था कि इस नाम का कोई व्यक्ति चंगनौली में नहीं रहता है। उसके पश्चात संजीव कुमार ने वकील की सलाह में गांव चंगनौली के पते पर किरायानामा व खेती की जमीन का ठेकानामा अपने नाम करवाई। तभी पटवारी ने अपनी रिपोर्ट पेश की। जिस पर संजीव ने पैरोल के लिए कागज कोर्ट में दाखिल करवाया था।
बलदेव सिंह ने भी दाखिल की बेल : संजीव के पैरोल से न लौटने के मामले में पुलिस ने पूछताछ के लिए गांव केे पूर्व सरपंच बलदेव सिंह से बात की थी। जिस पर बलदेव सिंह ने एक दिन का समय मांगा था, लेकिन गांव के पूर्व सरपंच बलदेव सिंह व उसका पुत्र कुलबीर पिछले दो दिनों से घर से लापता है। फोन पर संपर्क करने पर उनका फोन स्विच आफ आ रहा है। घर पर महिलाओं से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने यह कह कर बात करने से मना कर दिया कि उनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं दूसरी ओर बलदेव सिंह ने बिलासपुर न्यायालय में बेल अर्जी डाली है।
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मुआयना करने के बाद दी थी रिपोर्ट: पटवारी
गांव केे पटवारी प्रवीन कुमार ने बताया कि लगभग सात माह पूर्व उनकेे पास संजीव कुमार के नाम से गांव चंगनौली में किराये पर रहने को लेकर शिनाख्त करने के लिए अर्जी आई थी। जिस पर उन्होंने तुरंत गांव में जाकर मौके का मुआयना किया। गांव चंगनौली के दिए गए पते के अनुसार संजीव की मां राजबीरी देवी कमरे में मौजूद थी। गांव के पूर्व सरपंच बलदेव सिंह, नंबरदार जोरा सिंह, मान सिंह की शिनाख्त के आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी थी।
एसएचओ गुरमेल सिंह ने बताया कि पूर्व सरपंच बलदेव सिंह ने वकील के माध्यम से बिलासपुर न्यायालय में बेल दाखिल किए जाने के बारे में सूचना मिली है। बेल पर सुनवाई के पश्चात ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस मुख्य आरोपी संजीव के साथ पूर्व सरपंच की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। उत्तर प्रदेश केे सहारनपुर, ननौता, सरसावा सहित अनेक स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
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- रेलूराम पूनिया हत्याकांड, खुल रही है परतें, लेकिन संजीव नहीं आ रहा हाथ
-इस पते पर कोई नहीं रहता बताकर पहली बार पुलिस ने वापस भेजी थी वेरिफिकेशन
- फिर किरायानामा व खेती की जमीन का ठेकानामा अपने नाम करवाया तो मिली पैरोल
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/बिलासपुर। रेलूराम पूनिया हत्याकांड के दोषी संजीव कुमार को अभी पुलिस तलाश भी नहीं कर पाई है कि उसकी जमानत में सहयोग करने वाले चंगनौली के पूर्व सरपंच बलदेव व उसका बेटा लापता हो गए हैं। दो दिन पहले वे संजीव को तलाश करने की बात कहकर घर से गए थे, उसके बाद से नहीं लौटे। उनका मोबाइल भी तभी से स्विच ऑफ आ रहे हैं। जिससे परिवारवालों के साथ-साथ पुलिस के भी होश उड़ गए हैं। डीएसपी ने अब बाप-बेटे की तलाश में भी एक टीम लगा दी है।
एक बार लौटा दी थी वेरिफिकेशन : पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संजीव कुमार ने पैरोल लेने के लिए गांव चंगनौली के पते पर अदालत में अर्जी दाखिल की। थाना बिलासपुर में संजीव कुमार के गांव चंगनौली में रहने वाले पते की वेरिफिकेशन आई थी, लेकिन उस समय पुलिस ने यह कह कर इसे लौटा दिया था कि इस नाम का कोई व्यक्ति चंगनौली में नहीं रहता है। उसके पश्चात संजीव कुमार ने वकील की सलाह में गांव चंगनौली के पते पर किरायानामा व खेती की जमीन का ठेकानामा अपने नाम करवाई। तभी पटवारी ने अपनी रिपोर्ट पेश की। जिस पर संजीव ने पैरोल के लिए कागज कोर्ट में दाखिल करवाया था।
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बलदेव सिंह ने भी दाखिल की बेल : संजीव के पैरोल से न लौटने के मामले में पुलिस ने पूछताछ के लिए गांव केे पूर्व सरपंच बलदेव सिंह से बात की थी। जिस पर बलदेव सिंह ने एक दिन का समय मांगा था, लेकिन गांव के पूर्व सरपंच बलदेव सिंह व उसका पुत्र कुलबीर पिछले दो दिनों से घर से लापता है। फोन पर संपर्क करने पर उनका फोन स्विच आफ आ रहा है। घर पर महिलाओं से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने यह कह कर बात करने से मना कर दिया कि उनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं दूसरी ओर बलदेव सिंह ने बिलासपुर न्यायालय में बेल अर्जी डाली है।
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मुआयना करने के बाद दी थी रिपोर्ट: पटवारी
गांव केे पटवारी प्रवीन कुमार ने बताया कि लगभग सात माह पूर्व उनकेे पास संजीव कुमार के नाम से गांव चंगनौली में किराये पर रहने को लेकर शिनाख्त करने के लिए अर्जी आई थी। जिस पर उन्होंने तुरंत गांव में जाकर मौके का मुआयना किया। गांव चंगनौली के दिए गए पते के अनुसार संजीव की मां राजबीरी देवी कमरे में मौजूद थी। गांव के पूर्व सरपंच बलदेव सिंह, नंबरदार जोरा सिंह, मान सिंह की शिनाख्त के आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी थी।
एसएचओ गुरमेल सिंह ने बताया कि पूर्व सरपंच बलदेव सिंह ने वकील के माध्यम से बिलासपुर न्यायालय में बेल दाखिल किए जाने के बारे में सूचना मिली है। बेल पर सुनवाई के पश्चात ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस मुख्य आरोपी संजीव के साथ पूर्व सरपंच की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। उत्तर प्रदेश केे सहारनपुर, ननौता, सरसावा सहित अनेक स्थानों पर दबिश दी जा रही है।