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बलि देने से बीमारी ठीक होने का आया था सपना, इसलिए मारा भतीजी को
Updated Tue, 08 May 2018 01:04 AM IST
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बलि देने से बीमारी ठीक होने का आया था सपना, इसलिए मारा भतीजी को
पूछताछ में आरोपी महिला ने कबूली वारदात, बोली कुछ दिन पहले आया था सपना
आरोपी महिला को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर भेजा जेल
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
गांव मांडखेड़ी में चार साल की बच्ची की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी महिला पूजा ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। उसने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उसे रात को सपना आया था कि अगर वह किसी की बलि दे देगी तो उसकी ऊपरी हवा और भूत प्रेत के साये से मुक्ति मिल जाएगी। बलि के बाद घर में सुख शांति और समृद्धि आएगी। इसी के चलते उसने मासूम नंदिनी का गला रेत दिया। पुलिस ने आरोपी महिला से वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है। सोमवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
दिन में ही कर ली थी प्लानिंग
पूछताछ में पूजा ने बताया कि दिन में ही उसने बच्ची को मारने की प्लानिंग कर ली थी, लेकिन उसे ये होश नहीं था कि वह बच्ची को मारने जा रही है। शाम के वक्त घर में रखी तेजधार छुरी अपने पास रख ली थी और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया।
बीमारी रहती थी, इलाज के बाद भी नहीं हुआ था आराम
आरोपी पूजा ने पूछताछ में बताया कि वह बीमार रहती थी। कई जगह परिवार ने उसका इलाज भी कराया, लेकिन वह ठीक नहीं हुई। एक दिन वह सो रही थी। उसे सपना आया कि अगर वह किसी की बलि चढ़ा देती है तो उसकी बीमारी ठीक हो जाएगी। इसी के चलते उसने अपनी भतीजी नंदिनी की गला काट कर हत्या कर दी। महिला ने बताया कि जब उसने ऐसा किया तब वह होश में नहीं थी। उसे यह पता ही नहीं चला कि उसने ऐसा कर दिया। जब उसे होश आया तो उसने अपनी भतीजी को खून से लथपथ अपने आगे पड़ा देखा।
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सख्त सजा मिले देवरानी को
उधर, मृतक बच्ची नंदिनी की मां रजनी का कहना है कि अगर उसे पता होता कि उसकी देवरानी ऐसा करेगी तो वह अपने बच्चों को कभी उसके पास नहीं रहने देती। वह चाहती है कि पूजा को सख्त से सख्त सजा हो। हालांकि परिवार के सदस्यों का कहना है कि उसके पति की कोई गलती नहीं है और पूजा के दोनों बच्चे उनके अपने बच्चे हैं और वे ही उन्हें पालेंगे। बच्ची के दादा का कहना है कि नंदिनी उसकी दुलारी थी।
तीन डॉक्टर्स के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
सोमवार सुबह करीब 11 बजे के करीब सिविल अस्पताल में तीन डॉक्टर्स के पैनल ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किया। मृतक बच्ची की गर्दन श्वास नली के साथ करीब तीन इंच कटी हुई थी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के हवाले कर दिया। शाम को बच्ची का गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
आरोपी महिला को भेजा जेल :
जगाधरी सदर थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि आरोपी महिला ने पूछताछ में बताया है कि उसे बलि देने का सपना आया था। ताकि उसकी बीमारी ठीक हो जाए। जिसके बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया। महिला को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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पूछताछ में आरोपी महिला ने कबूली वारदात, बोली कुछ दिन पहले आया था सपना
आरोपी महिला को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर भेजा जेल
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
गांव मांडखेड़ी में चार साल की बच्ची की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी महिला पूजा ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। उसने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उसे रात को सपना आया था कि अगर वह किसी की बलि दे देगी तो उसकी ऊपरी हवा और भूत प्रेत के साये से मुक्ति मिल जाएगी। बलि के बाद घर में सुख शांति और समृद्धि आएगी। इसी के चलते उसने मासूम नंदिनी का गला रेत दिया। पुलिस ने आरोपी महिला से वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है। सोमवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
दिन में ही कर ली थी प्लानिंग
पूछताछ में पूजा ने बताया कि दिन में ही उसने बच्ची को मारने की प्लानिंग कर ली थी, लेकिन उसे ये होश नहीं था कि वह बच्ची को मारने जा रही है। शाम के वक्त घर में रखी तेजधार छुरी अपने पास रख ली थी और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया।
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बीमारी रहती थी, इलाज के बाद भी नहीं हुआ था आराम
आरोपी पूजा ने पूछताछ में बताया कि वह बीमार रहती थी। कई जगह परिवार ने उसका इलाज भी कराया, लेकिन वह ठीक नहीं हुई। एक दिन वह सो रही थी। उसे सपना आया कि अगर वह किसी की बलि चढ़ा देती है तो उसकी बीमारी ठीक हो जाएगी। इसी के चलते उसने अपनी भतीजी नंदिनी की गला काट कर हत्या कर दी। महिला ने बताया कि जब उसने ऐसा किया तब वह होश में नहीं थी। उसे यह पता ही नहीं चला कि उसने ऐसा कर दिया। जब उसे होश आया तो उसने अपनी भतीजी को खून से लथपथ अपने आगे पड़ा देखा।
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सख्त सजा मिले देवरानी को
उधर, मृतक बच्ची नंदिनी की मां रजनी का कहना है कि अगर उसे पता होता कि उसकी देवरानी ऐसा करेगी तो वह अपने बच्चों को कभी उसके पास नहीं रहने देती। वह चाहती है कि पूजा को सख्त से सख्त सजा हो। हालांकि परिवार के सदस्यों का कहना है कि उसके पति की कोई गलती नहीं है और पूजा के दोनों बच्चे उनके अपने बच्चे हैं और वे ही उन्हें पालेंगे। बच्ची के दादा का कहना है कि नंदिनी उसकी दुलारी थी।
तीन डॉक्टर्स के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
सोमवार सुबह करीब 11 बजे के करीब सिविल अस्पताल में तीन डॉक्टर्स के पैनल ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किया। मृतक बच्ची की गर्दन श्वास नली के साथ करीब तीन इंच कटी हुई थी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के हवाले कर दिया। शाम को बच्ची का गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
आरोपी महिला को भेजा जेल :
जगाधरी सदर थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि आरोपी महिला ने पूछताछ में बताया है कि उसे बलि देने का सपना आया था। ताकि उसकी बीमारी ठीक हो जाए। जिसके बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया। महिला को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।