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खैर की लकड़ी बंद कार में छिपाकर बेचने जा रहे दो खैर तस्कर गिरफ्तार, एक फरार
Updated Sat, 30 Sep 2017 01:02 AM IST
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कार में खैर की लकड़ी ले जा रहे दो तस्कर गिरफ्तार, एक भागा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। स्कॉर्पियो से खैर की लकड़ी बेचने जा रहे दो तस्करों को सीआईए-वन की टीम ने मानकपुर के पास से गिरफ्तार किया है, जबकि एक भागने में कामयाब रहा। कार में करीब 50 हजार रुपये की खैर भरी हुई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें रिमांड पर लिया गया है।
सीआईए-वन के इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने बताया कि गुरुवार रात उन्हें सूचना मिली थी कि जंगल से खैर की लकड़ी चोरी से काटकर एक स्कॉर्पियो में भर कर उसे बेचने के लिए अंबाला की ओर जाएंगे। सूचना पर टीम ने मानकपुर औद्योगिक क्षेत्र के नजदीक नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी। कुछ देर बाद छछरौली की ओर से कार आती दिखाई दी। टीम ने कार को रोक कर जब उसकी तलाशी ली तो उसमें से खैर की लकड़ी के 43 पीस बरामद किए गए। मौके से दो खैर तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में कामयाब रहा। पकडे़ गए दोनों आरोपियों की पहचान इब्राहिमपुर निवासी इरफान और महेंद्री हसन के रूप में हुई, जबकि फरार हुए आरोपी की पहचान जाटोंवाला निवासी शमशाद बताया जा रहा है।
रात को जंगल से काट कर छाल उतारकर झाड़ियों में छिपा देते थे
सीआईए वन इंचार्ज नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह रात के समय इब्राहिमपुर के जंगल से खैर की कीमती लकड़ी काटते थे और उसके ऊपर की छाल उतारकर झाड़ियाें में छिपा देते थे। जब लकड़ी काफी मात्रा में एकत्रित हो जाती थी तो वह रात के समय जंगल से लकड़ी को गाड़ी में लादकर उसे बेचने के लिए जाते थे। आरोपी इरफान कार मालिक है, जबकि फरार हुआ आरोपी शमशाद कार चालक है।
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अंबाला के शहजादपुर में थोक व्यापारी को बेचते थे लकड़ी
आरोपी लंबे समय से खैर की तस्करी का काम कर रहे थे। आरोपी इरफान की कार में लकड़ी भर कर ले जाते थे। पकड़े जाने के डर से आरोपी बंद कार में सीटों को हटाकर वहां पर खैर की लकड़ी के छोटे पीस कर छिपा कर रखते थे। आरोपी जंगल से लकड़ी कार में भरकर अंबाला के शहजादपुर में एक थोक व्यापारी को बेचने जाते थे। इंचार्ज नरेंद्र सिंह का कहना है कि पकड़ी गई लकड़ी की कीमत करीब 50 हजार रुपये है। मामले में थोक व्यापारी से मामले में पूछताछ की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। स्कॉर्पियो से खैर की लकड़ी बेचने जा रहे दो तस्करों को सीआईए-वन की टीम ने मानकपुर के पास से गिरफ्तार किया है, जबकि एक भागने में कामयाब रहा। कार में करीब 50 हजार रुपये की खैर भरी हुई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें रिमांड पर लिया गया है।
सीआईए-वन के इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने बताया कि गुरुवार रात उन्हें सूचना मिली थी कि जंगल से खैर की लकड़ी चोरी से काटकर एक स्कॉर्पियो में भर कर उसे बेचने के लिए अंबाला की ओर जाएंगे। सूचना पर टीम ने मानकपुर औद्योगिक क्षेत्र के नजदीक नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी। कुछ देर बाद छछरौली की ओर से कार आती दिखाई दी। टीम ने कार को रोक कर जब उसकी तलाशी ली तो उसमें से खैर की लकड़ी के 43 पीस बरामद किए गए। मौके से दो खैर तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में कामयाब रहा। पकडे़ गए दोनों आरोपियों की पहचान इब्राहिमपुर निवासी इरफान और महेंद्री हसन के रूप में हुई, जबकि फरार हुए आरोपी की पहचान जाटोंवाला निवासी शमशाद बताया जा रहा है।
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रात को जंगल से काट कर छाल उतारकर झाड़ियों में छिपा देते थे
सीआईए वन इंचार्ज नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह रात के समय इब्राहिमपुर के जंगल से खैर की कीमती लकड़ी काटते थे और उसके ऊपर की छाल उतारकर झाड़ियाें में छिपा देते थे। जब लकड़ी काफी मात्रा में एकत्रित हो जाती थी तो वह रात के समय जंगल से लकड़ी को गाड़ी में लादकर उसे बेचने के लिए जाते थे। आरोपी इरफान कार मालिक है, जबकि फरार हुआ आरोपी शमशाद कार चालक है।
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अंबाला के शहजादपुर में थोक व्यापारी को बेचते थे लकड़ी
आरोपी लंबे समय से खैर की तस्करी का काम कर रहे थे। आरोपी इरफान की कार में लकड़ी भर कर ले जाते थे। पकड़े जाने के डर से आरोपी बंद कार में सीटों को हटाकर वहां पर खैर की लकड़ी के छोटे पीस कर छिपा कर रखते थे। आरोपी जंगल से लकड़ी कार में भरकर अंबाला के शहजादपुर में एक थोक व्यापारी को बेचने जाते थे। इंचार्ज नरेंद्र सिंह का कहना है कि पकड़ी गई लकड़ी की कीमत करीब 50 हजार रुपये है। मामले में थोक व्यापारी से मामले में पूछताछ की जाएगी।