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Yamuna Nagar News: वाहन बेचने के आरोपी एएसआई ने निगला जहरीला पदार्थ
Fri, 04 Oct 2024 03:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 04 Oct 2024 03:32 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पशु तस्करी के आरोप में पकड़े गए टाटा 207 वाहन को बेचने के आरोपी एएसआई जगजीत सिंह ने जहरीला पदार्थ निगल आत्महत्या करने का प्रयास किया। परिजनों ने उसे जगाधरी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। केस दर्ज होने पर आरोपी एएसआई को निलंबित किया जा चुका है।
गोरक्षक दल के सचिन कुमार ने अपनी टीम के साथ 23 दिसंबर 2018 को बिलासपुर में ककडौनी मोड पर पशुओं से भरा टाटा 207 वाहन पकड़ा था। वाहन से तीन पशु बरामद हुए है। इस संबंध में बिलासपुर थाना पुलिस ने पंजाब के जिला बरनाला के गांव धौल निवासी राजेंद्र सिंह, पटियाला जिले के गांव सलेमपुर शेखा व राजविंद्र सिंह पर केस दर्ज किया था।
पुलिस ने वाहन को कब्जे में लिया था। इस केस के ही निपटारे के बाद इस वाहन को रपट रोजनामचा के अनुसार दो दिसंबर 2023 को यह वाहन को डिस्पोजल के लिए पुलिस लाइन में भेजा गया। वहां से यह वाहन गायब था। मामला एसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने डिस्पोजल वाले वाहनों की वर्तमान स्थिति का पता करने के लिए कमेटी गठित की।
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कमेटी ने जब जांच की तो यह वाहन पीबी-11-सीजे-1664 गायब मिला। कमेटी की जांच में सामने आया कि फरवरी माह में इस वाहन को एएसआई जगजीत सिंह ने बेच दिया है। इसके बाद ही बीते रविवार को जगजीत सिंह पर केस दर्ज किया गया था।
चार साल चले केस में तीनों आरोपी हुए थे बरी
पशु तस्करी मामले में चार साल अदालत में केस चला था। पुलिस कोई ठोस सुबूत अदालत में पेश नहीं पाई। इस पर 22 सितंबर 2022 को अदालत ने आरोपी पुलिस ने पंजाब के जिला बरनाला के गांव धौल निवासी राजेंद्र सिंह, पटियाला जिले के गांव सलेमपुर शेखा व राजविंद्र सिंह को बरी कर दिया था। इस केस में पकड़े गए वाहन की मालिक बलविंद्र कौर अपने वाहन को लेने बिलासपुर थाना में पहुंची। वहां से उसे वाहन नहीं मिला। कई चक्कर काटने के बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसके बाद पुलिस ने उसके वाहन की खोजबीन की।
सदर जगाधरी थाना प्रभारी हवा कौर का कहना है कि शहर के निजी अस्पताल से अंशल टाउन में एएसआई जगजीत सिंह के जहरीला पदार्थ निगलने की सूचना मिली थी। जिस पर वह उनका बयान लेने के लिए अस्पताल गए थे। लेकिन एएसआई आईसीयू में भर्ती है। अभी वह बयान देने की स्थिति में नहीं है। इसलिए उनसे कोई बात नहीं हो पाई है। बयान लेने के बाद मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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यमुनानगर। पशु तस्करी के आरोप में पकड़े गए टाटा 207 वाहन को बेचने के आरोपी एएसआई जगजीत सिंह ने जहरीला पदार्थ निगल आत्महत्या करने का प्रयास किया। परिजनों ने उसे जगाधरी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। केस दर्ज होने पर आरोपी एएसआई को निलंबित किया जा चुका है।
गोरक्षक दल के सचिन कुमार ने अपनी टीम के साथ 23 दिसंबर 2018 को बिलासपुर में ककडौनी मोड पर पशुओं से भरा टाटा 207 वाहन पकड़ा था। वाहन से तीन पशु बरामद हुए है। इस संबंध में बिलासपुर थाना पुलिस ने पंजाब के जिला बरनाला के गांव धौल निवासी राजेंद्र सिंह, पटियाला जिले के गांव सलेमपुर शेखा व राजविंद्र सिंह पर केस दर्ज किया था।
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पुलिस ने वाहन को कब्जे में लिया था। इस केस के ही निपटारे के बाद इस वाहन को रपट रोजनामचा के अनुसार दो दिसंबर 2023 को यह वाहन को डिस्पोजल के लिए पुलिस लाइन में भेजा गया। वहां से यह वाहन गायब था। मामला एसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने डिस्पोजल वाले वाहनों की वर्तमान स्थिति का पता करने के लिए कमेटी गठित की।
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कमेटी ने जब जांच की तो यह वाहन पीबी-11-सीजे-1664 गायब मिला। कमेटी की जांच में सामने आया कि फरवरी माह में इस वाहन को एएसआई जगजीत सिंह ने बेच दिया है। इसके बाद ही बीते रविवार को जगजीत सिंह पर केस दर्ज किया गया था।
चार साल चले केस में तीनों आरोपी हुए थे बरी
पशु तस्करी मामले में चार साल अदालत में केस चला था। पुलिस कोई ठोस सुबूत अदालत में पेश नहीं पाई। इस पर 22 सितंबर 2022 को अदालत ने आरोपी पुलिस ने पंजाब के जिला बरनाला के गांव धौल निवासी राजेंद्र सिंह, पटियाला जिले के गांव सलेमपुर शेखा व राजविंद्र सिंह को बरी कर दिया था। इस केस में पकड़े गए वाहन की मालिक बलविंद्र कौर अपने वाहन को लेने बिलासपुर थाना में पहुंची। वहां से उसे वाहन नहीं मिला। कई चक्कर काटने के बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसके बाद पुलिस ने उसके वाहन की खोजबीन की।
सदर जगाधरी थाना प्रभारी हवा कौर का कहना है कि शहर के निजी अस्पताल से अंशल टाउन में एएसआई जगजीत सिंह के जहरीला पदार्थ निगलने की सूचना मिली थी। जिस पर वह उनका बयान लेने के लिए अस्पताल गए थे। लेकिन एएसआई आईसीयू में भर्ती है। अभी वह बयान देने की स्थिति में नहीं है। इसलिए उनसे कोई बात नहीं हो पाई है। बयान लेने के बाद मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।