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Yamuna Nagar News: देवधर गांव में नशे का जाल, पुलिस की कार्रवाई का इंतजार
Wed, 16 Sep 2026 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 16 Sep 2026 01:59 AM IST
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देवधर गांव में बिक रहे नशे पर चिंतन करते ग्रामीण। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/प्रतापनगर। खंड छछरौली के गांव देवधर में नशे के बढ़ते कारोबार और स्मैक की घातक लत ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। पुलिस की लगातार अनदेखी से तंग आकर ग्रामीणों को खुद नशा तस्करों के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ा है। पुलिस की ढिलाई से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
गांव देवधर को नशामुक्त बनाने के लिए ग्रामीणों ने बीते 20 अगस्त को महापंचायत का आयोजन किए था। इस महापंचायत में सर्वसम्मति से गांव में नशा बेचने और करने वाले 33 संदिग्ध लोगों की एक सूची तैयार की गई थी। ग्रामीणों ने यह सूची पूरी उम्मीद के साथ स्थानीय पुलिस को सौंपी थी ताकि तस्करों पर शिकंजा कसा जा सके।
पूर्व सरपंच ओमकार, पूर्व सरपंच सलेंद्र और बलिंद्र कुमार के मुताबिक अभी तक पुलिस ने एक भी आरोपी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई से ही गांव को नशामुक्त किए जा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरेआम स्मैक बेचने वाले बेखौफ घूम रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने पिछले दिनों गांव से दो नशा तस्करों को पकड़ा भी था, लेकिन किसी अज्ञात दबाव में आकर बिना कोई कानूनी कार्रवाई किए उसी दिन उन्हें छोड़ दिया।
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पुलिस के इस ढुलमुल रवैये के कारण अब ग्रामीण खुद अपने स्तर पर नशा बेचने वालों पर नजर रखे हुए हैं। समय-समय पर रात में गांव में पहरा भी दे रहे हैं। हालांकि सामाजिक बहिष्कार के डर से करीब पांच से सात तस्कर अब गांव में नहीं दिख रहे हैं, लेकिन आशंका है कि वे बाहर से अपना नेटवर्क चला रहे हैं।
नशा तस्करों के परिजन बोले जो मर्जी चाहे, कार्रवाई करो
गांव में नशे का मकड़जाल इस कदर फैल चुका है कि खुद नशा तस्करों के परिजन भी इससे तंग आ चुके हैं। कम से कम तीन से चार तस्करों के परिजनों ने पंचायत के सामने स्पष्ट कह दिया है कि पुलिस या ग्रामीण उनके बच्चों पर सख्त कार्रवाई करें, वे कोई विरोध नहीं करेंगे।
चोरी की घटनाओं से किसान बेहाल
सरपंच प्रतिनिधि प्रेमचंद शर्मा ने बताया कि स्मैक की लत के कारण गांव में चोरी का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। नशे की खुराक पूरी करने के लिए युवा घरों से सामान चुराने के अलावा किसानों के खेतों में लगे ट्यूबवेलों की तांबे की तार और मोटरें चोरी कर रहे हैं। नशे की समस्या पर अंकुश नहीं लगा तो इसका असर गांव की युवा पीढ़ी और कानून-व्यवस्था दोनों पर पड़ेगा।
ग्रामीणों से मिली सूची के आधार पर थाना पुलिस, एएनसी और सीआईए की टीम संयुक्त रूप से गांव में नजर बनाए हुए है। नशा तस्करों पर नजर रखी जा रही, उन्हें नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा जाएगा। सबूत हाथ में होंगे तो नशा तस्करों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी। - रोहताश, एसएचओ, थाना प्रतापनगर।
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यमुनानगर/प्रतापनगर। खंड छछरौली के गांव देवधर में नशे के बढ़ते कारोबार और स्मैक की घातक लत ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। पुलिस की लगातार अनदेखी से तंग आकर ग्रामीणों को खुद नशा तस्करों के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ा है। पुलिस की ढिलाई से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
गांव देवधर को नशामुक्त बनाने के लिए ग्रामीणों ने बीते 20 अगस्त को महापंचायत का आयोजन किए था। इस महापंचायत में सर्वसम्मति से गांव में नशा बेचने और करने वाले 33 संदिग्ध लोगों की एक सूची तैयार की गई थी। ग्रामीणों ने यह सूची पूरी उम्मीद के साथ स्थानीय पुलिस को सौंपी थी ताकि तस्करों पर शिकंजा कसा जा सके।
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पूर्व सरपंच ओमकार, पूर्व सरपंच सलेंद्र और बलिंद्र कुमार के मुताबिक अभी तक पुलिस ने एक भी आरोपी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई से ही गांव को नशामुक्त किए जा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरेआम स्मैक बेचने वाले बेखौफ घूम रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने पिछले दिनों गांव से दो नशा तस्करों को पकड़ा भी था, लेकिन किसी अज्ञात दबाव में आकर बिना कोई कानूनी कार्रवाई किए उसी दिन उन्हें छोड़ दिया।
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पुलिस के इस ढुलमुल रवैये के कारण अब ग्रामीण खुद अपने स्तर पर नशा बेचने वालों पर नजर रखे हुए हैं। समय-समय पर रात में गांव में पहरा भी दे रहे हैं। हालांकि सामाजिक बहिष्कार के डर से करीब पांच से सात तस्कर अब गांव में नहीं दिख रहे हैं, लेकिन आशंका है कि वे बाहर से अपना नेटवर्क चला रहे हैं।
नशा तस्करों के परिजन बोले जो मर्जी चाहे, कार्रवाई करो
गांव में नशे का मकड़जाल इस कदर फैल चुका है कि खुद नशा तस्करों के परिजन भी इससे तंग आ चुके हैं। कम से कम तीन से चार तस्करों के परिजनों ने पंचायत के सामने स्पष्ट कह दिया है कि पुलिस या ग्रामीण उनके बच्चों पर सख्त कार्रवाई करें, वे कोई विरोध नहीं करेंगे।
चोरी की घटनाओं से किसान बेहाल
सरपंच प्रतिनिधि प्रेमचंद शर्मा ने बताया कि स्मैक की लत के कारण गांव में चोरी का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। नशे की खुराक पूरी करने के लिए युवा घरों से सामान चुराने के अलावा किसानों के खेतों में लगे ट्यूबवेलों की तांबे की तार और मोटरें चोरी कर रहे हैं। नशे की समस्या पर अंकुश नहीं लगा तो इसका असर गांव की युवा पीढ़ी और कानून-व्यवस्था दोनों पर पड़ेगा।
ग्रामीणों से मिली सूची के आधार पर थाना पुलिस, एएनसी और सीआईए की टीम संयुक्त रूप से गांव में नजर बनाए हुए है। नशा तस्करों पर नजर रखी जा रही, उन्हें नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा जाएगा। सबूत हाथ में होंगे तो नशा तस्करों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी। - रोहताश, एसएचओ, थाना प्रतापनगर।