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Yamuna Nagar News: फसलों का नुकसान देख स्कूल भवन में बंद किए पशु
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दड़वा गांव में बेसहारा पशुओं से फसलों को होते नुकसान को देख ग्रामीणों ने उन्हें पुराने स्कूल भवन में बंद कर दिया। करीब 15 पशुओं को बंद कर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन पशुओं ने गांव के किसानों की 20 एकड़ में गेहूं व अन्य फसल बर्बाद कर दी। ये देख पहले ग्रामीणों ने उक्त पशुओं को गोशाला पहुंचाने के लिए नगर निगम अफसरों को सूचना दी, पर टीम नहीं आई। तब मजबूरन पशुओं को भवन में बंद करना पड़ा, ग्रामीण बोले- अगर ये पशु भूख-प्यास से मरते हैं तो निगम के अफसर जिम्मेदार होंगे। मामले में शुक्रवार को ग्रामीणों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। गांव के गुरप्रीत सिंह, जंगशेर, राजबीर, निर्मल सिंह, जगदीप सिंह, नीटू पंडित, शुभम, गुलजार सिंह, बलविंद्र सिंह ने बताया कि करीब 15 दिन से गांव में 15 से 20 बेसहारा पशु आ गए, जो लगातार गांव में लगते खेतों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने लगे। अब तक करीब 20 एकड़ में गेहूं व अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा चुके हैं, जिनमें नरेश, रामपाल, जंगशेर, सतीश, गरुप्रीत, राकेश, रणजीत की फसलें हैं। इस तरह फसलों को होते नुकसान को देख पहले ग्रामीणों की ओर से वार्ड से निवर्तमान पार्षद व नगर निगम अफसरों को सूचना देकर पशुओं को पकड़ गोशाला पहुंचाने की गुहार लगाई गई, पर इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब मजबूरन ग्रामीणों को गांव के ही पुराने स्कूल भवन में पशुओं को बंद करना पड़ा है। उन्होंने चेताया कि यह पशु भूख प्यास से मरते हैं तो इसके लिए सीधे निगम अफसर जिम्मेदार होंगे।
- अगर पशुओं का बंद कर रखा गया है तो पता किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में पशुओं का पकड़कर गोशाला भेजने का कार्य नगर निगम द्वारा किया जा रहा है। इसलिए नगर निगम के संबंधित अफसर से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
- डॉ. सतबीर सैनी, एसडीओ, पशु पालन विभाग।
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यमुनानगर। दड़वा गांव में बेसहारा पशुओं से फसलों को होते नुकसान को देख ग्रामीणों ने उन्हें पुराने स्कूल भवन में बंद कर दिया। करीब 15 पशुओं को बंद कर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन पशुओं ने गांव के किसानों की 20 एकड़ में गेहूं व अन्य फसल बर्बाद कर दी। ये देख पहले ग्रामीणों ने उक्त पशुओं को गोशाला पहुंचाने के लिए नगर निगम अफसरों को सूचना दी, पर टीम नहीं आई। तब मजबूरन पशुओं को भवन में बंद करना पड़ा, ग्रामीण बोले- अगर ये पशु भूख-प्यास से मरते हैं तो निगम के अफसर जिम्मेदार होंगे। मामले में शुक्रवार को ग्रामीणों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। गांव के गुरप्रीत सिंह, जंगशेर, राजबीर, निर्मल सिंह, जगदीप सिंह, नीटू पंडित, शुभम, गुलजार सिंह, बलविंद्र सिंह ने बताया कि करीब 15 दिन से गांव में 15 से 20 बेसहारा पशु आ गए, जो लगातार गांव में लगते खेतों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने लगे। अब तक करीब 20 एकड़ में गेहूं व अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा चुके हैं, जिनमें नरेश, रामपाल, जंगशेर, सतीश, गरुप्रीत, राकेश, रणजीत की फसलें हैं। इस तरह फसलों को होते नुकसान को देख पहले ग्रामीणों की ओर से वार्ड से निवर्तमान पार्षद व नगर निगम अफसरों को सूचना देकर पशुओं को पकड़ गोशाला पहुंचाने की गुहार लगाई गई, पर इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब मजबूरन ग्रामीणों को गांव के ही पुराने स्कूल भवन में पशुओं को बंद करना पड़ा है। उन्होंने चेताया कि यह पशु भूख प्यास से मरते हैं तो इसके लिए सीधे निगम अफसर जिम्मेदार होंगे।
- अगर पशुओं का बंद कर रखा गया है तो पता किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में पशुओं का पकड़कर गोशाला भेजने का कार्य नगर निगम द्वारा किया जा रहा है। इसलिए नगर निगम के संबंधित अफसर से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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- डॉ. सतबीर सैनी, एसडीओ, पशु पालन विभाग।