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ईयर एंडर... जिंदगी पर भारी पड़ी कोरोना की दूसरी लहर, ऑक्सीजन व बेड के लिए भटकते रहे लोग
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सेक्टर-7 स्थित जिमखाना क्लब के बाहर ऑक्सीजन लेने के लिए लाइन में रखे हुए खाली सिलिंडर। फाइल फोटो
- फोटो : Sonipat
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कोरोना के मरीजों के लिए दूसरी लहर इस साल जिंदगी पर भारी पड़ी। मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए ऑक्सीजन व बेड तक के लिए परिजन भटकते रहे। कोरोना का डर इस कदर हावी रहा कि कई निजी अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को भर्ती तक नहीं किया। इलाज के दौरान इस साल कोरोना से 175 मरीजों की मौत हो गई और 13 हजार 60 लोग संक्रमित हो गए थे। कोरोना महामारी से निपटने व स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए विभाग की ओर से कदम उठाए गए। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया, वहीं सरकार की ओर से 11 एंबुलेंस मुहैया कराई गईं। अब तक लोगों को वैक्सीन की 17 लाख 47 हजार 971 डोज लगाई गई हैं।
इस साल अप्रैल में ऑक्सीजन की किल्लत व अस्पतालों में बेड खाली नहीं मिलने के कारण कोरोना के मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ा। वहीं लोगों को अपनों की जिंदगी बचाने के लिए ऑक्सीजन के सिलिंडर भरवाने को लाइन में लगना पड़ा। समय पर ऑक्सीजन मुहैया नहीं होने के कारण परेशान होना पड़ा। दूसरी लहर में ऑक्सीजन के संकट के बीच प्रशासन ने अहम रोल अदा किया। प्रशासन ने ऑक्सीजन बेचने वालों पर निगरानी के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई। साथ ही रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्यों ने घर-घर जाकर जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति की।
मई में शुरू किया था ऑक्सीजन प्लांट
जिला अस्पताल में सात माह पहले 200 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। शहर के रहने वाले प्रोफेसर जोगिंद्र ने अपने पैसे से यह प्लांट लगाया। उस प्लांट से रोजाना 40 ऑक्सीजन सिलिंडर भरे जाते हैं। कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए जिला नागरिक अस्पताल में एक और ऑक्सीजन प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया था। मई में सांसद रमेश कौशिक ने 1000 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट की आधारशिला रखी थी। इसके लिए एचएसआईआईडीसी की ओर से बजट देने का वादा किया गया था। कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत जारी हुए 1.66 करोड़ रुपये से प्लांट लगाया जाएगा।
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मेडिकल कॉलेज में यह हुआ सुधार
ऑक्सीजन की किल्लत से निपटने के लिए बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में 1000 एलपीएम के दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। साथ ही 180 से बढ़ाकर 500 बेड तक ऑक्सीजन आपूर्ति की सुविधा बढ़ाई गई। 50 से बढ़ाकर 100 बेड का आईसीयू तैयार किया गया, ताकि भविष्य में मरीजों को इलाज के दौरान किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं गोहाना के नागरिक अस्पताल में 100 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट को लगाने की तैयारी की जा रही है।
सरकार से मिली थीं 10 एंबुलेंस, खनन विभाग ने दी थी एक एंबुलेंस
जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल 24 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। मरीजों से लेकर गर्भवती को अस्पताल तक पहुंचाया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार ने जून में 10 एंबुलेंस जिला स्वास्थ्य विभाग को सौंपी थीं। साथ ही एक वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस जिला प्रशासन ने खनन विभाग के 30 लाख रुपये से खरीदकर विभाग को सौंपी थी। अब एंबुलेंस का बेड़ा बढ़कर 35 तक पहुंच गया है। ड्राइवर की कमी होने के कारण अधिकतर एंबुलेंस खड़ी रहती हैं।
लोगों को अब तक 17 लाख 47 हजार 971 डोज लगीं
कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था। सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को वैक्सीन लगाने की शुरुआत की गई। अब 18 से ऊपर सभी लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। विभाग की ओर से लोगों को अब तक वैक्सीन की 17 लाख 47 हजार 971 डोज लगाई जा चुकी है। इनमें से 10 लाख 68 हजार 949 लोगों को पहली व 6 लाख 79 हजार 22 लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा चुकी हैं।
वर्जन
कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किए गए हैं। विभाग को सरकार से 11 नई एंबुलेंस मिलीं। जिला अस्पताल में एक ऑक्सीजन प्लांट व मेडिकल कॉलेज में दो ऑक्सीजन प्लांट चालू किए गए। वहीं अब तक लोगों को वैक्सीन की 17 लाख 47 हजार 971 डोज लगाई गईं।
- डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन
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इस साल अप्रैल में ऑक्सीजन की किल्लत व अस्पतालों में बेड खाली नहीं मिलने के कारण कोरोना के मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ा। वहीं लोगों को अपनों की जिंदगी बचाने के लिए ऑक्सीजन के सिलिंडर भरवाने को लाइन में लगना पड़ा। समय पर ऑक्सीजन मुहैया नहीं होने के कारण परेशान होना पड़ा। दूसरी लहर में ऑक्सीजन के संकट के बीच प्रशासन ने अहम रोल अदा किया। प्रशासन ने ऑक्सीजन बेचने वालों पर निगरानी के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई। साथ ही रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्यों ने घर-घर जाकर जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति की।
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मई में शुरू किया था ऑक्सीजन प्लांट
जिला अस्पताल में सात माह पहले 200 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। शहर के रहने वाले प्रोफेसर जोगिंद्र ने अपने पैसे से यह प्लांट लगाया। उस प्लांट से रोजाना 40 ऑक्सीजन सिलिंडर भरे जाते हैं। कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए जिला नागरिक अस्पताल में एक और ऑक्सीजन प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया था। मई में सांसद रमेश कौशिक ने 1000 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट की आधारशिला रखी थी। इसके लिए एचएसआईआईडीसी की ओर से बजट देने का वादा किया गया था। कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत जारी हुए 1.66 करोड़ रुपये से प्लांट लगाया जाएगा।
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मेडिकल कॉलेज में यह हुआ सुधार
ऑक्सीजन की किल्लत से निपटने के लिए बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में 1000 एलपीएम के दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। साथ ही 180 से बढ़ाकर 500 बेड तक ऑक्सीजन आपूर्ति की सुविधा बढ़ाई गई। 50 से बढ़ाकर 100 बेड का आईसीयू तैयार किया गया, ताकि भविष्य में मरीजों को इलाज के दौरान किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं गोहाना के नागरिक अस्पताल में 100 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट को लगाने की तैयारी की जा रही है।
सरकार से मिली थीं 10 एंबुलेंस, खनन विभाग ने दी थी एक एंबुलेंस
जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल 24 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। मरीजों से लेकर गर्भवती को अस्पताल तक पहुंचाया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार ने जून में 10 एंबुलेंस जिला स्वास्थ्य विभाग को सौंपी थीं। साथ ही एक वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस जिला प्रशासन ने खनन विभाग के 30 लाख रुपये से खरीदकर विभाग को सौंपी थी। अब एंबुलेंस का बेड़ा बढ़कर 35 तक पहुंच गया है। ड्राइवर की कमी होने के कारण अधिकतर एंबुलेंस खड़ी रहती हैं।
लोगों को अब तक 17 लाख 47 हजार 971 डोज लगीं
कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था। सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को वैक्सीन लगाने की शुरुआत की गई। अब 18 से ऊपर सभी लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। विभाग की ओर से लोगों को अब तक वैक्सीन की 17 लाख 47 हजार 971 डोज लगाई जा चुकी है। इनमें से 10 लाख 68 हजार 949 लोगों को पहली व 6 लाख 79 हजार 22 लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा चुकी हैं।
वर्जन
कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किए गए हैं। विभाग को सरकार से 11 नई एंबुलेंस मिलीं। जिला अस्पताल में एक ऑक्सीजन प्लांट व मेडिकल कॉलेज में दो ऑक्सीजन प्लांट चालू किए गए। वहीं अब तक लोगों को वैक्सीन की 17 लाख 47 हजार 971 डोज लगाई गईं।
- डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन