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दबंगों के अहंकार की भेंट चढ़ गई कुश्ती : बजरंग पूनिया
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फोटो :40: ओलंपियन बजरंग पूनिया।
सोनीपत। ओलंपियन पहलवान बजरंग पूनिया ने भारतीय कुश्ती महासंघ और सरकार पर मिलीभगत का आरोप लगा उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश डालकर पहलवानों की अनदेखी और भारतीय कुश्ती के गिरते स्तर पर चिंता जताई है। उन्होंने लिखा कि कुश्ती दबंगों के अहंकार की भेंट चढ़ गई।
बजरंग पूनिया ने अपने संदेश में लिखा कि पहले डब्ल्यूएफआई पर तानाशाही थोपी गई, फिर महिला पहलवानों की आवाज को दबाया गया और अब हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि भारतीय पहलवान अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से बाहर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहली ही नहीं अब दूसरी रैंकिंग सीरीज से भी भारतीय पहलवान बाहर हो गए हैं।
भारतीय कुश्ती के भविष्य पर गंभीर सवाल है। बजरंग पूनिया ने लिखा कि सरकार और डब्ल्यूएफआई की मिलीभगत से कुश्ती कुछ दबंगों के अहंकार की भेंट चढ़ गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार का काम खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाना है या उनकी राह में रोड़े अटकाना। जिन पहलवानों ने कड़ी मेहनत कर टूर्नामेंट की तैयारी की थी, उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया गया है।
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बजरंग पूनिया ने चेतावनी दी कि जब तक डब्ल्यूएफआई और नाडा जैसी संस्थाओं पर राजनीति और अहंकार का कब्जा रहेगा, तब तक भारतीय खेलों का दम घुटता रहेगा। उन्होंने खेल प्रेमियों का आह्वान किया कि वह भारतीय कुश्ती और खिलाड़ियों के हित में आवाज उठाएं।
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बजरंग पूनिया ने अपने संदेश में लिखा कि पहले डब्ल्यूएफआई पर तानाशाही थोपी गई, फिर महिला पहलवानों की आवाज को दबाया गया और अब हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि भारतीय पहलवान अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से बाहर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहली ही नहीं अब दूसरी रैंकिंग सीरीज से भी भारतीय पहलवान बाहर हो गए हैं।
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भारतीय कुश्ती के भविष्य पर गंभीर सवाल है। बजरंग पूनिया ने लिखा कि सरकार और डब्ल्यूएफआई की मिलीभगत से कुश्ती कुछ दबंगों के अहंकार की भेंट चढ़ गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार का काम खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाना है या उनकी राह में रोड़े अटकाना। जिन पहलवानों ने कड़ी मेहनत कर टूर्नामेंट की तैयारी की थी, उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया गया है।
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बजरंग पूनिया ने चेतावनी दी कि जब तक डब्ल्यूएफआई और नाडा जैसी संस्थाओं पर राजनीति और अहंकार का कब्जा रहेगा, तब तक भारतीय खेलों का दम घुटता रहेगा। उन्होंने खेल प्रेमियों का आह्वान किया कि वह भारतीय कुश्ती और खिलाड़ियों के हित में आवाज उठाएं।