सोनीपत। मुरथल रोड स्थित मौजीराम धर्मशाला में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का तीसरा दिन रहा। कथा का शुभारंभ बरसाना से कथावाचक आचार्य डाॅ. रोहिताश भारद्वाज ने श्रद्धालुओं के साथ भागवत पूजन करके किया। कथावाचक ने वराह अवतार व कपिल देवहूती के प्रसंग का वर्णन कर श्रद्धालुओं में श्रद्धा का भाव जगाया।
कथावाचक आचार्य रोहिताश भारद्वाज ने सत्य को सर्वश्रेष्ठ धर्म बताया। उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर राक्षसों का अत्याचार बढ़ा तो भगवान श्री हरि ने कई अवतार लेकर उनका संहार किया। हिरण्याक्ष का वध करने के लिए ही भगवान श्री हरि अपने तीसरे वराह अवतार में प्रकट हुए। जब हिरण्याक्ष पृथ्वी को पाताल में ले गया तो विष्णु जी उसका वध कर पृथ्वी को वापस लाए। उन्हाेंने कहा कि वृंदावन कोई तीर्थ स्थली नहीं, अपितु ठाकुरजी की लीला स्थली है। भक्ति को प्रकट करने, मन व इंद्रियाें को वश में करने, परमात्मा को पाने व सनातन संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए श्रीमद्भागवत का स्मरण आवश्यक है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजनों पर नृत्य कर मन को श्री हरि के साथ जोड़ा। कार्यक्रम में मौजीराम कुच्छल, रामनारायण कुच्छल, संजय कुच्छल, प्रमोद गुप्ता, नरेंद्र, सुरेश, दिनेश, विनोद व महेश सहित काफी श्रद्धालु मौजूद रहे।

फोटो 25- सोनीपत के मुरथल रोड स्थित मौजीराम धर्मशाला में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रवचन करते आ