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राशन डिपो पर पहुंच रहा खराब गेहूं, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने लिए सैंपल
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ओल्ड रोहतक रोड स्थित राशन की सरकारी दुकान पर खराब गेहूं मिलने की शिकायत पर जांच करने पहुंचे डीएफए
- फोटो : Sonipat
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राशन की सरकारी दुकानों पर लगातार पहुंच रहे खराब गेहूं के मामले में खाद्य एवं पूर्ति विभाग ने शुक्रवार को ठोस कदम उठाया। डीएफएसई सुरेंद्र अरोड़ा के नेतृत्व में टीम ने राशन की सरकारी दुकानों पर पहुंचकर खराब गेहूं की जांच की और सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए। जिसके बाद संबंधित ठेकेदार को गाड़ी भेजकर खराब गेहूं का उठान करने और बेहतर गुणवत्ता का गेहूं पहुंचाने के निर्देश दिए। डीएफएसई ने पूरे मामले की जांच करते हुए भविष्य में राशन की सरकारी दुकानों पर साफ व बेहतर गुणवत्ता का गेहूं उतर सके, इसके लिए कारगर कदम उठाने की बात भी कही।
ओल्ड रोहतक रोड पर सूरी पेट्रोल पंप वाली गली के सामने स्थित राशन की सरकारी दुकान पर जुलाई माह का बेहद खराब गुणवत्ता का गेहूं उतारा गया था। जिसके खिलाफ सरकारी दुकान संचालक शिवधन मल जैन ने विभाग को शिकायत दी और जल्द से जल्द गेहूं बदलने की मांग की है। लगातार मिल रही शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने न सिर्फ मौके पर पहुंचकर गेहूं की जांच की, बल्कि गेहूं को बदलने के निर्देश देतेे हुए मामले की तह तक पहुंचने की बात कही।
13 कट्टे गेहूं पहुंचा, सभी में मिला खराब
राशन की सरकारी दुकान के संचालक शिवधन मल जैन ने बताया कि उसकी दुकान पर 13 कट्टे गेहूं के उतारे गए थे। जब उन्होंने गेहूं का वितरण करने के लिए इन्हें खोलकर देखा तो गेहूं पूरी तरह से काला पड़ा हुआ था। गेहूं की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि इसे खाने में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था। जिसकी श्किायत संबंधित स्टोर कीपर से की गई। शुरूआत में उन्हें आश्वासन दिया गया कि गेहूं को बदल दिया जाएगा, लेकिन बार-बार कहने के बावजूद गेहूं को नही बदला जा रहा था। शुक्रवार को खाद्य एवं पूर्ति विभाग अधिकारियों ने पहुंचकर गेहूं की जांच की। गुणवत्ता खराब मिलने पर गेहूं बदलवाने के निर्देश जारी किए है।
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बाजरा पहुंचना हुआ शुरू
राशन की सरकारी दुकानों पर लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार से बाजरा पहुंचाना शुरू हो गया है। जिसके बाद राशन की सरकारी दुकान के संचालकों ने राहत की सांस ली है। प्रदेश सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को प्रदेश सरकार द्वारा दो किलोग्राम बाजरा राशन डिपो धारकों के तहत वितरित करने का फैसला किया गया है। आमतौर पर राशन डिपो पर राशन जुलाई माह के पहले सप्ताह तक पहुंच जाता था, परन्तु इस बार जुलाई माह में सिर्फ गेहूं ही राशन डिपो पर पहुंच पाया। बाजरा की आपूर्ति 22 दिनों के बाद शुरू हुई है। समय पर बाजरा न पहुंचने के कारण उपभोक्ताओं के साथ-साथ राशन की सरकारी दुकान चलाने वाले संचालकों को भी परेशानी झेलनी पड़ी थी।
ओल्ड रोहतक रोड स्थित राशन की सरकारी दुकान पर खराब गेहूं उतरने की शिकायत मिली थी। जिसके बाद विभाग के इंस्पेक्टर के साथ मिलकर गेहूं की जांच की गई। जहां गेहूं की गुणवत्ता बेहद खराब मिली। तुरंत प्रभाव से गेहूं को बदलने के निर्देश दिए गए है। राशन की सरकारी दुकानों पर बेहतर गुणवत्ता का राशन पहुंचे, इसके लिए कारगर कदम उठाए जाएंगी। खराब गेहूं किन परिस्थितियों में पहुंचा है, इस पूरे मामले की जांच की जाएगी। इसके लिए अलग से टीम भी गठित की जाएगी।
-सुरेंद्र अरोड़ा, डीएफएससी, सोनीपत
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ओल्ड रोहतक रोड पर सूरी पेट्रोल पंप वाली गली के सामने स्थित राशन की सरकारी दुकान पर जुलाई माह का बेहद खराब गुणवत्ता का गेहूं उतारा गया था। जिसके खिलाफ सरकारी दुकान संचालक शिवधन मल जैन ने विभाग को शिकायत दी और जल्द से जल्द गेहूं बदलने की मांग की है। लगातार मिल रही शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने न सिर्फ मौके पर पहुंचकर गेहूं की जांच की, बल्कि गेहूं को बदलने के निर्देश देतेे हुए मामले की तह तक पहुंचने की बात कही।
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13 कट्टे गेहूं पहुंचा, सभी में मिला खराब
राशन की सरकारी दुकान के संचालक शिवधन मल जैन ने बताया कि उसकी दुकान पर 13 कट्टे गेहूं के उतारे गए थे। जब उन्होंने गेहूं का वितरण करने के लिए इन्हें खोलकर देखा तो गेहूं पूरी तरह से काला पड़ा हुआ था। गेहूं की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि इसे खाने में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था। जिसकी श्किायत संबंधित स्टोर कीपर से की गई। शुरूआत में उन्हें आश्वासन दिया गया कि गेहूं को बदल दिया जाएगा, लेकिन बार-बार कहने के बावजूद गेहूं को नही बदला जा रहा था। शुक्रवार को खाद्य एवं पूर्ति विभाग अधिकारियों ने पहुंचकर गेहूं की जांच की। गुणवत्ता खराब मिलने पर गेहूं बदलवाने के निर्देश जारी किए है।
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बाजरा पहुंचना हुआ शुरू
राशन की सरकारी दुकानों पर लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार से बाजरा पहुंचाना शुरू हो गया है। जिसके बाद राशन की सरकारी दुकान के संचालकों ने राहत की सांस ली है। प्रदेश सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को प्रदेश सरकार द्वारा दो किलोग्राम बाजरा राशन डिपो धारकों के तहत वितरित करने का फैसला किया गया है। आमतौर पर राशन डिपो पर राशन जुलाई माह के पहले सप्ताह तक पहुंच जाता था, परन्तु इस बार जुलाई माह में सिर्फ गेहूं ही राशन डिपो पर पहुंच पाया। बाजरा की आपूर्ति 22 दिनों के बाद शुरू हुई है। समय पर बाजरा न पहुंचने के कारण उपभोक्ताओं के साथ-साथ राशन की सरकारी दुकान चलाने वाले संचालकों को भी परेशानी झेलनी पड़ी थी।
ओल्ड रोहतक रोड स्थित राशन की सरकारी दुकान पर खराब गेहूं उतरने की शिकायत मिली थी। जिसके बाद विभाग के इंस्पेक्टर के साथ मिलकर गेहूं की जांच की गई। जहां गेहूं की गुणवत्ता बेहद खराब मिली। तुरंत प्रभाव से गेहूं को बदलने के निर्देश दिए गए है। राशन की सरकारी दुकानों पर बेहतर गुणवत्ता का राशन पहुंचे, इसके लिए कारगर कदम उठाए जाएंगी। खराब गेहूं किन परिस्थितियों में पहुंचा है, इस पूरे मामले की जांच की जाएगी। इसके लिए अलग से टीम भी गठित की जाएगी।
-सुरेंद्र अरोड़ा, डीएफएससी, सोनीपत