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Sonipat: रौद्र रूप में आई यमुना, एक की मौत, खतरे का निशान के करीब पहुंचा जलस्तर

Tue, 11 Jul 2023 10:05 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 11 Jul 2023 10:05 PM IST
सार

सोनीपत में खतरे का निशान 217 मीटर पर है। पानी का स्तर 216.1 मीटर तक पहुंच चुका है। मिमारपुर के पास फंसे बुजुर्ग को बचा लिया गया है। यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और फसल जलमग्न हैं। यमुना का कटाव रोकने के लिए रेत से भरे 50 हजार कट्टे तैयार हैं।

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water level of Yamuna reaches near danger mark in Sonipat
गांव गढ़ मिरकपुर के पास उफनती यमुना। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सोनीपत में भी यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया 3.60 लाख क्यूसेक पानी यमुना के सोनीपत क्षेत्र में पहुंच गया है। यमुना के बैड के अंदर साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी है। यमुना खतरे के निशान के पास उफन रही है। बुधवार का दिन काफी अहम रहेगा।

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हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पूरा पानी बुधवार तक सोनीपत से दिल्ली की तरफ निकल जाएगा। वहीं गन्नौर के गांव घसौली के पास यमुना के बैड में नाले से भैंस निकालने गए बुजुर्ग की डूबने से मौत हो गई। मिमारपुर के पास टापू पर फंसे बुजुर्ग को निकाल लिया गया। यमुना पर कटाव रोकने के लिए रेत से भरे 50 हजार कट्टे, नाव व अन्य उपकरण तैयार रखे गए हैं।

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दो दिन के अंदर हथिनी कुंड बैराज से यमुना में 3.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके कारण यमुना उफान पर है। मंगलवार को डीसी ललित सिवाच के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला यमुना क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचा। उनके साथ एडीसी अंकिता चौधरी व डीआरओ हरिओम अत्री भी मौजूद रहे।

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शाम को सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर संदीप तनेजा भी यमुना के गढ़ मिरकपुर घाट पर जायजा लिया। उनके साथ एसई आरके बोडवाल, एक्सईएन गुलशन कुमार व आशीष कौशिक भी मौजूद रहे। कटाव होने का डर देख इससे निपटने के लिए प्रशासन ने रेत के करीब 50 हजार कट्टे तैयार करवाए हैं। आवश्यकता पड़ने पर उनका प्रयोग कर कटाव को रोका जा सकेगा। सिंचाई विभाग के अनुसार देर शाम यमुना में साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी था। यह धीरे-धीरे दिल्ली कर तरफ जा रहा है।

सोनीपत के गन्नौर क्षेत्र में उफनती यमुना। संवाद
आसपास के 25 गांव हो सकते है प्रभावित
यमुना क्षेत्र के गांव दहिसरा, भैरा बांकीपुर, खुर्मपुर, मनौली, टोंकी, पबसरा, टांडा, झुंडपुर, जाजल, गढ़मिरकपुर, नांदनौर, टिकौला आदि के ग्रामीणों को प्रशासन ने अलर्ट कर दिया है। हालांकि, यमुना में फिलहाल इतना पानी आने की संभावना नहीं है कि इन गांवों को खाली करवाया जाए, लेकिन आवश्यकता पडऩे पर या अचानक यमुना में ज्यादा पानी छोड़े जाने पर निचाई वाले क्षेत्र में रह रहे लोगों को वहां से हटाया जा सकता है। दहिसरा, भैरा बांकीपुर, खुर्मपुर, मनौली समेत कई गांवों में आदि गांव के पास यमुना बैड में फसल जलमग्न हो चुकी हैं।

भैंस लेकर गए पशुपालन की डूबने से मौत
गन्नौर के गांव घसौली के निकट यमुना नदी के पास भैंसों को चराने लेकर गए बुजुर्ग की डूबने से मौत हो गई। बुजुर्ग के डूबने की सूचना पर गन्नौर प्रशासन व थाना बड़ी पुलिस मौके पर पहुंची। गांव घसौली निवासी बालकिशोर (65) मंगलवार को पशुओं को चराने के लिए गांव के निकट यमुना नदी के पास ले गया था। वहां यमुना से निकलकर बह रहे नाले में भैंस के जाने के बाद उसे निकालने के प्रयास में वह डूब गए। प्रशासनिक अधिकारी व थाना बड़ी इंचार्ज आशु राव मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर बाद बुजुर्ग का शव कुछ ही दूरी पर बरामद कर लिया गया।

टापू पर फंसे बुजुर्ग को बचाया
बारिश व हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना के बढ़े जलस्तर के कारण मिमारपुर गांव के पास बने टापू पर कुछ लोग फंस गए। सूचना मिलते ही डीसी ललित सिवाच के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला मिमारपुर पहुंचा। मौके पर पहुंचकर पता चला कि उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के गांव कुताना का नफीस (65) टापू पर फंसा हुआ है। जिसे निकालने के लिए उपायुक्त ने तुरंत बोट मंगवाई। एक घंटे के भीतर ही बुजुर्ग को टापू से सकुशल निकाल लिया गया। डीसी ललित सिवाच ने इस दौरान यमुना में बढ़े जलस्तर के दृष्टिगत यमुना का निरीक्षण भी किया। उन्होंने मिमारपुर घाट पर भी गंभीरता से पूरी स्थिति का जायजा लिया।


यमुना क्षेत्र में 24 घंटे महत्वपूर्ण है। अबकी बार पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। ऐसे में स्थिति खतरनाक हो सकती है। आसपास के गांवों पर नजर रखी जा रही है। टोंकी गांव में प्रशासन ने टेंट लगा दिए हैं। ग्रामीणों की हर तरह की मदद के लिए प्रशासन तैयार है। -हरिओम अत्री, डीआरओ, सोनीपत

लोगों को कहा गया है कि नदी-नहरों से उचित दूरी बनाए रखें। विशेष रूप से यमुना से दूर रहें। कोई भी व्यक्ति यमुना में उतरने का प्रयास न करें। प्रशासन किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने में सक्षम है। जिला राजस्व विभाग में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया हुआ है। डरने की नहीं बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। -ललित सिवाच, डीसी, सोनीपत

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