{"_id":"6a1edc56ab0ca284810c4017","slug":"under-17-asian-championship-gold-medallist-welcomed-sonipat-news-c-197-1-snp1003-154867-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: अंडर-17 एशियन चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता का स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: अंडर-17 एशियन चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता का स्वागत
Tue, 02 Jun 2026 07:06 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 02 Jun 2026 07:06 PM IST
विज्ञापन
फोटो : सोनीपत के गांव जटोला में एशियन कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर लौटे पहलवान आरुष
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। गांव जटोला के युवा पहलवान आरुष राणा को अंडर-17 एशियन कुश्ती प्रतियोगिता-2026 में स्वर्ण पदक जीतने पर मंगलवार को सम्मानित किया गया। गांव में आयोजित सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, खेल प्रेमियों ने युवा खिलाड़ी को आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं।
आरुष ने वियतनाम के दा नांग शहर में 28 से 31 मई तक आयोजित अंडर-17 एशियन प्रतियोगिता में खेलते हुए पदक जीता। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने देश, प्रदेश और अपने परिवार का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।
आरुष के पिता भी पहलवानी करते थे। उन्हें देखकर ही आरुष ने भी इस खेल को चुना और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। लोगों ने कहा कि आरुष की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कम उम्र में एशियाई स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। ग्रामीणों ने आरुष को फूल-मालाएं पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
विज्ञापन
खरखौदा। गांव जटोला के युवा पहलवान आरुष राणा को अंडर-17 एशियन कुश्ती प्रतियोगिता-2026 में स्वर्ण पदक जीतने पर मंगलवार को सम्मानित किया गया। गांव में आयोजित सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, खेल प्रेमियों ने युवा खिलाड़ी को आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं।
आरुष ने वियतनाम के दा नांग शहर में 28 से 31 मई तक आयोजित अंडर-17 एशियन प्रतियोगिता में खेलते हुए पदक जीता। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने देश, प्रदेश और अपने परिवार का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।
विज्ञापन
आरुष के पिता भी पहलवानी करते थे। उन्हें देखकर ही आरुष ने भी इस खेल को चुना और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। लोगों ने कहा कि आरुष की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कम उम्र में एशियाई स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। ग्रामीणों ने आरुष को फूल-मालाएं पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।