Sonipat: उद्योगों पर बिजली संकट, बिजली निगम ने बढ़ाई डेडलाइन, पहले सप्ताह में मिलेगी राहत
दीपालपुर बिजली घर में खराब ट्रांसफार्मर मुसीबत बन चुका है। बिजली संकट के कारण राई व कुंडली के साढ़े तीन हजार से अधिक उद्योगों पर अधिक मार है। उद्योगपतियों का आरोप है कि बिजली देते नहीं बिल पूरा ले रहे हैं। अब दिल्ली का एक्यूआई बढ़ा तो जेनरेटर भी बंद करने होंगे।
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बिजली संकट झेल रहे सोनीपत के राई व कुंडली क्षेत्र के उद्योगपतियों को एम अक्तूबर को भी राहत नहीं मिलेगी। गांव दीपालपुर बिजली घर (पावर हाउस) में खराब ट्रांसफार्मर को 30 सितंबर तक ठीक नहीं किया जा सकेगा। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश होने के कारण खराब हुए ट्रांसफार्मर के जो पार्ट्स बदले जा रहे थे जब तक वह सूख नहीं जाते तब तक बॉक्स को बंद नहीं किया जा सकता। ऐसे में अक्तूबर के पहले सप्ताह में बिजली सुचारु हो सकेगी। वहीं उद्योगपतियों का आरोप है कि बिजली संकट ने उद्योगों को ठप कर दिया है। राई, कुंडली, नाथूपुर के उद्योगों में 30 से 50 प्रतिशत तक उत्पादन कम हो गया है।
दीपालपुर में 100 मेगा वॉल्ट एंपियर (एमवीए) का ट्रांसफार्मर खराब होने से राई व कुंडली स्थित आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में चार से पांच घंटे तक कट लगाए जा रहे हैं। इससे उद्योगों में न केवल उत्पादन प्रभावित हो रहा है बल्कि उद्योगपतियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी पड़ रहा है।
राई, कुंडली और नाथूपुर-सबौली औद्योगिक क्षेत्रों में छोटी-बड़ी करीब साढ़े तीन हजार औद्योगिक इकाइयां हैं। बिजली कटों से कई फैक्टरियों में जेनरेटर चलाना पड़ता है। 15 दिन पहले राई औद्योगिक क्षेत्र की सभी एसोसिएशनों से संबंधित पदाधिकारियों ने बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता संदीप जैन से मिलकर दो टूक कहा था कि जल्द बिजली संकट का समाधान नहीं हुआ तो वे उद्योगों को बंद कर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
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इस मामले में उन्होंने उद्योगपतियों से 15 दिनों की मोहलत मांगते हुए आश्वासन दिया था कि 30 सितंबर तक बिजली संकट को दूर कर दिया जाएगा और दीपालपुर पावर हाउस के खराब ट्रांसफार्मर को ठीक करवा दिया जाएगा। उद्योगपतियों ने सहमति जताते हुए 15 दिन का समय देकर चेतावनी दी थी कि संकट दूर नहीं हुआ तो वह हड़ताल कर प्रदर्शन करेंगे।
अब जबकि बिजली निगम को दी गई मोहलत आज खत्म हो रही है तो उद्योगपतियों ने बिजली निगम के अधिकारियों से संपर्क किया और बिजली संकट के समाधान की दिशा में किए जा रहे कार्यों के बारे में अपडेट मांगा। इस पर बिजली निगम के अधिकारियों ने पिछले दिनों बारिश का हवाला देते हुए कुछ दिन की और मोहलत मांगी है। ऐसे में उद्योगपतियों में रोष है। उनका कहना है कि बिजली निगम की बहानेबाजी के कारण उनका लगातार नुकसान हो रहा है। उन्हें भारी चपत लग रही है।
बिजली निगम को उद्योगपतियों की समस्या को देखते हुए तुरंत समाधान करना चाहिए था, उसके उलट लगातार समय बढ़ाया जा रहा है। पहले ही उद्योगपतियों के लिए अपने उद्योग बचा पाना मुश्किल हो रहा है। अब ऐसे में बिजली जैसी मूलभूत जरूरत भी पूरी नहीं होगी तो समस्या विकराल हो जाएगी। अब अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो उद्योगपति रोष प्रदर्शन करने के साथ ही फैक्टरी बंद करने को विवश होंगे। -भूपेंद्र चौधरी, प्रधान, समाधान ग्रुप, राई।
बिजली निगम की तरफ से अब फिर से समय बढ़ाने की जानकारी मिली थी। ऐसे में उद्योगपतियों की मुसीबत बढ़ती ही जाएगी। अब एक अक्तूबर से एनजीटी के आदेश भी जारी होंगे। उसमें दिल्ली का एक्यूआई 300 पार होते ही एनसीआर में जेनरेटर बंद करने के आदेश होंगे। ऐसे में जब बिजली के बिना अब जेनरेटर से काम चला लेते है तो वह भी नहीं हो जाएगा। ऐसे में जल्द से जल्द हमारी समस्या का समाधान किया जाना चाहिए। -सुभाष गुप्ता, पदाधिकारी, कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन।
दीपालपुर बिजली निगम के खराब ट्रांसफार्मर को ठीक करने के लिए पार्ट्स लगाए जा चुके हैं। बड़ोदरा की कंपनी के कारिंदे ट्रांसफार्मर को ठीक करने में जुटे हैं। बारिश के कारण पार्ट्स को सूखाने में समय लग रहा है। पाट्र्स सूखाने के बाद बाक्स बंद किए जा सकेंगे। तब तक इंतजार करना होगा। पहले सप्ताह में बिजली व्यवस्था को सुचारु कर दिया जाएगा। -राजेश्वर प्रसाद, कार्यकारी अभियंता, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम, सोनीपत।