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टोक्यो पैरालंपिक : आज एक-दूसरे को चुनौती देंगे गुरु-शिष्य
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धर्मबीर नैन।
- फोटो : Sonipat
विष्णु कुमार
सोनीपत। टोक्यो पैरालंपिक में देश की झोली में पदक डालने के लिए सोनीपत निवासी गुरु-शिष्य बुधवार को एक-दूसरे को कड़ी चुनौती देंगे। एक सितंबर को क्लब थ्रो स्पर्धा में गांव बैंयापुर के अमित सरोहा व गांव भदाना के धर्मबीर नैन के मुकाबले होंगे। खास बात यह है कि दोनों खिलाड़ी एफ-51 क्लब थ्रो इवेंट मेें दोपहर बाद आमने-सामने होंगे।
दोनों ही खिलाड़ियों ने देश की झोली में पदक डालने के लिए कड़ा अभ्यास किया है। गुरु अमित सरोहा जहां तीसरी बार ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, वहीं शिष्य धर्मबीर नैन का यह दूसरा ओलंपिक है। (संवाद)
दल के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं अमित सरोहा
सोनीपत के गांव बैंयापुर निवासी अंतरराष्ट्रीय क्लब थ्रोअर अमित सरोहा सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं। अमित इससे पहले वर्ष 2012 व 2016 पैरालंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और प्रदेश के अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं, जो तीसरी बार पैरालंपिक में हिस्सा लेंगे। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 21 से ज्यादा और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 19 पदक हासिल करने वाले अर्जुन अवॉर्डी अमित सरोहा ने वर्ष 1998 में हॉकी खेलना शुरू किया था। वर्ष 2007 में हुई कार दुर्घटना ने इस खिलाड़ी को न सिर्फ हॉकी से दूर कर दिया, बल्कि उनके सारे सपने ही तोड़कर रख दिए। वर्ष 2009 में अमित को पैरालंपिक खेलों के बारे में जानकारी मिली। जिसके बाद खुद को पैरालंपिक एथलेटिक्स के लिए तैयार किया। अमित बुधवार को देश की झोली में पदक डालने को आतुर हैं।
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ओलंपिक में पदक जीतने के लिए रोजाना पांच घंटे तक बहाया पसीना
टोक्यो पैरालंपिक में पदक जीतने के लिए सोनीपत के भदाना निवासी धर्मबीर नैन ने रोजाना 5 घंटे तक कड़ा अभ्यास किया है। पदक जीतने को आतुर धर्मबीर नैन टोक्यो में अपने गुरु अमित सरोहा के सामने पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। धर्मबीर नैन हादसे के बाद व्हील चेयर पर आ गए थे। वर्ष 2013 में उसने पैरा एथलीट अमित सरोहा के बारे में पढ़ा और उनसे मुलाकात की। वहीं से धर्मबीर के जीवन की भी धारा बदलनी शुरू हो गई। अमित सरोहा को धर्मबीर ने अपना गुरु बनाया और प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया। इसके बाद उनका खेल निखरता चला गया। धर्मबीर नैन के बुलंद हौसले का ही परिणाम है कि वह बुधवार को पैरालंपिक में अपने गुरु अमित सरोहा के सामने चुनौती पेश करने जा रहे हैं।
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सोनीपत। टोक्यो पैरालंपिक में देश की झोली में पदक डालने के लिए सोनीपत निवासी गुरु-शिष्य बुधवार को एक-दूसरे को कड़ी चुनौती देंगे। एक सितंबर को क्लब थ्रो स्पर्धा में गांव बैंयापुर के अमित सरोहा व गांव भदाना के धर्मबीर नैन के मुकाबले होंगे। खास बात यह है कि दोनों खिलाड़ी एफ-51 क्लब थ्रो इवेंट मेें दोपहर बाद आमने-सामने होंगे।
दोनों ही खिलाड़ियों ने देश की झोली में पदक डालने के लिए कड़ा अभ्यास किया है। गुरु अमित सरोहा जहां तीसरी बार ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, वहीं शिष्य धर्मबीर नैन का यह दूसरा ओलंपिक है। (संवाद)
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दल के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं अमित सरोहा
सोनीपत के गांव बैंयापुर निवासी अंतरराष्ट्रीय क्लब थ्रोअर अमित सरोहा सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं। अमित इससे पहले वर्ष 2012 व 2016 पैरालंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और प्रदेश के अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं, जो तीसरी बार पैरालंपिक में हिस्सा लेंगे। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 21 से ज्यादा और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 19 पदक हासिल करने वाले अर्जुन अवॉर्डी अमित सरोहा ने वर्ष 1998 में हॉकी खेलना शुरू किया था। वर्ष 2007 में हुई कार दुर्घटना ने इस खिलाड़ी को न सिर्फ हॉकी से दूर कर दिया, बल्कि उनके सारे सपने ही तोड़कर रख दिए। वर्ष 2009 में अमित को पैरालंपिक खेलों के बारे में जानकारी मिली। जिसके बाद खुद को पैरालंपिक एथलेटिक्स के लिए तैयार किया। अमित बुधवार को देश की झोली में पदक डालने को आतुर हैं।
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ओलंपिक में पदक जीतने के लिए रोजाना पांच घंटे तक बहाया पसीना
टोक्यो पैरालंपिक में पदक जीतने के लिए सोनीपत के भदाना निवासी धर्मबीर नैन ने रोजाना 5 घंटे तक कड़ा अभ्यास किया है। पदक जीतने को आतुर धर्मबीर नैन टोक्यो में अपने गुरु अमित सरोहा के सामने पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। धर्मबीर नैन हादसे के बाद व्हील चेयर पर आ गए थे। वर्ष 2013 में उसने पैरा एथलीट अमित सरोहा के बारे में पढ़ा और उनसे मुलाकात की। वहीं से धर्मबीर के जीवन की भी धारा बदलनी शुरू हो गई। अमित सरोहा को धर्मबीर ने अपना गुरु बनाया और प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया। इसके बाद उनका खेल निखरता चला गया। धर्मबीर नैन के बुलंद हौसले का ही परिणाम है कि वह बुधवार को पैरालंपिक में अपने गुरु अमित सरोहा के सामने चुनौती पेश करने जा रहे हैं।

अमित सरोहा।- फोटो : Sonipat