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बालग्राम पहुंचीं सीजेएम ने लगाई पुलिस को लताड़
सोनीपत,अमरउजाला, ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jul 2014 12:14 AM IST
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बालग्राम राई में गैंगरेप पीड़िता नाबालिग के साथ मारपीट करने तथा उसे बंद रखने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को जहां डीएसपी पूजा डाबला ने बालग्राम का दौरा किया था।
वहीं शनिवार को यहां सीजेएम हर्षाली चौधरी पहुंचीं। उन्होंने पहले तो पुलिसकर्मियों को लताड़ा फिर बालग्राम की कार्यवाहक प्रभारी को निर्देश दिए। इसके बाद पीड़िता के बयान दर्ज किये।
सीजेएम ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी दुराचार पीड़िता को कमरे में बंद नहीं रखा जाएगा और उसकी मां से मिलने के लिए रोका भी नहीं जाएगा। सीजेएम ने इस दौरान बालग्राम का दौरा भी किया। सीजेएम ने चेतावनी दी कि भविष्य में बालग्राम का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है।
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इसलिए भलाई इसी में है कि सभी लोग अपना काम ईमानदारी से करें। उधर, सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि सीजेएम को दिए बयान में पीड़िता ने पुलिसकर्मियों द्वारा पीटे जाने की बात कही है। उसका कहना है कि इससे ऊबकर ही वह भाग गई थी।
सीजेएम ने खुलवाया ताला
जिस समय सीजेएम पहुंचीं उस समय भी पीड़िता के हाउस के बाहर ताला लगा था। ताला लगा देख सीजेएम एकबारगी भड़क गईं और बालग्राम प्रशासन को लताड़ पिलाई। इसके बाद सीजेएम ने ताला खुलवाया और सीधे अंदर पीड़िता के पास पहुंचीं। सीजेएम के साथ पीड़िता की मां भी थीं।
पहले पुलिस फिर प्रभारी
सीजेएम ने अंदर कमरे में पीड़िता के सामने ही ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल को बुलाया। महिला कांस्टेबल को फटकार लगाते हुए सीजेएम ने पूछा कि आपके पास ताला लगाने या मारपीट करने का आर्डर है। महिला कांस्टेबल कुछ नहीं बता पाई। इसके बाद मौके पर बालग्राम प्रभारी अनीता शर्मा को बुलाया गया तथा उनसे पूछा गया कि इन पीड़ितों को बंद करने संबंधी आपके पास आदेश है। इस पर अनीता शर्मा ने इंकार कर दिया। इसके बाद अनीता शर्मा से रिकार्ड मांगा गया।
कार्रवाई करवाने के लिये दिये बयान
सीजेएम ने नोटिस भेज कर रायपुर निवासी पीड़िता को बयान दर्ज कराने के लिये शनिवार के दिन अपने पास बुलाया था, लेकिन किसी कारण से यह नोटिस बालग्राम नहीं पहुंच पाए। इस पर सीजेएम ने बालग्राम में ही पीड़िता के बयान लिए। पीड़िता ने भी पुलिस कर्मियों के खिलाफ पिटाई तथा कमरे में बंद करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई कराने के लिये बयान दिए। सूत्रों के मुताबिक पीड़िता ने पुलिसकर्मियों द्वारा पीटे जाने संबंधी बयान दिया है। उसका कहना था कि इसी पिटाई से ऊबकर वह भाग गई थी।
पहुंची थी महिला अधिकार मंच की पदाधिकारी
बालग्राम राई में महिला अधिकार मंच की सदस्य कमेटी पहुंची। इनके पहुंचने के कुछ देर बाद ही सीजेएम पहुंची थी। मंच की अध्यक्षा पूजा मदान के नेतृत्व में छह सदस्या कमेटी यहां पहुंची थी। पहले तो मंच के पदाधिकारियों को पीड़िता से मिलाने के लिये मना कर दिया गया। इस पर पूजा मदान ने डीसी से मोबाइल फोन पर बात कर स्थिति के बारे में बताया। इस पर डीसी ने अधिकारी भेजने की बात कही। कुछ ही देर में सीजेएम मौके पर पहुंच गईं। सीजेएम के कहने पर इन्हें पीड़िता से मिलने दिया गया। पीड़िता ने मंच की पदाधिकारियों को बताया कि उसे कैद रखा जाता है। बालग्राम से भागने का कारण पूछा गया तो बताया गया कि उसकी पिटाई की जाती है, इसी को बर्दाश्त नहीं कर पाई, इसीलिए भाग गई थी। इस मौके पर महिला अधिकार मंच ने मांग की कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए तथा दोषियों को गिरफ्तार कर नौकरी से बर्खास्त किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता तो महिला अधिकार मंच आंदोलन कर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
वहीं शनिवार को यहां सीजेएम हर्षाली चौधरी पहुंचीं। उन्होंने पहले तो पुलिसकर्मियों को लताड़ा फिर बालग्राम की कार्यवाहक प्रभारी को निर्देश दिए। इसके बाद पीड़िता के बयान दर्ज किये।
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सीजेएम ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी दुराचार पीड़िता को कमरे में बंद नहीं रखा जाएगा और उसकी मां से मिलने के लिए रोका भी नहीं जाएगा। सीजेएम ने इस दौरान बालग्राम का दौरा भी किया। सीजेएम ने चेतावनी दी कि भविष्य में बालग्राम का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है।
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इसलिए भलाई इसी में है कि सभी लोग अपना काम ईमानदारी से करें। उधर, सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि सीजेएम को दिए बयान में पीड़िता ने पुलिसकर्मियों द्वारा पीटे जाने की बात कही है। उसका कहना है कि इससे ऊबकर ही वह भाग गई थी।
सीजेएम ने खुलवाया ताला
जिस समय सीजेएम पहुंचीं उस समय भी पीड़िता के हाउस के बाहर ताला लगा था। ताला लगा देख सीजेएम एकबारगी भड़क गईं और बालग्राम प्रशासन को लताड़ पिलाई। इसके बाद सीजेएम ने ताला खुलवाया और सीधे अंदर पीड़िता के पास पहुंचीं। सीजेएम के साथ पीड़िता की मां भी थीं।
पहले पुलिस फिर प्रभारी
सीजेएम ने अंदर कमरे में पीड़िता के सामने ही ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल को बुलाया। महिला कांस्टेबल को फटकार लगाते हुए सीजेएम ने पूछा कि आपके पास ताला लगाने या मारपीट करने का आर्डर है। महिला कांस्टेबल कुछ नहीं बता पाई। इसके बाद मौके पर बालग्राम प्रभारी अनीता शर्मा को बुलाया गया तथा उनसे पूछा गया कि इन पीड़ितों को बंद करने संबंधी आपके पास आदेश है। इस पर अनीता शर्मा ने इंकार कर दिया। इसके बाद अनीता शर्मा से रिकार्ड मांगा गया।
कार्रवाई करवाने के लिये दिये बयान
सीजेएम ने नोटिस भेज कर रायपुर निवासी पीड़िता को बयान दर्ज कराने के लिये शनिवार के दिन अपने पास बुलाया था, लेकिन किसी कारण से यह नोटिस बालग्राम नहीं पहुंच पाए। इस पर सीजेएम ने बालग्राम में ही पीड़िता के बयान लिए। पीड़िता ने भी पुलिस कर्मियों के खिलाफ पिटाई तथा कमरे में बंद करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई कराने के लिये बयान दिए। सूत्रों के मुताबिक पीड़िता ने पुलिसकर्मियों द्वारा पीटे जाने संबंधी बयान दिया है। उसका कहना था कि इसी पिटाई से ऊबकर वह भाग गई थी।
पहुंची थी महिला अधिकार मंच की पदाधिकारी
बालग्राम राई में महिला अधिकार मंच की सदस्य कमेटी पहुंची। इनके पहुंचने के कुछ देर बाद ही सीजेएम पहुंची थी। मंच की अध्यक्षा पूजा मदान के नेतृत्व में छह सदस्या कमेटी यहां पहुंची थी। पहले तो मंच के पदाधिकारियों को पीड़िता से मिलाने के लिये मना कर दिया गया। इस पर पूजा मदान ने डीसी से मोबाइल फोन पर बात कर स्थिति के बारे में बताया। इस पर डीसी ने अधिकारी भेजने की बात कही। कुछ ही देर में सीजेएम मौके पर पहुंच गईं। सीजेएम के कहने पर इन्हें पीड़िता से मिलने दिया गया। पीड़िता ने मंच की पदाधिकारियों को बताया कि उसे कैद रखा जाता है। बालग्राम से भागने का कारण पूछा गया तो बताया गया कि उसकी पिटाई की जाती है, इसी को बर्दाश्त नहीं कर पाई, इसीलिए भाग गई थी। इस मौके पर महिला अधिकार मंच ने मांग की कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए तथा दोषियों को गिरफ्तार कर नौकरी से बर्खास्त किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता तो महिला अधिकार मंच आंदोलन कर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।