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हर फील्ड में नंबर वन बनने पर पूरा होगा 2047 का सपना : कुलपति
Fri, 23 Jan 2026 02:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 23 Jan 2026 02:24 AM IST
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दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में गोष्ठी में वक्ता विद्यार्थियों को स
सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की शिक्षा और विचारधारा पर विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के दर्शन को वर्तमान से जोड़ते हुए भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने पर विचार रना था।
कार्यक्रम के अध्यक्ष करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 के भारत के विकसित राष्ट्र के सपने को पूरा करने के लिए हर क्षेत्र में अग्रणी बनना होगा। यह बात सभी क्षेत्रों में लागू होती है। हमारा लक्ष्य भारत को तकनीक व ज्ञान का निर्यातक बनाना होना चाहिए।
कुलपति ने कहा कि आज का युग ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है। जो देश ज्ञान, तकनीक और नवाचार में आगे है वही आर्थिक रूप से सशक्त बन सकता है। मुख्य वक्ता समाजसेवी प्रदीप ने कहा कि स्वामी विवेकानंद बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उनके हृदय में आध्यात्मिक चेतना भी शुरू से ही विद्यमान थी।
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कार्यक्रम के अध्यक्ष करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 के भारत के विकसित राष्ट्र के सपने को पूरा करने के लिए हर क्षेत्र में अग्रणी बनना होगा। यह बात सभी क्षेत्रों में लागू होती है। हमारा लक्ष्य भारत को तकनीक व ज्ञान का निर्यातक बनाना होना चाहिए।
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कुलपति ने कहा कि आज का युग ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है। जो देश ज्ञान, तकनीक और नवाचार में आगे है वही आर्थिक रूप से सशक्त बन सकता है। मुख्य वक्ता समाजसेवी प्रदीप ने कहा कि स्वामी विवेकानंद बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उनके हृदय में आध्यात्मिक चेतना भी शुरू से ही विद्यमान थी।
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