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ताजपुर पावर हाउस पर ग्रामीणों का हंगामा
सोनीपत,अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jul 2014 01:08 AM IST
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गांव ताजपुर पावर हाउस पर आसपास के आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने एकत्रित होकर जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप था कि दो दिन से छह गांवों में बिजली संकट गहराया हुआ है। उसके बावजूद निगम के कर्मचारी और अधिकारी उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे।
ग्रामीणों के पहुंचने पर शिफ्ट अटेंडेंट ने अधिकारियों से बात करवाकर लोगों को शंात किया। एसडीओ ने लोगों को आश्वासन दिया कि तीन दिन के अंदर उनकी समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।
गांव मच्छरौला, मेहंदीपुर, नांदनौर, मलिकपुर, मुरथल और ताजपुर में दो दिन से बिजली का घोर संकट बना हुआ है। जिससे तंग आकर सभी गांवों के सैकड़ों लोग सुबह दस बजे ताजपुर पावर हाउस पर एकत्रित हो गए।
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लोगों ने पावर हाउस पर पहुंचते ही वहां की बिजली सप्लाई बंद कर दी। जिससे पावर हाउस से जुड़े अन्य गांवों की सप्लाई भी कट गई और पावर हाउस में भी अंधेरा छा गया। लोगों की भीड़ को देखकर वहां कार्यरत शिफ्ट अटेंडेंट सुरेंद्र पावर हाउस से बाहर जाकर खड़े हो गए। गुस्साएं ग्रामीणों ने वहां जमकर नारेबाजी की।
बाद में कुछ ग्रामीण सुरेंद्र को पावर हाउस के अंदर लेकर आए। सुरेंद्र ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग पर अडिग रहे। लोगों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की जेब गर्म करने वाले लोगों की ही बिजली फाल्ट ठीक किए जाते है। बाद में सुरेंद्र ने लोगों की बातचीत एसडीओ आदर्श कुमार से करवाई। उन्होंने लोगों को तीन दिन में समस्या दूर करने का आश्वासन देकर शांत किया।
जनाब सूख रही है उनकी फसल
एसडीओ को ग्रामीणों ने कहा कि खेतों में बिजली नहीं आने से उनकी धान की फसल भी सूख रही है। जिससे किसानों को काफी नुकसान होने का अंदेशा है। किसानों ने आरोप लगाया कि एक किसान के ट्रांसफार्मर में फॉल्ट आने की स्थिति में सभी खेतों की बिजली काट दी जाती है। एसडीओ ने आश्वासन दिया कि खेतों की बिजली शेडयूल के मुताबिक दी जाएगी।
बिजली के साथ पानी का संकट गहराया
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि सभी गांवों में पानी का घोर संकट खड़ा हो गया है। लोगों को पेयजल के लिए भी भटकना पड़ रहा है। पानी की कमी के साथ ही अन्य उपकरण भी ठप होकर रह गए हैं।
ग्रामीणों के पहुंचने पर शिफ्ट अटेंडेंट ने अधिकारियों से बात करवाकर लोगों को शंात किया। एसडीओ ने लोगों को आश्वासन दिया कि तीन दिन के अंदर उनकी समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।
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गांव मच्छरौला, मेहंदीपुर, नांदनौर, मलिकपुर, मुरथल और ताजपुर में दो दिन से बिजली का घोर संकट बना हुआ है। जिससे तंग आकर सभी गांवों के सैकड़ों लोग सुबह दस बजे ताजपुर पावर हाउस पर एकत्रित हो गए।
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लोगों ने पावर हाउस पर पहुंचते ही वहां की बिजली सप्लाई बंद कर दी। जिससे पावर हाउस से जुड़े अन्य गांवों की सप्लाई भी कट गई और पावर हाउस में भी अंधेरा छा गया। लोगों की भीड़ को देखकर वहां कार्यरत शिफ्ट अटेंडेंट सुरेंद्र पावर हाउस से बाहर जाकर खड़े हो गए। गुस्साएं ग्रामीणों ने वहां जमकर नारेबाजी की।
बाद में कुछ ग्रामीण सुरेंद्र को पावर हाउस के अंदर लेकर आए। सुरेंद्र ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग पर अडिग रहे। लोगों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की जेब गर्म करने वाले लोगों की ही बिजली फाल्ट ठीक किए जाते है। बाद में सुरेंद्र ने लोगों की बातचीत एसडीओ आदर्श कुमार से करवाई। उन्होंने लोगों को तीन दिन में समस्या दूर करने का आश्वासन देकर शांत किया।
जनाब सूख रही है उनकी फसल
एसडीओ को ग्रामीणों ने कहा कि खेतों में बिजली नहीं आने से उनकी धान की फसल भी सूख रही है। जिससे किसानों को काफी नुकसान होने का अंदेशा है। किसानों ने आरोप लगाया कि एक किसान के ट्रांसफार्मर में फॉल्ट आने की स्थिति में सभी खेतों की बिजली काट दी जाती है। एसडीओ ने आश्वासन दिया कि खेतों की बिजली शेडयूल के मुताबिक दी जाएगी।
बिजली के साथ पानी का संकट गहराया
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि सभी गांवों में पानी का घोर संकट खड़ा हो गया है। लोगों को पेयजल के लिए भी भटकना पड़ रहा है। पानी की कमी के साथ ही अन्य उपकरण भी ठप होकर रह गए हैं।