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Sonipat News: मुख्यमंत्री ने जिले की 27 गोशालाओं को दिए 5.60 करोड़ रुपये
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सोनीपत के गांव भटगांव में आयोजित चारा अनुदान राशि चेक वितरण समारोह में पहुंचने पर मुख्यमंत्री
सोनीपत। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को गांव भटगांव की धर्मार्थ गोशाला में चारा अनुदान राशि वितरण समारोह के दौरान जिले की पंजीकृत 27 गोशालाओं को 5 करोड़ 60 लाख रुपये की राशि जारी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भटगांव की दोनों ग्राम पंचायतों तथा धर्मार्थ गोशाला भटगांव को 21-21 लाख रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सवा 11 साल में प्रदेश सरकार पंजीकृत गोशालाओं को 457 करोड़ 41 लाख रुपये की अनुदान राशि दे चुकी है। यह सरकार की गोसंवर्धन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। समारोह में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री ने धर्मार्थ गोशाला में गायों की सेवा की। उन्हें गुड़ खिलाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमाता हमारी संस्कृति, आस्था और संवेदनशीलता की प्रतीक हैं। गोसेवा केवल धार्मिक कार्य नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र की गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करें।
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गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गोसेवा सनातन संस्कृति की जीवंत साधना है। गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति का प्राण है। गाय का संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं बल्कि मानवता, पर्यावरण संतुलन, पारिवारिक सद्भाव, स्वास्थ्य और राष्ट्र समृद्धि से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने भारतीय नस्ल के देसी गोवंश के औषधीय गुणों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज विश्व के कई देश इसका महत्व स्वीकार कर रहे हैं। कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने प्रदेशवासियों से अपील की कि गोशालाओं के साथ-साथ प्रत्येक परिवार कम से कम एक देसी गाय अवश्य पाले। देसी गाय के पालन को बढ़ावा देने के लिए 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
भटगांव धर्मार्थ गोशाला के प्रधान अनिल दहिया ने कहा कि आज सीएम की तरफ से गोसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे उनके कार्यों से गोसेवा की भावना एक जन आंदोलन का रूप ले रही है।
इस मौके पर पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक कृष्णा गहलावत, विधायक निखिल मदान, विधायक देवेंद्र कादियान, विधायक पवन खरखौदा, निवर्तमान मेयर राजीव जैन, मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा, देवेंद्र कौशिक आदि मौजूद रहे।
सरकार ने ली गायों की सुध, समय पर जारी हो राशि
प्रदेशभर के पंजीकृत गोशालाओं से आए प्रतिनिधियों ने गोवंश और गोशालाओं की सुध लेने के लिए सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि चारा आदि के लिए दिया जाने वाला अनुदान समय पर जारी हो। अभी जो उन्हें अनुदान राशि मिली है वह वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही की है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इसी माह के अंत तक चारा अनुदान की और राशि जारी करने का आश्वासन दिया है।
गोवंश हमारी संस्कृति, सभ्यता का हिस्सा है। वर्तमान भाजपा सरकार ने इसके संवर्धन और संरक्षण के लिए जिस तरह से फंड जारी कर रही है यह सराहनीय है। सरकार को गोवंशों की सुरक्षा और इसके अवैध व्यापार पर भी सख्त कदम उठाने चाहिए। -प्रभाती लाल, संरक्षक, चेतन दास गो संवर्धन संस्था, नूंह।
गोशालाओं के लिए पहली बार किसी सरकार ने इतने बड़े पैमाने पर राशि जारी की है। वहां आश्रय लेने वाले गायों व गोवंशों के चारे की व्यवस्था कराई है। बजट में भी इसका प्रावधान किया है। सरकार ने काफी सहूलियत दी है। लोगों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए। अपने गोवंशों को सड़कों पर नहीं छोड़ना चाहिए। -डॉ. पूरन कंबोज, फतेहाबाद।
सरकार ने गोशालाओं के लिए बहुत बेहतर कार्य किया है। इन सबके अलावा सरकार को गोशालाओं में पशुओं के लिए एंबुलेंस की भी व्यवस्था करानी चाहिए क्योंकि कई बार लोग रोड पर पड़े घायल गोवंशों की सूचना उन्हें देते हैं लेकिन पशु एंबुलेंस नहीं होने के कारण घायल गोवंशों को लाना काफी मुश्किल हो जाता है। -विक्रम सिंह, फर्रूखनगर।
गोवंशों के संवर्धन और संरक्षण के लिए सरकार गोशालाओं में पशु चिकित्सकों की टीम भी भेज रही है। इससे बीमार पशुओं का इलाज तो हो जाता है, लेकिन चिकित्सक सप्ताह में एक ही दिन के लिए नियुक्त हैं। एक कदम आगे बढ़ाते हुए सरकार को जिलों में सभी पशु-पक्षियों के इलाज के बने सेंटरों की व्यवस्था भी दुरुस्त करनी चाहिए। -कृष्ण चंद, श्रीकृष्ण गोशाला, रतिया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सवा 11 साल में प्रदेश सरकार पंजीकृत गोशालाओं को 457 करोड़ 41 लाख रुपये की अनुदान राशि दे चुकी है। यह सरकार की गोसंवर्धन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। समारोह में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री ने धर्मार्थ गोशाला में गायों की सेवा की। उन्हें गुड़ खिलाया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमाता हमारी संस्कृति, आस्था और संवेदनशीलता की प्रतीक हैं। गोसेवा केवल धार्मिक कार्य नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र की गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करें।
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गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गोसेवा सनातन संस्कृति की जीवंत साधना है। गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति का प्राण है। गाय का संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं बल्कि मानवता, पर्यावरण संतुलन, पारिवारिक सद्भाव, स्वास्थ्य और राष्ट्र समृद्धि से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने भारतीय नस्ल के देसी गोवंश के औषधीय गुणों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज विश्व के कई देश इसका महत्व स्वीकार कर रहे हैं। कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने प्रदेशवासियों से अपील की कि गोशालाओं के साथ-साथ प्रत्येक परिवार कम से कम एक देसी गाय अवश्य पाले। देसी गाय के पालन को बढ़ावा देने के लिए 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
भटगांव धर्मार्थ गोशाला के प्रधान अनिल दहिया ने कहा कि आज सीएम की तरफ से गोसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे उनके कार्यों से गोसेवा की भावना एक जन आंदोलन का रूप ले रही है।
इस मौके पर पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक कृष्णा गहलावत, विधायक निखिल मदान, विधायक देवेंद्र कादियान, विधायक पवन खरखौदा, निवर्तमान मेयर राजीव जैन, मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा, देवेंद्र कौशिक आदि मौजूद रहे।
सरकार ने ली गायों की सुध, समय पर जारी हो राशि
प्रदेशभर के पंजीकृत गोशालाओं से आए प्रतिनिधियों ने गोवंश और गोशालाओं की सुध लेने के लिए सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि चारा आदि के लिए दिया जाने वाला अनुदान समय पर जारी हो। अभी जो उन्हें अनुदान राशि मिली है वह वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही की है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इसी माह के अंत तक चारा अनुदान की और राशि जारी करने का आश्वासन दिया है।
गोवंश हमारी संस्कृति, सभ्यता का हिस्सा है। वर्तमान भाजपा सरकार ने इसके संवर्धन और संरक्षण के लिए जिस तरह से फंड जारी कर रही है यह सराहनीय है। सरकार को गोवंशों की सुरक्षा और इसके अवैध व्यापार पर भी सख्त कदम उठाने चाहिए। -प्रभाती लाल, संरक्षक, चेतन दास गो संवर्धन संस्था, नूंह।
गोशालाओं के लिए पहली बार किसी सरकार ने इतने बड़े पैमाने पर राशि जारी की है। वहां आश्रय लेने वाले गायों व गोवंशों के चारे की व्यवस्था कराई है। बजट में भी इसका प्रावधान किया है। सरकार ने काफी सहूलियत दी है। लोगों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए। अपने गोवंशों को सड़कों पर नहीं छोड़ना चाहिए। -डॉ. पूरन कंबोज, फतेहाबाद।
सरकार ने गोशालाओं के लिए बहुत बेहतर कार्य किया है। इन सबके अलावा सरकार को गोशालाओं में पशुओं के लिए एंबुलेंस की भी व्यवस्था करानी चाहिए क्योंकि कई बार लोग रोड पर पड़े घायल गोवंशों की सूचना उन्हें देते हैं लेकिन पशु एंबुलेंस नहीं होने के कारण घायल गोवंशों को लाना काफी मुश्किल हो जाता है। -विक्रम सिंह, फर्रूखनगर।
गोवंशों के संवर्धन और संरक्षण के लिए सरकार गोशालाओं में पशु चिकित्सकों की टीम भी भेज रही है। इससे बीमार पशुओं का इलाज तो हो जाता है, लेकिन चिकित्सक सप्ताह में एक ही दिन के लिए नियुक्त हैं। एक कदम आगे बढ़ाते हुए सरकार को जिलों में सभी पशु-पक्षियों के इलाज के बने सेंटरों की व्यवस्था भी दुरुस्त करनी चाहिए। -कृष्ण चंद, श्रीकृष्ण गोशाला, रतिया।

सोनीपत के गांव भटगांव में आयोजित चारा अनुदान राशि चेक वितरण समारोह में पहुंचने पर मुख्यमंत्री

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सोनीपत के गांव भटगांव में आयोजित चारा अनुदान राशि चेक वितरण समारोह में पहुंचने पर मुख्यमंत्री

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