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Sonipat News: अयोध्या नगरी में राम के जन्म से छाया उल्लास
Wed, 24 Sep 2025 12:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 24 Sep 2025 12:01 AM IST
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फोटो 37- सोनीपत के कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में श्रीरामलीला सभा की ओर से आयोजित रामलीला में
सोनीपत। कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में श्री रामलीला सभा व श्री ठाकुरद्वारा पंचायती मंदिर सेवा समिति की ओर से आयोजित रामलीला के मंचन का मंगलवार को दूसरा दिन रहा। वृंदावन से आचार्य सौरभ द्विवेदी, टीवी फेम स्वामी शिव दयाल शर्मा, स्वामी गिरिराज प्रसाद शर्मा के मार्गदर्शन में कलाकारों ने प्रतापभानु चरित्र, रावण दिग्विजय, श्रीराम जन्म की लीला का मंचन किया।
कलाकारों ने दर्शाया कि राजा दशरथ के घर भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्न ने जन्म लिया तो अयोध्या नगरी में उल्लास छा गया। राम जन्म के गीत गाए गए। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। रामलीला के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में श्री रामलीला सभा के पूर्व प्रधान अधिवक्ता राजीव खत्री, अजीत कुमार सर्राफ, संजीव खत्री, श्री गणपति शरणम सोसाइटी के पदाधिकारियों ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता रविप्रकाश अग्रवाल ने की।
इससे पूर्व कलाकारों ने दर्शाया कि रावण के दिग्विजय होने के बाद पृथ्वी पर राक्षसों का अत्याचार बढ़ गया था। ऋषि-मुनियों ने अत्याचार से परेशान होकर भगवान विष्णु से करुण पुकार लगाई। विष्णु जी के वचनबद्ध होने के कारण उन्होंने पृथ्वी पर अवतार लिया।
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कलाकारों ने दिखाया कि राजा दशरथ संतान न होने पर अपने कुलगुरु वशिष्ठ जी से मिलकर अपने दुख का वर्णन करते हैं। गुरु के कहने पर वह पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ अनुष्ठान करते हैं। अग्नि देव प्रकट होकर राजा दशरथ को एक फल देते हैं और कहते हैं कि इसे तीनों रानियों में बराबर बांट देना। आशीर्वाद देते हैं कि उन्हें पुत्र की प्राप्ति होगी। अयोध्या में रामजी का जन्म होने पर उल्लास छा जाता है।
मंच संचालन गजेंद्र मंगला ने किया। रामलीला के दौरान दर्शकों से मंचन संबंधित प्रश्न पूछे गए। पांच विजेताओं को ख्वाहिश फाउंडेशन की ओर से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रधान महेेंद्र मंगला, महेंद्र वर्मा, राजकुमार गोयल, प्रवीण गोयल, अमित कुच्छल, रणबीर सिंह खत्री, अनिल जैन, जितेंद्र कटारिया मौजूद रहे।
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कलाकारों ने दर्शाया कि राजा दशरथ के घर भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्न ने जन्म लिया तो अयोध्या नगरी में उल्लास छा गया। राम जन्म के गीत गाए गए। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। रामलीला के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में श्री रामलीला सभा के पूर्व प्रधान अधिवक्ता राजीव खत्री, अजीत कुमार सर्राफ, संजीव खत्री, श्री गणपति शरणम सोसाइटी के पदाधिकारियों ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता रविप्रकाश अग्रवाल ने की।
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इससे पूर्व कलाकारों ने दर्शाया कि रावण के दिग्विजय होने के बाद पृथ्वी पर राक्षसों का अत्याचार बढ़ गया था। ऋषि-मुनियों ने अत्याचार से परेशान होकर भगवान विष्णु से करुण पुकार लगाई। विष्णु जी के वचनबद्ध होने के कारण उन्होंने पृथ्वी पर अवतार लिया।
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कलाकारों ने दिखाया कि राजा दशरथ संतान न होने पर अपने कुलगुरु वशिष्ठ जी से मिलकर अपने दुख का वर्णन करते हैं। गुरु के कहने पर वह पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ अनुष्ठान करते हैं। अग्नि देव प्रकट होकर राजा दशरथ को एक फल देते हैं और कहते हैं कि इसे तीनों रानियों में बराबर बांट देना। आशीर्वाद देते हैं कि उन्हें पुत्र की प्राप्ति होगी। अयोध्या में रामजी का जन्म होने पर उल्लास छा जाता है।
मंच संचालन गजेंद्र मंगला ने किया। रामलीला के दौरान दर्शकों से मंचन संबंधित प्रश्न पूछे गए। पांच विजेताओं को ख्वाहिश फाउंडेशन की ओर से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रधान महेेंद्र मंगला, महेंद्र वर्मा, राजकुमार गोयल, प्रवीण गोयल, अमित कुच्छल, रणबीर सिंह खत्री, अनिल जैन, जितेंद्र कटारिया मौजूद रहे।

फोटो 37- सोनीपत के कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में श्रीरामलीला सभा की ओर से आयोजित रामलीला में