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सख्ती : एसटीपी बनाया न डब्ल्यूटीपी, पार्श्वनाथ डेवलपर्स पर केस दर्ज

Thu, 08 Dec 2022 06:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 08 Dec 2022 06:00 AM IST
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Strictness: STP not made WTP, case filed against Parshwanath developers
सोनीपत। बिल्डरों की लापरवाही और मनमानी से रेजिडेंट्स बेहाल हैं। प्रशासन से लेकर सरकार तक को शिकायत करने के बाद भी हिदायतों का पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में अब बिल्डरों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। लाइसेंस में तय समझौते के अनुसार रेजिडेंट्स को सुविधाएं मुहैया नहीं करवाने के आरोप में डीटीपी ने शहर के सेक्टर-8, 9 व 10 स्थित पार्श्वनाथ डेवलपर्स के खिलाफ बहालगढ़ थाना में मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस ने हरियाणा डेवलपमेंट एवं रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरिया एक्ट-1975 के तहत पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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डीटीपी सोनीपत ने बहालगढ़ थाना पुलिस को भेजे पत्र में लिखा है कि पार्श्वनाथ डेवलपर्स ने वर्ष 2006 में शहर के सेक्टर-8, 9 व 10 में रिहायशी क्षेत्र विकसित करने के लिए 202.47 एकड़ जमीन बेची गई थी। उस समय लाइसेंस देने से पहले निर्धारित शर्तों को लेकर एक समझौता हुआ था, जिसमें बिल्डर ने रेजिडेंट्स के लिए सभी सुविधाएं देने का वादा किया था। सुविधाएं निर्धारित समय में पूरा किए जाने को लेकर लिखित में दिया गया था, लेकिन अब तक बिल्डर द्वारा निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जा सकी हैं। इनमें सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से लेकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी), सड़क से लेकर बिजली तक की सुविधाएं हैं, जो सुचारू नहीं हो पाई हैं। रेजिडेंट्स को हस्तांतरण से पहले जो सुविधाएं पूरी करने की शर्त थी, जिन्हें पूरा नहीं किया गया। रेजिडेंट्स की शिकायतों पर कई बार अधिकारियों ने निरीक्षण किया, लेकिन हर बार समझौते के अनुसार कोई वादा पूरा नहीं मिला। ऐसे में अब डीटीपी ने मुकदमा दर्ज कराया है।
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समझौते के अनुसार इन शर्तों पर खरा नहीं उतर पाया बिल्डर
-सीवरेज लाइन बिछा दी, लेकिन कनेक्टिविटी नहीं की। पार्श्वनाथ डेवलपर्स के रेजिडेंट्स ने आरोप लगाया है कि कहने को तो बिल्डर ने सीवरेज लाइन बिछा दी, लेकिन आज तक भी उसे मुख्य लाइन से कनेक्ट नहीं किया गया है। इसी तरह से भवनों की आंतरिक सीवरेज लाइन भी बहुत जगह से बंद हैं और सीवरेज से नहीं जुड़ी हैं।
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- वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की सुविधा मुहैया करवाने का वादा था, लेकिन प्लांट का निर्माण नहीं करवाया गया है। क्षेत्र में पानी में 1500 टीडीएस है। यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
-डीजी सेट से बिजली उपलब्ध करवाई गई है। बिजली कनेक्शन आज तक नहीं मिला है। बिजली लाइन तक ठीक से काम नहीं कर रही। यही कारण है कि विद्युत निगम ने बिजली कनेक्शन नहीं दिया है।
-बिल्डर ने कोई सामुदायिक भवन नहीं बनाया। समझौते में सामुदायिक केंद्र निर्मित करने की बात कही गई है।
-सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनाया गया है। जो सीवरेज सिस्टम मौजूद है उसकी सफाई समय पर नहीं होने के कारण हर समय बंद रहती है।
-सडक़ों के निर्माण की बात कही गई थी, उनमें से अधिकतर सड़क नहीं है।
-कॉलोनी में कुछ बिंदुओं पर आंतरिक सडक़ की स्थिति के निशान तक नहीं है। इसके अलावा पार्श्वनाथ बिल्डर ने पार्क या अन्य खुला मैदान मुहैया नहीं करवाया है, जिसके कारण रेजिडेंट्स के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है।
-स्ट्रीट लाइटें लगा दी गई हैं, लेकिन ये ठीक से काम नहीं कर रही। कई बार शिकायत के बावजूद ध्यान नहीं दिया गया, जिससे अब स्ट्रीट लाइट भी जर्जर होने लगी हैं।

डीटीपी की तरफ से मिले पत्र के आधार पर पार्श्वनाथ बिल्डर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में गहनता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ऋषिकांत, थाना प्रभारी, बहालगढ़
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