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निगम 6 हजार रुपये में जमीन देने को तैयार, डेयरी संचालकों ने 3 हजार में मांगी
ब्यूरो अमर उजाला/ सोनीपत
Updated Thu, 01 Jun 2017 12:24 AM IST
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निगम आयुक्त की मीटिंग के बाद नगर निगम कार्यालय में उपस्थित डेयरी संचालक
- फोटो : amarujala beuro
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डेयरियां शहर से बाहर निकालने के लिए हरसाना में बनाए जा रहे डेयरी कॉम्पलेक्स में नगर निगम ने प्लाट के रेट छह हजार रुपये गज रखने की बात कही। इस पर डेयरी संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए और वह केवल तीन हजार रुपये प्रति गज में जमीन लेने के लिए तैयार हैं। निगम आयुक्त के साथ मीटिंग में डेयरी संचालकों ने साफ कर दिया कि कॉम्पलेक्स में छह हजार रुपये प्रति गज जमीन काफी मांगी है।
2001 में तैयार हुई थी योजना
शहर को स्वच्छ बनाने के बनाने के लिए इनेलो सरकार ने वर्ष 2001 में डेयरी शिफ्टिंग योजना तैयार की थी। इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए शहर से हरसाना में 16 एकड़ व गांव देवडू़ में 9.5 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया। डेयरियां स्थापित करने के लिए डेयरी संचालकों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे, लेकिन उसके लिए आवेदन नहीं आने पर मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अब शहर में सीवर जाम की समस्या के समाधान के लिए मंत्री कविता जैन के निर्देश के बाद डेयरियों को शहर से बाहर करने की दिशा में काम शुरू किया गया है। इसको लेकर ही निगम आयुक्त वीरेंद्र हुड्डा के साथ बुधवार को डेयरी संचालकों की बैठक हुई। इसमें नगर निगम आयुक्त वीरेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरसाना व देवड़ू में स्थापित होने वाले डेयरी काम्पलेक्स में गोबर गैस प्लांट, सीवर, पेयजल, पशु अस्पताल व आवागमन करने के लिए 30 फीट का रास्ता रहेगा। इसके साथ ही निगम की ओर से डेयरी संचालकों को छह हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से जमीन दी जाएगी। डेयरी संचालकों ने इस पर ऐतराज जताया और वे तीन हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से आसान किस्तों पर प्लॉट लेने के लिए तैयार होने की बात कही। इससे निगम व डेयरी संचालकों के बीच बात नहीं बन सकी। इस मौके पर अवतार सिंह, दर्शन चावला जमालपुरा, श्यामलाल, अत्तर सिंह, सुरेश बत्रा, सतीश मिगलानी आदि डेयरी संचालक मौजूद रहे।
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2001 में तैयार हुई थी योजना
शहर को स्वच्छ बनाने के बनाने के लिए इनेलो सरकार ने वर्ष 2001 में डेयरी शिफ्टिंग योजना तैयार की थी। इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए शहर से हरसाना में 16 एकड़ व गांव देवडू़ में 9.5 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया। डेयरियां स्थापित करने के लिए डेयरी संचालकों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे, लेकिन उसके लिए आवेदन नहीं आने पर मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अब शहर में सीवर जाम की समस्या के समाधान के लिए मंत्री कविता जैन के निर्देश के बाद डेयरियों को शहर से बाहर करने की दिशा में काम शुरू किया गया है। इसको लेकर ही निगम आयुक्त वीरेंद्र हुड्डा के साथ बुधवार को डेयरी संचालकों की बैठक हुई। इसमें नगर निगम आयुक्त वीरेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरसाना व देवड़ू में स्थापित होने वाले डेयरी काम्पलेक्स में गोबर गैस प्लांट, सीवर, पेयजल, पशु अस्पताल व आवागमन करने के लिए 30 फीट का रास्ता रहेगा। इसके साथ ही निगम की ओर से डेयरी संचालकों को छह हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से जमीन दी जाएगी। डेयरी संचालकों ने इस पर ऐतराज जताया और वे तीन हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से आसान किस्तों पर प्लॉट लेने के लिए तैयार होने की बात कही। इससे निगम व डेयरी संचालकों के बीच बात नहीं बन सकी। इस मौके पर अवतार सिंह, दर्शन चावला जमालपुरा, श्यामलाल, अत्तर सिंह, सुरेश बत्रा, सतीश मिगलानी आदि डेयरी संचालक मौजूद रहे।
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