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Sonipat News: वर्ष 2024 में पहली बार 900 से नीचे गिरा लिंगानुपात, फिर चिंताजनक बनी स्थिति
Thu, 26 Dec 2024 01:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 26 Dec 2024 01:01 AM IST
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सोनीपत। लिंगानुपात (एसआरबी) के मामले में वर्षभर सोनीपत का स्थान 900 से ऊपर रहा। नवंबर के बाद सरकार की ओर से एसआरबी सूची जारी की गई। इसमें इस वर्ष पहली बार लिंगानुपात 898 दर्ज किया गया। 11 माह की रिपोर्ट में जिले का लिंगानुपात 889 दर्ज किया गया है। जिले के लिंगानुपात में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इस बार प्रदेश में सोनीपत जिले का लिंगानुपात 15वें स्थान पर लुढ़क गया है।
इसी साल जनवरी तक जिला का लिंगानुपात 971 पर खड़ा था। मगर 11 महीनों में लिंगानुपात 900 से भी नीचे गिर गया है। यह स्थिति एक बार फिर से चिंतित करने वाली बन गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम को सार्थक करने को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। यह दावे सिर्फ कागजों तक सिमटकर ही रह जाते हैं। जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। सोनीपत का लिंगानुपात वर्ष 2020 में 932 था जो वर्ष 2021 में 888 रह गया। यहां 44 अंतर की गिरावट दर्ज की गई जो बड़ा अंतर रहा था। इसके बाद वर्ष 2022 में लिंगानुपात में कुछ सुधार हुआ और 10 पायदान बढ़कर 898 दर्ज किया गया था। अब वर्ष 2023 में 894 दर्ज कर रखा है। यह आंकड़ा सरकार, प्रशासन व समाज के लिए चिंताजनक विषय है। यदि सभी के प्रयास से इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले भविष्य में लड़कियों की संख्या में लगातार कमी होती रहेगी। कहने को तो बेटी बचाने के नारे गली-गली लग रहे हैं, लेकिन जिले में बिन जन्मी बेटियों को मारने का सिलसिला जारी है। इसका नतीजा है कि जिले में लिंगानुपात लगातार घट रहा है।
वर्ष 2024 में बच्चों ने लिया जन्म
माह बेटियां बेटे लिंगानुपात
जनवरी 1064 1096 971
फरवरी 948 1017 952
मार्च 843 1014 913
अप्रैल 831 908 914
मई 769 857 911
जून 755 868 905
जुलाई 985 1109 902
अगस्त 1104 1222 902
सितंबर 1097 1185 905
अक्तूबर 1120 1297 900
नवंबर 1048 1189 898
इन जिलों का 900 से ज्यादा रहा लिंगानुपात
प्रदेश में यमुनानगर जिले का लिंगानुपात सबसे ज्यादा 939 दर्ज किया गया। उसके बाद सिरसा का 936, करनाल व फतेहाबाद का 929, नूंह का 926, भिवानी का 914, पंचकूला का 912, जींद का 911, हिसार का 910, पलवल व कैथल का 909, कुरुक्षेत्र व अंबाला का 908, झज्जर जिले का लिंगानुपात दर्ज किया गया।
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पानीपत-सोनीपत का लिंगानुपात भी 900 से नीचे
वर्ष 2015 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत की धरती से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की। इसके बाद पूरे राज्य में जन जागरूकता अभियान और लड़कियों के लिए कई योजनाएं शुरू की गई। उसके बाद भी पानीपत जिले का लिंगानुपात 900 से कम रहा। पानीपत जिले का लिंगानुपात 896 दर्ज किया गया। वहीं, सोनीपत का लिंगानुपात 898 दर्ज किया गया। फरीदाबाद का 897, महेंद्रगढ़ का लिंगानुपात 892, रोहतक का 884, गुरुग्राम का 883, चरखीदादरी का 870 और रेवाड़ी में सबसे कम 867 लिंगानुपात दर्ज किया गया।
लिंगानुपात में सुधार करने के लिए काफी प्रयास किया। उसके बावजूद नवंबर में लिंगानुपात पहली बार 900 से कम रहा है। इस आंकड़े को सुधारने के बाद बेहतर कदम उठाए जाएंगे। गर्भ में भ्रूण जांच कराने वालों पर लगातार निगरानी की जा रही है।
- डॉ. सुमित कौशिक, नोडल अधिकारी, पीसी-पीएनडीटी, स्वास्थ्य विभाग
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इसी साल जनवरी तक जिला का लिंगानुपात 971 पर खड़ा था। मगर 11 महीनों में लिंगानुपात 900 से भी नीचे गिर गया है। यह स्थिति एक बार फिर से चिंतित करने वाली बन गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम को सार्थक करने को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। यह दावे सिर्फ कागजों तक सिमटकर ही रह जाते हैं। जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। सोनीपत का लिंगानुपात वर्ष 2020 में 932 था जो वर्ष 2021 में 888 रह गया। यहां 44 अंतर की गिरावट दर्ज की गई जो बड़ा अंतर रहा था। इसके बाद वर्ष 2022 में लिंगानुपात में कुछ सुधार हुआ और 10 पायदान बढ़कर 898 दर्ज किया गया था। अब वर्ष 2023 में 894 दर्ज कर रखा है। यह आंकड़ा सरकार, प्रशासन व समाज के लिए चिंताजनक विषय है। यदि सभी के प्रयास से इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले भविष्य में लड़कियों की संख्या में लगातार कमी होती रहेगी। कहने को तो बेटी बचाने के नारे गली-गली लग रहे हैं, लेकिन जिले में बिन जन्मी बेटियों को मारने का सिलसिला जारी है। इसका नतीजा है कि जिले में लिंगानुपात लगातार घट रहा है।
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वर्ष 2024 में बच्चों ने लिया जन्म
माह बेटियां बेटे लिंगानुपात
जनवरी 1064 1096 971
फरवरी 948 1017 952
मार्च 843 1014 913
अप्रैल 831 908 914
मई 769 857 911
जून 755 868 905
जुलाई 985 1109 902
अगस्त 1104 1222 902
सितंबर 1097 1185 905
अक्तूबर 1120 1297 900
नवंबर 1048 1189 898
इन जिलों का 900 से ज्यादा रहा लिंगानुपात
प्रदेश में यमुनानगर जिले का लिंगानुपात सबसे ज्यादा 939 दर्ज किया गया। उसके बाद सिरसा का 936, करनाल व फतेहाबाद का 929, नूंह का 926, भिवानी का 914, पंचकूला का 912, जींद का 911, हिसार का 910, पलवल व कैथल का 909, कुरुक्षेत्र व अंबाला का 908, झज्जर जिले का लिंगानुपात दर्ज किया गया।
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पानीपत-सोनीपत का लिंगानुपात भी 900 से नीचे
वर्ष 2015 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत की धरती से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की। इसके बाद पूरे राज्य में जन जागरूकता अभियान और लड़कियों के लिए कई योजनाएं शुरू की गई। उसके बाद भी पानीपत जिले का लिंगानुपात 900 से कम रहा। पानीपत जिले का लिंगानुपात 896 दर्ज किया गया। वहीं, सोनीपत का लिंगानुपात 898 दर्ज किया गया। फरीदाबाद का 897, महेंद्रगढ़ का लिंगानुपात 892, रोहतक का 884, गुरुग्राम का 883, चरखीदादरी का 870 और रेवाड़ी में सबसे कम 867 लिंगानुपात दर्ज किया गया।
लिंगानुपात में सुधार करने के लिए काफी प्रयास किया। उसके बावजूद नवंबर में लिंगानुपात पहली बार 900 से कम रहा है। इस आंकड़े को सुधारने के बाद बेहतर कदम उठाए जाएंगे। गर्भ में भ्रूण जांच कराने वालों पर लगातार निगरानी की जा रही है।
- डॉ. सुमित कौशिक, नोडल अधिकारी, पीसी-पीएनडीटी, स्वास्थ्य विभाग

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद