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नियम 134ए : बच्चों के दाखिले के लिए अभिभावकों ने दो घंटे तक दिया धरना
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शिक्षा के अधिकार के लिए अभिभावकों के संघर्ष को मजबूती देते धरनारत बच्चे। संवाद
- फोटो : Sonipat
नियम 134ए के तहत पात्र विद्यार्थियों के दाखिला न होने से खफा अभिभावकों ने वीरवार को आंबेडकर पार्क के बाहर दो घंटे तक सांकेतिक धरना दिया। जिसकी अध्यक्षता छात्र अभिभावक संघ की उपाध्यक्ष प्रवेश कुमारी ने की। इस दौरान अभिभावकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आंबेडकर पार्क में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यातिथि सांसद रमेश कौशिक के सामने अभिभावकों ने अपनी मांगें रखीं। जिस पर सांसद ने डीसी ललित सिवाच को मामले का समाधान करने के निर्देश दिए। हालांकि कुछ देर बाद उपायुक्त भी बिना कोई बात कहे कार्यक्रम समाप्त होते ही चले गए। जिससे अभिभावकों में रोष बना रहा। प्रवेश कुमारी ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। भले ही सरकार ने दूसरी कक्षा से नियम 134ए को बहाल कर दिया हो, लेकिन हर साल एक कक्षा भी खत्म करने की बात कही है। हमारी सरकार से मांग है कि नियम 134ए को पुराने नियमों के अनुसार ही लागू किया जाए, ताकि बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिल सके।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले शैक्षणिक सत्र के बीच में नियम 134ए के तहत दाखिले करवाने के लिए प्रक्रिया शुरू की। सरकार व शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार अभिभावकों ने पुराने स्कूलों से अपने बच्चों के विद्यालय छोड़ने के प्रमाणपत्र (एसएलसी) निकलवा लिए, लेकिन निजी स्कूलों ने उन्हें नियम 134ए के तहत दाखिला देने से इनकार कर दिया। 16 दिसंबर 2021 को घोषित हुए मूल्यांकन परीक्षा के परिणाम के बाद से अभिभावक अपने बच्चों को दाखिला दिलवाने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा। निजी स्कूल दाखिला नहीं दे रहे और प्रशासन व शिक्षा विभाग चुप्पी साधे बैठा है। खामियाजा अभिभावकों व बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक पात्र विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
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हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर धरने पर बैठे बच्चे
आंबेडकर पार्क के बाहर सांकेतिक धरने पर बैठे अभिभावकों के संघर्ष को मजबूती देते हुए नन्हे बच्चे भी धरने में शामिल हुए। ये बच्चे दाखिले की मांग को लेकर स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर शिक्षा का अधिकार मांगते रहे। नन्हे बच्चों ने अभिभावकों के साथ सरकार, शिक्षा विभाग व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विद्यार्थियों ने सरकार से मांग की कि सभी पात्र विद्यार्थियों का अलाट स्कूल में दाखिला दिलवाया जाए।
1100 विद्यार्थी आज भी दाखिले के लिए भटक रहे
प्रवेश कुमारी ने बताया कि सरकार व शिक्षा विभाग की गलत नीतियों के चलते ही जिले मेें आज भी करीब 1100 विद्यार्थी दाखिले के लिए भटक रहे हैं। 9वीं और 11वीं कक्षा के पंजीकरण बंद होने के कारण काफी विद्यार्थियों का साल बर्बादी हो चुका है। हमारी सरकार से मांग है कि ऐसे विद्यार्थियों को अगली कक्षा कक्षा में प्रमोट करते हुए अलाट स्कूल में ही दाखिला दिलवाया जाए।
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आंबेडकर पार्क में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यातिथि सांसद रमेश कौशिक के सामने अभिभावकों ने अपनी मांगें रखीं। जिस पर सांसद ने डीसी ललित सिवाच को मामले का समाधान करने के निर्देश दिए। हालांकि कुछ देर बाद उपायुक्त भी बिना कोई बात कहे कार्यक्रम समाप्त होते ही चले गए। जिससे अभिभावकों में रोष बना रहा। प्रवेश कुमारी ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। भले ही सरकार ने दूसरी कक्षा से नियम 134ए को बहाल कर दिया हो, लेकिन हर साल एक कक्षा भी खत्म करने की बात कही है। हमारी सरकार से मांग है कि नियम 134ए को पुराने नियमों के अनुसार ही लागू किया जाए, ताकि बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिल सके।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले शैक्षणिक सत्र के बीच में नियम 134ए के तहत दाखिले करवाने के लिए प्रक्रिया शुरू की। सरकार व शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार अभिभावकों ने पुराने स्कूलों से अपने बच्चों के विद्यालय छोड़ने के प्रमाणपत्र (एसएलसी) निकलवा लिए, लेकिन निजी स्कूलों ने उन्हें नियम 134ए के तहत दाखिला देने से इनकार कर दिया। 16 दिसंबर 2021 को घोषित हुए मूल्यांकन परीक्षा के परिणाम के बाद से अभिभावक अपने बच्चों को दाखिला दिलवाने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा। निजी स्कूल दाखिला नहीं दे रहे और प्रशासन व शिक्षा विभाग चुप्पी साधे बैठा है। खामियाजा अभिभावकों व बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक पात्र विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
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हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर धरने पर बैठे बच्चे
आंबेडकर पार्क के बाहर सांकेतिक धरने पर बैठे अभिभावकों के संघर्ष को मजबूती देते हुए नन्हे बच्चे भी धरने में शामिल हुए। ये बच्चे दाखिले की मांग को लेकर स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर शिक्षा का अधिकार मांगते रहे। नन्हे बच्चों ने अभिभावकों के साथ सरकार, शिक्षा विभाग व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विद्यार्थियों ने सरकार से मांग की कि सभी पात्र विद्यार्थियों का अलाट स्कूल में दाखिला दिलवाया जाए।
1100 विद्यार्थी आज भी दाखिले के लिए भटक रहे
प्रवेश कुमारी ने बताया कि सरकार व शिक्षा विभाग की गलत नीतियों के चलते ही जिले मेें आज भी करीब 1100 विद्यार्थी दाखिले के लिए भटक रहे हैं। 9वीं और 11वीं कक्षा के पंजीकरण बंद होने के कारण काफी विद्यार्थियों का साल बर्बादी हो चुका है। हमारी सरकार से मांग है कि ऐसे विद्यार्थियों को अगली कक्षा कक्षा में प्रमोट करते हुए अलाट स्कूल में ही दाखिला दिलवाया जाए।

आंबेडकर पार्क के बाहर सांकेतिक धरने पर बैठे अभिभावक। संवाद- फोटो : Sonipat